होमरूल लीग आंदोलन (UPPCS)

Total Questions: 13

1. होमरूल लीग आंदोलन सर्वप्रथम किसने आरंभ किया? [U.P P.C.S. (Pre) 1991, U.P P.C.S. (Pre) 1993]

Correct Answer: (a) एनी बेसेंट
Solution:

होमरूल लीग आंदोलन सर्वप्रथम एनी बेसेंट ने आरंभ किया था। एनी बेसेंट ने आयरलैंड के होमरूल आंदोलन की तर्ज पर भारत में इसकी योजना बनाई थी। उन्होंने 1914 में अपने पत्रों 'न्यू इंडिया' और 'कॉमनवील' के माध्यम से इस विचार को प्रचारित करना शुरू किया था।

2. वर्ष 1915-16 में दो होमरूल लीग आरंभ की गई थी, नेतृत्व में- [U.P U.D.A./L.D.A. (Pre) 2001]

Correct Answer: (a) तिलक एवं एनी बेसेंट के
Solution:

वर्ष 1915-16 के दौरान भारत में होमरूल लीग आंदोलन की शुरुआत दो अलग-अलग धाराओं में हुई, जिसका नेतृत्व बाल गंगाधर तिलक और एनी बेसेंट ने किया। तिलक ने अप्रैल 1916 में बेलगाम में अपनी लीग की स्थापना की, जिसका कार्यक्षेत्र मुख्य रूप से महाराष्ट्र और कर्नाटक तक सीमित था। वहीं, एनी बेसेंट ने सितंबर 1916 में मद्रास में अखिल भारतीय होमरूल लीग शुरू की, जिसका विस्तार शेष भारत में था। इन दोनों लीगों का मुख्य उद्देश्य संवैधानिक तरीकों से ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर 'स्वशासन' प्राप्त करना था। इस आंदोलन ने भारतीय जनता में नई चेतना जगाई और तिलक का प्रसिद्ध नारा "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है" इसी दौरान अत्यंत लोकप्रिय हुआ।

3. एनी बेसेंट मुख्यतः संबद्ध रही हैं- [U.P P.C.S. (Mains) 2010]

Correct Answer: (b) गृहशासन आंदोलन से
Solution:

एनी बेसेंट मुख्यतः गृहशासन (होमरूल) आंदोलन से संबद्ध थीं। भारत में होमरूल लीग की स्थापना की योजना मूलतः एनी बेसेंट द्वारा ही बनाई गई थी। होमरूल आंदोलन की व्याख्या 2 जनवरी, 1914 को अपने पत्र कॉमनवील में एनी बेसेंट ने की थी, जिसमें ब्रिटिश साम्राज्य के अंतर्गत स्वशासन के उद्देश्य को ध्यान में रखकर धार्मिक स्वतंत्रता, राष्ट्रीय शिक्षा तथा सामाजिक और राजनीतिक सुधारों को आधारभूत कार्यक्रम बनाया गया था। भारत में यह आंदोलन प्रथम विश्व युद्ध के दौरान काफी लोकप्रिय रहा।

4. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान आंदोलन जो भारत में लोकप्रिय हुआ था, वह था- [U.P. Lower Sub. (Pre) 2008]

Correct Answer: (b) होमरूल आंदोलन
Solution:

प्रथम विश्व युद्ध (1914–1918) के दौरान भारत में जो आंदोलन सबसे अधिक लोकप्रिय हुआ, वह होमरूल लीग आंदोलन था। यह पहला ऐसा आंदोलन था जिसने न केवल शहरों बल्कि ग्रामीण इलाकों और दक्षिण भारत में भी अपनी पैठ बनाई। बाल गंगाधर तिलक और एनी बेसेंट के जुझारू नेतृत्व ने जनता में आत्मविश्वास भरा। तिलक ने इसी दौरान "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है" का नारा दिया था।

5. निम्नलिखित में किसका योगदान होमरूल लीग की स्थापना में नहीं था ? [40th B.P.S.C. (Pre) 1995]

Correct Answer: (d) एच. एस. अल्कॉट
Solution:

एनी बेसेंट मुख्यतः गृहशासन (होमरूल) आंदोलन से संबद्ध थीं। भारत में होमरूल लीग की स्थापना की योजना मूलतः एनी बेसेंट द्वारा ही बनाई गई थी। होमरूल आंदोलन की व्याख्या 2 जनवरी, 1914 को अपने पत्र कॉमनवील में एनी बेसेंट ने की थी, जिसमें ब्रिटिश साम्राज्य के अंतर्गत स्वशासन के उद्देश्य को ध्यान में रखकर धार्मिक स्वतंत्रता, राष्ट्रीय शिक्षा तथा सामाजिक और राजनीतिक सुधारों को आधारभूत कार्यक्रम बनाया गया था। भारत में यह आंदोलन प्रथम विश्व युद्ध के दौरान काफी लोकप्रिय रहा।

6. निम्नलिखित में से कौन होमरूल आंदोलन से नहीं जुड़ा था? [U.P. P.C.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (a) सी.आर. दास
Solution:

