1857 की क्रांति (UPPCS) (भाग – 2)

Total Questions: 43

1. 1857 के विद्रोह से निम्नांकित में कौन संबद्ध नहीं था? [U.P. P.C.S. (Pre) 1996]

Correct Answer: (c) ऊधम सिंह
Solution:

ऊधम सिंह 1857 के विद्रोह से संबद्ध नहीं थे। ये पंजाब के क्रांतिकारी थे। जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए इन्होंने पंजाब के गवर्नर रहे माइकल ओ डायर की लंदन में मार्च, 1940 में हत्या कर दी थी, जिसके लिए इन्हें गिरफ्तार करके मृत्युदंड दे दिया गया। बेगम हजरत महल ने लखनऊ में, कुंवर सिंह ने बिहार में तथा मौलवी अहमदुल्लाह ने फैजाबाद में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया था।

2. 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में किस राजवंश ने अंग्रेजों की सर्वाधिक सहायता की ? [M.P. P.C.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (a) ग्वालियर के सिंधिया
Solution:

1857 के स्वतंत्रता संघर्ष में ग्वालियर के सिंधिया राजवंश ने अंग्रेजों की सर्वाधिक सहायता की। यूरोपीय इतिहासकारों ने ग्वालियर के मंत्री सर दिनकर राव और हैदराबाद के मंत्री सालारजंग की राजभक्ति की बहुत सराहना की है। संकट के समय कैनिंग ने कहा था, "यदि सिंधिया भी विद्रोह में सम्मिलित हो जाए, तो मुझे कल ही बिस्तर गोल करना होगा।"

अंग्रेजों की सहायता करने वाले अन्य प्रमुख राजवंश/शक्तियाँ:

राजवंश/रियासतप्रमुख शासक/स्थिति
हैदराबादनिज़ाम (अफजल-उद-दौला) और उनके मंत्री सालार जंग
भोपालसिकंदर जहाँ बेगम
नेपालजंग बहादुर (गोरखा सेना ने लखनऊ में अंग्रेजों की मदद की)
पटियाला, जींद और नाभासिख रियासतों ने अंग्रेजों को रसद और सैन्य सहायता दी
इंदौर (होलकर)यद्यपि सेना विद्रोही थी, पर शासक अंग्रेजों के प्रति तटस्थ रहे

3. भारत में शिक्षित मध्य वर्ग ने- [U.P. P.C.S. (Pre) 1998]

Correct Answer: (c) 1857 के विद्रोह से तटस्थता बनाए रखी थी।
Solution:

1857 के विद्रोह में शिक्षित वर्ग ने कोई रुचि नहीं ली, जो इस महासमर की असफलता के प्रमुख कारणों में से एक है। विद्रोही जिस प्रकार अंधविश्वासों का उपयोग करते या प्रगतिशील सामाजिक उपायों का विरोध करते थे, उससे शिक्षित भारतीय उनसे बिदक कर दूर हो गए। शिक्षित भारतीय देश का पिछड़ापन दूर करना चाहते थे। उनके मन में यह गलत विश्वास भरा था कि अंग्रेज आधुनिकीकरण का यह काम पूरा करने में उनकी सहायता करेंगे, जबकि जमींदारों, पुराने शासकों और सरदारों तथा दूसरे सामंती तत्वों के नेतृत्व में लड़ने वाले विद्रोही देश को पीछे ले जाएंगे। कुछ समय बाद ही शिक्षित भारतीयों ने अपने अनुभवों से जाना कि विदेशी शासन देश का आधुनिकीकरण करने में न सिर्फ असमर्थ साबित हुआ, बल्कि उसने उसे गरीब और पिछड़ा बनाए रखा। इस मामले में 1857 के क्रांतिकारी अधिक दूरदर्शी सिद्ध हुए।

4. निम्नलिखित वर्गों में किसने 1857 के विद्रोह में भाग नहीं लिया ? [40th B.P.S.C. (Pre) 1995]

(i) खेतिहर मजदूर             (ii) साहूकार
(iii) कृषक                       (iv) जमींदार

निम्नलिखित कूटों से अपना उत्तर चुनें-

Correct Answer: (d) (ii) एवं (iv)
Solution:

