तरंग (भौतिक विज्ञान)

Total Questions: 35

1. निम्न में से किसकी तरंग दैर्ध्य सबसे छोटी है? [RRB NTPC CBT-II (10/05/2022) Shift1]

Correct Answer: (b) गामा किरणें
Solution:
  • गामा किरणें। सबसे लंबी तरंग दैर्ध्य से सबसे छोटी तरंग दैर्ध्य तक - रेडियो तरंगे माइक्रोवेव, इन्फ्रारेड, ऑप्टिकल, पराबैंगनी, एक्स-रे और गामा किरणें।
  • एक्स-रे विल्हेम कॉनराड रोएंटजेन द्वारा खोज किया गया।
  • गामा किरणें -पॉल विलार्ड द्वारा खोजा गया। अवरक्त किरणे (इन्फ्रारेड किरणें) सर फ्रेडरिक विलियम हर्षोल द्वारा खोज की गईं।
  • तरंग दैर्ध्य का क्रम
    • विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम में तरंग दैर्ध्य बढ़ने के क्रम में तरंगें इस प्रकार हैं:
    • गामा किरणें (सबसे छोटी: < 0.01 nm)
    • एक्स-किरणें (0.01 nm - 10 nm)
    • पराबैंगनी किरणें (10 nm - 400 nm)
    • दृश्य प्रकाश (400 nm - 700 nm)
    • अवरक्त किरणें
    • माइक्रोवेव
    • रेडियो तरंगें (सबसे लंबी: किलोमीटर तक)
  • क्यों सबसे छोटी?
    • तरंग दैर्ध्य (λ) और आवृत्ति (f) का संबंध v = fλ से है, जहाँ v प्रकाश की गति है।
    • उच्च आवृत्ति वाली गामा किरणें (10^{19} Hz से अधिक) सबसे छोटी λ रखती हैं।
    • इससे उनकी ऊर्जा (E = hf) भी सबसे अधिक होती है।

2. निम्न में से कौन सा ग्रीक अक्षर तरंगदैर्ध्य को निरूपित करता है? [RRB NTPC CB-II (17/06/2022) Shift1]

Correct Answer: (d) लैम्डा
Solution:
  • लैम्डा। तरंग दैर्ध्य इसे तरंग के दो क्रमिक शिखरों या गर्तों के बीच की दूरी के रूप में परिभाषित किया जाता है।
  • दृश्यमान प्रकाश की तरंगदैर्ध्य 400 nm से 700 nm तक होती है।
  • अल्फा- यह भौतिक और रसायन विज्ञान में विभिन्न अवधारणाओं का प्रतिनिधित्व करता है,
  • जिसमें अल्फा विकिरण, कोणीय त्वरण, अल्फा कण, अल्फा कार्बन शामिल हैं।
  • बीटा इसका उपयोग गणित में चर और गुणांक के रूप में किया जाता है।
  • डेल्टा यह परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करता है
  • लेकिन इसका उपयोग भौगोलिक विशेषताओं, कणों और व्युत्पन्न संकेतन में भी किया जाता है।
  • लैम्ब्डा का अर्थ
    • तरंगदैर्ध्य दो क्रमागत तरंगशीर्षों या गर्तों के बीच की दूरी है।
    • इसे ग्रीक अक्षर λ (लैम्ब्डा) से दर्शाया जाता है। सूत्र λ = v/f में v तरंग की गति और f आवृत्ति है।
  • अन्य ग्रीक प्रतीक
    • अक्षर -प्रतीक- उपयोग
    • लैम्ब्डा -λ -तरंगदैर्ध्य
    • ओमेगा- ω -कोणीय आवृत्ति
    • म्यू- μ- घर्षण गुणांक
    • थीटा- θ- कोण
  • नोट:
    • प्रतियोगी परीक्षाओं में विकल्पों में λ सही उत्तर होता है।
    • यह सभी प्रकार की तरंगों (ध्वनि, प्रकाश) के लिए प्रयोग होता है।
    • यह चित्र तरंगदैर्ध्य को λ के साथ स्पष्ट दर्शाता है।