होमरूल आंदोलन से सी.आर. दास (चितरंजन दास) सीधे तौर पर नहीं जुड़े थे।

होमरूल आंदोलन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व

नेता का नामभूमिका / योगदान
बाल गंगाधर तिलकअप्रैल 1916 में पुणे में लीग की स्थापना की।
एनी बेसेंटसितंबर 1916 में मद्रास (अड्यार) में अखिल भारतीय लीग की शुरुआत की।
एस. सुब्रमण्यम अय्यरइन्होंने आंदोलन के समर्थन में अपनी ब्रिटिश उपाधि 'नाइटहुड' त्याग दी थी।
बी.पी. वाडियाएनी बेसेंट की लीग के प्रमुख सहयोगी और संगठनकर्ता।
जॉर्ज अरुंडेलएनी बेसेंट की लीग के सचिव के रूप में कार्य किया।

7. किस अधिवेशन में होमरूल समर्थक अपनी राजनीतिक शक्ति का सफलतापूर्वक प्रदर्शन कर सके ? [39th B.P.S.C. (Pre) 1994]

Correct Answer: (a) कांग्रेस का वर्ष 1916 का लखनऊ अधिवेशन
Solution:

होमरूल समर्थक अपनी राजनीतिक शक्ति का सफलतापूर्वक प्रदर्शन कांग्रेस के लखनऊ अधिवेशन (1916) में कर सके थे। तिलक और एनी बेसेंट के समर्थकों ने इस अधिवेशन में बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। तिलक के समर्थकों ने तो उनके लिए एक विशेष ट्रेन भी आरक्षित की थी जिसे 'कांग्रेस स्पेशल' या 'होमरूल स्पेशल' कहा गया। इस अधिवेशन में ही प्रसिद्ध 'लखनऊ समझौता' (मुस्लिम लीग के साथ) हुआ और कांग्रेस के नरम एवं गरम दल फिर से एक हुए, जिसमें होमरूल लीग के नेताओं की मध्यस्थता सबसे महत्वपूर्ण थी।

8. होमरूल आंदोलन भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक नए चरण के आरंभ का द्योतक था; क्योंकि- [41st B.P.S.C. (Pre) 1996]

Correct Answer: (a) इसने देश के सामने स्वशासन (Self-government) की एक ठोस योजना रखी।
Solution:

होमरूल आंदोलन के दोनों नेताओं तिलक एवं एनी बेसेंट की निगाह में स्वराज का अर्थ करीब एक जैसा ही था-ब्रिटिश साम्राज्य के अंतर्गत स्थानीय, प्रांतीय एवं केंद्रीय स्तर पर उत्तरदायी शासन एवं प्रशासन की अधिकाधिक व्यवस्था की जाए।

9. होमरूल लीग के संबंध में निम्नलिखित में से क्या असत्य है? [U.P P.C.S. (Pre) 2004]

Correct Answer: (d) तिलक और बेसेंट के मतभेदों के उपरांत दोनों लीग बनी रही।
Solution:

मूलतः होमरूल लीग की स्थापना करने के संबंध में योजना एनी बेसेंट ने बनाई थी। स्वशासन आंदोलन का शुभारंभ 2 जनवरी, 1914 को साप्ताहिक समीक्षा पत्रिका कॉमनवील के प्रकाशन के साथ शुरू हुआ। इस पत्रिका ने ब्रिटिश साम्राज्य के अंतर्गत स्वशासन के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, धार्मिक स्वतंत्रता, राष्ट्रीय शिक्षा, सामाजिक और राजनैतिक सुधारों को अपना आधारभूत कार्यक्रम बनाया। इस कार्यक्रम के अनुसरण हेतु दो पृथक होमरूल लीगों की स्थापना की गई, दोनों लीगें एक-दूसरे की पूरक थीं। अप्रैल, 1916 में तिलक ने 'इंडियन होमरूल लीग' की स्थापना की और उसके 5 माह बाद सितंबर, 1916 में श्रीमती एनी बेसेंट ने होमरूल लीग स्थापित की।

तिलक की लीग कर्नाटक, महाराष्ट्र (बंबई छोड़कर), मध्य प्रांत और बरार तक सीमित थी। देश के बाकी हिस्से एनी बेसेंट की लीग के जिम्मे आए। बेसेंट की लीग का संगठन बहुत ढीला था कोई भी तीन व्यक्ति कहीं भी शाखा खोल सकते थे, जबकि तिलक की लीग का संगठन बहुत मजबूत था, सभी छः शाखाओं के काम और कार्य क्षेत्र निर्धारित थे। दोनों लीगों ने अपना विलय नहीं किया, क्योंकि एनी बेसेंट के शब्दों में, "उनके (तिलक) कुछ समर्थक मुझे पसंद नहीं करते और मेरे कुछ समर्थक उन्हें नापसंद करते थे। लेकिन मेरे और उनके बीच किसी तरह का कोई झगड़ा नहीं था।" इस प्रकार तिलक एवं बेसेंट में मतभेद नहीं थे।

10. तिलक तथा एनी बेसेंट द्वारा बनाए गए होमरूल लीगों को एक में मिला दिया गया था- [Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2002]

Correct Answer: (a) 1916 में
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।