1857 का विद्रोह बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ था और इसे जनता का व्यापक समर्थन प्राप्त था। फिर भी पूरे देश को या भारतीय समाज के सभी अंगों तथा वर्गों को यह अपनी लपेट में नहीं ले सका। यह दक्षिणी भारत तथा पूर्वी और पश्चिमी भारत के अधिकांश भागों में नहीं फैल सका। भारतीय रजवाड़ों के अधिकांश शासक तथा बड़े जमींदार पक्के स्वार्थी तथा अंग्रेजों की शक्ति से भयभीत थे और वे विद्रोह में शामिल नहीं हुए। ग्वालियर के सिंधिया, इंदौर के होल्कर, हैदराबाद के निजाम, जोधपुर के राजा, भोपाल के नवाब, पटियाला, नाभा और जींद के सिख शासक एवं पंजाब के दूसरे सिख सरदार, कश्मीर के महाराजा तथा दूसरे अनेक सरदारों और बड़े जमींदारों ने विद्रोह को कुचलने में अंग्रेजों की सक्रिय सहायता की। गवर्नर जनरल कैनिंग ने बाद में टिप्पणी की कि इन शासकों तथा सरदारों ने "तूफान के आगे बांध (तरंगरोधक) की तरह काम किया, वर्ना यह तूफान एक ही लहर में हमें बहा ले जाता।"

उच्च तथा मध्य वर्गों के अधिकांश लोग विद्रोहियों के आलोचक थे। विद्रोह में शामिल अवध के बहुत से तालुकदारों (बड़े जमींदारों) ने, अंग्रेजों से यह आश्वासन पाकर कि उनकी जागीरें वापस दे दी जाएंगी, विद्रोह से किनारा कर लिया।

ग्रामीण जनता के हमलों का निशाना सूदखोर और साहूकार थे, इसलिए वे स्वाभाविक तौर पर विद्रोह के शत्रु हो गए थे। आधुनिक शिक्षा प्राप्त भारतीयों ने भी विद्रोह का साथ नहीं दिया। शिक्षित भारतीय, देश का पिछड़ापन समाप्त करना चाहते थे। उनके मन में यह गलत विश्वास भरा था कि अंग्रेज आधुनिकीकरण के ये काम पूरा करने में उनकी सहायता करेंगे।

5. इनमें से किसने अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी के कंट्रोल के खिलाफ बगावत नहीं की ? [B.P.S.C. (Pre) 2018]

Correct Answer: (b) हैदराबाद का निजाम
Solution:

उपर्युक्त विकल्पों में से हैदराबाद के निजाम ने कभी अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह नहीं किया। विजयनगरम के राजा ने अठारहवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में कंपनी शासन के विरुद्ध विद्रोह किया। तमिलनाडु के पोलिगारों द्वारा कई बार विद्रोह किया गया तथा त्रावणकोर के दीवान वेलू थम्पी द्वारा 1809 ई. में अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह का नेतृत्व किया गया।

अंग्रेजों की सहायता करने वाले अन्य प्रमुख राजवंश/शक्तियाँ:

राजवंश/रियासतप्रमुख शासक/स्थिति
ग्वालियरसिंधिया
भोपालसिकंदर जहाँ बेगम
नेपालजंग बहादुर (गोरखा सेना ने लखनऊ में अंग्रेजों की मदद की)
पटियाला, जींद और नाभासिख रियासतों ने अंग्रेजों को रसद और सैन्य सहायता दी
इंदौर (होलकर)यद्यपि सेना विद्रोही थी, पर शासक अंग्रेजों के प्रति तटस्थ रहे

6. निम्न में से कौन-सा एक क्षेत्र 1857 के विद्रोह से प्रभावित नहीं था? [I.A.S. (Pre) 2005 & Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2006]

Correct Answer: (b) चित्तौड़
Solution:

1857 के विद्रोह से चित्तौड़ प्रभावित नहीं था, उस समय मेवाड़ (जिसके अंतर्गत चित्तौड़ आता था) के शासक महाराणा स्वरूप सिंह थे। उन्होंने विद्रोह के दौरान अंग्रेजों का सक्रिय साथ देने का निर्णय लिया था। झांसी, जगदीशपुर और लखनऊ इस विद्रोह के केंद्र थे। इन केंद्रों की अगुवाई क्रमशः रानी लक्ष्मीबाई, कुंवर सिंह एवं बेगम हजरत महल ने की थी।