3. अनुप्रस्थ तरंगें क्या हैं? [RRB NTPC CBT-1 (11/02/2021) Morning]

Correct Answer: (d) इन तरंगों में माध्यम के कण तरंगों के संचरण की दिशा के लंबवत कंपन करते हैं।
Solution:
  • अनुप्रस्थ तरंगों के उदाहरण -पानी पर सतही तरंगें, भूकंपीय S (द्वितीयक) तरंगें, और विद्युत चुम्बकीय (रेडियो एवं प्रकाश) तरंगें।
  • अनुदैर्ध्य तरंग (उदाहरण - ध्वनि तरंगें, अल्ट्रासाउंड तरंगें, भूकंपीय P-तरंगें) - माध्यम का कंपन तरंग यात्रा की दिशा के समानांतर होता है
  • माध्यम का विस्थापन तरंग प्रसार की उसी (या विपरीत) दिशा में होता है।
  • विशेषताएँ
    • दोलन दिशा: संचरण के ⊥ (लंबवत)। शिखर (crest) ऊपर, गर्त (trough) नीचे बनते हैं।
    • आवश्यक माध्यम: ठोस या सतह (गैसों में नहीं)।
    • ध्रुवीकरण: संभव, प्रकाश तरंगों में। तरंगदैर्ध्य λ = व/ऊ/f।
  • उदाहरण
    • डोरी पर कंपन
    • जल की सतह पर तरंगें
    • विद्युतचुंबकीय तरंगें (प्रकाश, X-किरणें)
    • स्ट्रिंग वाद्ययंत्र

4. भूकंप की किन तरंगों में अनुप्रस्थ विस्थापन शामिल है? [RRB NTPC CBT-1(07/04/2021) Evening]

Correct Answer: (d) S-तरंगें
Solution:
  • S - तरंगें (कतरनी तरंगे)। P तरंगें (संपीड़न तरंग) एक भूकंपीय पिंड तरंगें है जो तरंग के दिशा में और जिस दिशा में तरंगें चल रही है
  • उसके विपरीत दिशा में जमीन को आगे-पीछे दोलन करती है।
  • L तरंगें भूकंप के केंद्र या भूकंप के केंद्र के ठीक ऊपर वाले बिंदु से पृथ्वी की सतह पर गति करती हैं।
  • रेले (Rayleigh) तरंगें एक प्रकार की सतही तरंगें हैं जो ठोस पदार्थों की सतह के पास से गुजरती हैं।
  • भूकंप की S-तरंगें (Secondary waves) अनुप्रस्थ विस्थापन शामिल करती हैं। ये कणों को तरंग संचरण की दिशा के लंबवत हिलाती हैं।
  • भूकंपीय तरंगों के प्रकार
    • भूकंप में मुख्यतः चार प्रकार की तरंगें उत्पन्न होती हैं:
  • S-तरंगों की विशेषताएँ
    • प्रकार: अनुप्रस्थ (Transverse) - कण ऊपर-नीचे या बाएँ-दाएँ दोलन करते हैं।
    • गति: P-तरंगों से धीमी (लगभग 6 किमी/सेकंड)।
    • माध्यम: केवल ठोस पदार्थों में संचरित (तरल/गैस में नहीं)।
    • विनाश: अधिक क्षति पहुँचाती हैं क्योंकि कतरनी तनाव उत्पन्न करती हैं।

5. निम्नलिखित में से कौन विद्युत चुम्बकीय तरंग नहीं है? [RRB NTPC CBT-1(08/04/2021) Morning]