7. 1857 के विद्रोह से बिहार का कौन-सा भाग अप्रभावित रहा? [41st B.P.S.C. (Pre) 1996]

(i) दानापुर                (ii) पटना
(iii) आरा                 (iv) मुजफ्फरपुर
(v) मुंगेर

निम्नलिखित कूटों से अपना उत्तर चुनें-

Correct Answer: (b) केवल (v)
Solution:

1857 के विद्रोह के दौरान बिहार में आरा, दानापुर, गया, पटना, मुजफ्फरपुर तथा शाहाबाद विद्रोह के प्रमुख केंद्र थे, जबकि मुंगेर का क्षेत्र इस विद्रोह से अप्रभावित रहा था। यहाँ न तो सैनिकों ने विद्रोह किया और न ही स्थानीय जमींदारों ने अंग्रेजों को चुनौती दी। यह क्षेत्र पूरे विद्रोह के दौरान शांत बना रहा।

8. सूची-I (1857 के विप्लव के नायक) को सूची-II (उनके कार्यक्षेत्र) से सुमलित कीजिए- [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2014]

सूची-Iसूची-II
(A) बख्त खांi. अवध
(B) मौलवी अहमदुल्लाहii. कानपुर
(C) कुंवर सिंहiii. आरा
(D) नाना साहबiv. दिल्ली

कूट :

A

B

C

D

(a)

iii

i

ii

iv

(b)

iii

ii

iv

i

(c)

iv

i

iii

ii

(d)

iv

iii

i

ii

(e)

ii

iv

i

iii

Correct Answer: (c)
Solution:

सूची-I (1857 के विप्लव के नायक) और सूची-II (उनके कार्यक्षेत्र) का सही सुमेलन इस प्रकार है-

सूची-Iसूची-II
बख्त खांदिल्ली
मौलवी अहमदुल्लाहअवध
कुंवर सिंहआरा
नाना साहबकानपुर

9. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए- [U.P. P.C.S. (Pre) 2010]

सूची-Iसूची-II
A. झांसी1. मौलवी अहमद शाह
B. लखनऊ2. अजीमुल्लाह खां
C. कानपुर3. बेगम हजरत महल
D. फैजाबाद4. रानी लक्ष्मीबाई

कूट :

A

B

C

D

(a)

4

3

2

1

(b)

4

2

3

1

(c)

3

4

2

1

(d)

1

2

3

4

Correct Answer: (a)
Solution:

1857 के विद्रोह में झांसी में रानी लक्ष्मीबाई, लखनऊ में बेगम हजरत महल, कानपुर एवं फतेहपुर में अज़ीमुल्लाह खां तथा फैजाबाद में मौलवी अहमद शाह (मौलवी अहमदुल्लाह शाह) ने नेतृत्व किया। था।

10. निम्नलिखित युग्मों में कौन सही सुमेलित नहीं है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2018]

स्थाननेतृत्व
(a) संबलपुरसुरेन्द्र साही
(b) गंजामराधाकृष्ण दंडसेना
(c) कश्मीरगुलाब सिंह
(d) लखनऊलियाकत अली
Correct Answer: (d)
Solution:

मौलवी लियाकत अली का जन्म 1817 ई. में तत्कालीन इलाहाबाद के चैल परगना के महगांव गांव में हुआ था। इन्होंने 1857 ई. के विद्रोह में तत्कालीन इलाहाबाद में विद्रोहियों का नेतृत्व किया था। अतः इनका संबंध लखनऊ से नहीं था।

1857 के विद्रोह के दौरान लखनऊ में नेतृत्व बेगम हज़रत महल ने किया था। उन्होंने अपने अल्पायु पुत्र बिरजिस कदर को नवाब घोषित कर अंग्रेजों के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया था।

1857 के प्रमुख केंद्र और उनके वास्तविक नेतृत्वकर्ता:

स्थानवास्तविक नेतृत्वकर्तादमन करने वाला ब्रिटिश अधिकारी
लखनऊबेगम हज़रत महलहेनरी लॉरेंस / कैंपबेल
इलाहाबादलियाकत अलीकर्नल नील
दिल्लीबहादुर शाह जफर (सैन्य नेतृत्व: बख्त खान)निकल्सन / हडसन
झांसीरानी लक्ष्मीबाईह्यू रोज
कानपुरनाना साहब / तात्या टोपेकैंपबेल