Correct Answer: (c) अल्ट्रासाउंड
Solution:
  • अल्ट्रासाउंड (यांत्रिक तरंग)। आवृत्तियों वाली अल्ट्रासाउंड तरंगें मानव श्रवण की ऊपरी श्रव्य सीमा (20 किलोहर्ट्ज़) से अधिक होती हैं।
  • विद्युत चुम्बकीय विकिरण के उदाहरण गामा किरणे, एक्स किरणें, पराबैंगनी विकिरण, दृश्य किरणें, अवरक्त विकिरण, माइक्रोवेव और रेडियो तरंगें।
  • ध्वनि तरंगें विद्युतचुंबकीय तरंग नहीं हैं। ये यांत्रिक अनुदैर्ध्य तरंगें हैं जो माध्यम के कणों के संपीड़न-प्रसारण से बनती हैं।
  • विद्युतचुंबकीय तरंगों की परिभाषा
    • विद्युतचुंबकीय (EM) तरंगें विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों के परस्पर लंबवत दोलनों से बनती हैं।
    • इनका संचरण निर्वात में भी होता है।
    • EM स्पेक्ट्रम में शामिल: रेडियो, माइक्रोवेव, अवरक्त, दृश्य प्रकाश, पराबैंगनी, एक्स-किरणें, गामा किरणें।
    • नोट: प्रतियोगी परीक्षाओं में विकल्पों में ध्वनि या पराश्रव्य को गलत विकल्प के रूप में दिया जाता है। EM तरंगों में माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।

6. निम्नलिखित में से कौन विद्युत चुम्बकीय तरंगें हैं? [RRB NTPC CBT-1(31/07/2021) Morning]

Correct Answer: (b) एक्स-किरणे
Solution:
  • एक्स-किरणे। विद्युत चुम्बकीय तरंगों के उदाहरणः रेडियो तरंगें, माइक्रोवेव, अवरक्त किरणें और गामा किरणें।
  • उपयोग -फ्रैक्वर (टूटी हुई हड्डियों) की जांच करना। श्रव्य तरंगें मानव कान की संवेदनशीलता की सीमा में।
  • अल्फा तरंगें - जो हीलियम परमाणु के समान होती हैं।
  • बीटा तरंगें कुछ रेडियोधर्मी तत्वों द्वारा नाभिक से मुक्त उच्च ऊर्जा, तीव्र इलेक्ट्रॉन (-) या पॉज़िट्रॉन (+)।
  • विद्युतचुंबकीय तरंगें वे हैं जो विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों के परस्पर लंबवत दोलनों से बनती हैं।
  • इनमें रेडियो तरंगें, माइक्रोवेव, अवरक्त, दृश्य प्रकाश, पराबैंगनी, एक्स-किरणें, गामा किरणें शामिल हैं।
  • EM स्पेक्ट्रम का क्रम
    • तरंगदैर्ध्य घटते क्रम में:
    • रेडियो तरंगें (सबसे लंबी λ)
    • माइक्रोवेव
    • अवरक्त किरणें
    • दृश्य प्रकाश
    • पराबैंगनी किरणें
    • एक्स-किरणें
    • गामा किरणें (सबसे छोटी λ)
  • मुख्य विशेषताएँ
    • अनुप्रस्थ: E और B क्षेत्र संचरण दिशा के लंबवत।
    • निर्वात में c = 3×10⁸ m/s गति।
    • माध्यम की आवश्यकता नहीं।

7. किसी धातु ब्लॉक में मौजूद अदृश्य दरार या छिद्र का पता लगाने के लिए उसके अंदर भेजी जाने वाली अल्ट्रासोनिक तरंगें_______का उपयोग करके प्राप्त की जाती हैं। [RRB JE 23/05/2019 (Evening)]

Correct Answer: (d) संचारित तरंगों का पता लगाने के लिए प्रयुक्त सूचक
Solution:
  • संचारित तरंगों का पता लगाने के लिए प्रयुक्त सूचक। सामग्री में अल्ट्रासोनिक परीक्षण यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है
  • किसी सामग्री में खामियां या दोष मौजूद हैं या नहीं। इसमें ध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है
  • जो Y किरणों के विपरीत हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होती हैं।
  • तो एक ट्रांस्ड्युसर स्वयं परावर्तित तरंग भेजता और प्राप्त करता है
  • एक ट्रांसमीटर तरंग भेजता है जबकि डिटेक्टर का उपयोग तरंग प्राप्त करने के लिए किया जाता है। प्राप्त तरंग में कभी से दोषों की उपस्थिति का पता चलता है।
  • कार्यप्रणाली
    • ट्रांसड्यूसर उच्च आवृत्ति (>20 kHz) अल्ट्रासोनिक तरंगें उत्पन्न करता है।
    • ये तरंगें धातु में प्रवेश करती हैं। दरार या दोष मिलने पर परावर्तन होता है।
    • परावर्तित तरंगें उसी ट्रांसड्यूसर द्वारा ग्रहण की जाती हैं।
    • समय अंतराल से दोष की गहराई मापी जाती है: d=(v⋅t)/2 जहाँ v ध्वनि गति, t समय।
  • चित्रण
    • ट्रांसड्यूसर → [धातु ब्लॉक: सामान्य] → दूसरी सतह से परावर्तन
    • ट्रांसड्यूसर → [धातु ब्लॉक: दरार] → **दरार से परावर्तन** (जल्दी वापस)
  • लाभ
    • गैर-विनाशकारी: धातु को नुकसान नहीं।
    • सटीक: मिमी स्तर की दरारें भी पता चलती हैं।
    • गहराई माप: सटीक स्थान ज्ञात।

8. पैथोलॉजी लैब में प्रयुक्त परखनली (टेस्ट ट्यूब) में जीवाणुओं को नष्ट करने के लिए प्रयुक्त प्रकाश किरणें कौन सी है? [RRB JE 25/05/2019 (Afternoon)]

Correct Answer: (b) पराबैंगनी विकिरण
Solution:
  • पराबैंगनी (UV) विकिरण गैर-आयनीकरण विकिरण का एक रूप है जो सूर्य और कृत्रिम स्रोतों, जैसे टैनिंग बेड द्वारा उत्सर्जित होता है।
  • इसका व्यापक रूप से औद्योगिक प्रक्रियाओं और चिकित्सा और दंत चिकित्सा पद्धतियों में फ्लोरोसेंट प्रभाव पैदा करने, स्याही और रेजिन को ठीक करने
  • फोटोथेरेपी और सनटैनिंग जैसे विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है।
  • विभिन्न प्रकार की विद्युत चुम्बकीय तरंगों की तरंग दैर्ध्य सीमा माइक्रोवेव (0.1 m to 1 mm), अवरक्त (1 mm to 700 nm), पराबैंगनी (400 nm to 1nm), और एक्स-रे (1 nm to 10⁻³ nm) |
  • विस्तृत कार्यप्रणाली
    • UV-C किरणें (100-280 nm) बैक्टीरिया के DNA में थाइमिन डाइमर बनाती हैं।
    • इससे DNA की दोहरी कुंडली खुल नहीं पाती और प्रजनन रुक जाता है।
    • लैब में 254 nm UV लैंप टेस्ट ट्यूबों को 15-30 मिनट उजाला देते हैं।
    • UVC सबसे प्रभावी क्योंकि इसकी ऊर्जा E = hc/λ अधिकतम होती है।
  • वैज्ञानिक आधार
    • मैक्सवेल समीकरणों से EM तरंगों में λ घटने पर f बढ़ती है।
    • UV में f = c/λ ≈ 10¹⁵ Hz होती है।
    • उच्च f से उच्च ऊर्जा फोटॉन DNA बंधनों को तोड़ते हैं। प्रकाश की तीव्रता ∝ 1/λ² से UV सबसे प्रभावी।
  • व्यावहारिक उपयोग
    • लैब प्रोटोकॉल: टेस्ट ट्यूबों को UV कैबिनेट में रखा जाता है।
    • समय: 20 kW/m² UV तीव्रता पर 99.9% बैक्टीरिया 10 मिनट में नष्ट।
    • सुरक्षा: UV अवशोषक चश्मा अनिवार्य। त्वचा संपर्क घातक।

9. किस तरह की तरंगों में कंपन, तरंग के चलने की दिशा के समानांतर गति करते हैं? [RRB JE 29/05/2019 (Morning)]

Correct Answer: (c) अनुदैर्ध्य
Solution:
  • अनुदैर्ध्य तरंगें एक प्रकार की तरंग जिसमें माध्यम का कंपन तरंग की दिशा के समानांतर होता है
  • माध्यम का विस्थापन तरंग गति के समान दिशा में होता है।
  • उदाहरण - ध्वनि तरंगें, अल्ट्रासोनिक किरणें, भूकंपीय तरंगें।
  • अनुप्रस्थ तरंगें वे होती हैं जिनमें कंपन उस दिशा के लंबवत चलते हैं
  • जिस दिशा में तरंग फैल रही है। उदाहरण - विद्युत चुम्बकीय तरंगें।
  • माइक्रोवेव अपेक्षाकृत लंबी तरंग दैर्ध्य और कम आवृत्ति वाली एक विद्युत चुम्बकीय तरंग है।
  • अनुदैर्ध्य तरंगों की परिभाषा
    • अनुदैर्ध्य तरंगें वे होती हैं जिनमें माध्यम के कण तरंग संचरण की दिशा में ही आगे-पीछे दोलन करते हैं।
    • इससे संपीड़न (compression) और विरलन (rarefaction) क्षेत्र बनते हैं।
    • कण वास्तविक रूप से तरंग के साथ नहीं चलते, केवल दोलन करते हैं।
  • उदाहरण
    • ध्वनि तरंगें: स्पीकर का डायाफ्राम आगे-पीछे हिलता है
    • हवा के कण समान दिशा में संपीड़ित/विरलित होते हैं → ध्वनि कान तक पहुँचती है।
    • स्प्रिंग: स्लिंकी को खींचकर छोड़ें → संपीड़न आगे बढ़ता है।
  • भौतिकी आधार
    • स्पीड v=√(B/ρ) जहाँ B = bulk modulus (संपीड़न माप), ρ = घनत्व। अनुप्रस्थ में v=√(η/ρ) (η = कतरनी मापांक)।

10. चमगादड़ अंधेरे में किस प्रकार दिशा का पता लगाते हैं और अपना भोजन खोजते हैं? [RRB JE 01/06/2019 (Evening)]

Correct Answer: (a) वे उच्च पिच वाली पराश्रव्य चीख (squeaks) निकालते हैं, जो किसी भी बाधा से टकराकर परावर्तित होती है।
Solution:
  • चमगादड़ : विश्व का एकमात्र उड़ने वाला स्तनधारी पक्षी है। इनके अग्रपाद जालयुक्त होते हैं
  • जो इसे उड़ने में सक्षम बनाते हैं। मुंह या नाक के माध्यम से उच्च आवृत्ति ध्वनि स्पंदन उत्सर्जित करके और प्रतिध्वनि सुनकर इकोलोकेशन (नेविगेशन तकनीक) का उत्पादन करते है।
  • इकोलोकेशन प्रक्रिया
    • तरंग उत्सर्जन: चमगादड़ नाक/मुँह से 10-200 kHz अल्ट्रासोनिक चीखें छोड़ते हैं (मानव श्रवण सीमा 20 Hz-20 kHz)।
    • परावर्तन: ये तरंगें दीवार, पेड़, या कीटों से टकराकर प्रतिध्वनि बनाती हैं।
    • संदर्भन: विशेष कानों से समय अंतराल (t), तीव्रता, और पिच विश्लेषण कर दूरी (d = v·t/2), आकार, गति पता चलती है।
    • 3D मानचित्र: मस्तिष्क इन संकेतों से वस्तु का 3D मानचित्र बनाता है।
  • तकनीकी विवरण
    • आवृत्ति: 20-200 kHz (पराश्रव्य)
    • दूरी माप: v = 340 m/s (हवा में), 1 ms देरी = 17 cm दूरी
    • शिकार: उड़ते कीट को 50 m दूर पहचान
    • Doppler प्रभाव: शिकार की गति से पिच परिवर्तन → दिशा परिवर्तन।
  • अन्य उदाहरण
    • सोना (सैन्य SONAR): समुद्र में पनडुब्बी लोकेशन
    • मेडिकल अल्ट्रासाउंड: भ्रूण इमेजिंग