यू.जी.सी. एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2019 (हिन्दी)

Total Questions: 100

1. निम्नलिखित में से किस कहानी में नौकरी के सिलसिले में बाहर रहने के कारण गजाधर बाबू की लंबी अनुपस्थिति उन्हें परिवार के ढाँचे से बाहर कर देती है?

Correct Answer: (b) वापसी
Solution:

दी गई कहानियों में से 'वापसी' कहानी में नौकरी के सिलसिले में बाहर रहने के कारण गजाधर बाबू की लम्बी अनुपस्थिति उन्हें परिवार के ढाँचे से बाहर कर देती है। 'वापसी' कहानी की लेखिका उषा प्रियंवदा हैं। 'चीफ की दावत' भीष्म साहनी द्वारा लिखित कहानी है। इसका मुख्य पात्र शामनाथ है जो माँ जैसे रिश्ते की अवहेलना करके भी तरक्की पाना चाहता है। भीष्म साहनी इस कहानी के माध्यम से ऐसी मानसिकता पर करारा चोट करते हैं।

और यह संदेश देते हैं कि मूल से जुड़े बिना तरक्की सम्भव नहीं। 'दोपहर का भोजन' अमरकान्त द्वारा लिखित कहानी है। सिद्धेश्वरी इस कहानी की प्रमुख महिला पात्र है। इस कहानी के माध्यम से एक भारतीय नारी द्वारा अपने पति एवं पुत्रों के लिए नित्यप्रति त्याग एवं संघर्ष को व्यक्त किया गया है जिसकी गणना कहीं भी नहीं की जाती है। 'बूढ़ी काकी' मुंशी प्रेमचन्द द्वारा लिखित कहानी है जिसके द्वारा बुजुर्गों के प्रति उदासीनता की भावना को तगड़े कथा-शिल्प के माध्यम से व्यक्त किया गया है।

2. प्रेमचंद की किन कहानियों में देशी रियासतों के राजाओं का चरित्र और वहाँ चलने वाली राजनीतिक गतिविधियों का चित्रण मिलता है?

(A) रियासत का दीवान
(B) पंच परमेश्वर
(C) शतरंज के खिलाड़ी
(D) बड़े भाई साहब
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (c) (A) और (C)
Solution:

'रियासत का दीवान' और 'शतरंज के खिलाड़ी' मुंशी प्रेमचन्द की इन दो कहानियों में देशी रियासतों के राजाओं का चरित्र और वहाँ चलने वाली राजनीतिक गतिविधियों का चित्रण मिलता है। पंच परमेश्वर कहानी में अलगू जुम्मन की मित्रता एवं न्याय के महत्त्व को व्यक्त किया गया है। 'बड़े भाई साहब' कहानी के माध्यम से बड़े होने की आड़ में निकम्मेपन की हद को व्यक्त किया गया है।

3. द्विवेदीयुगीन कविता की मुख्य प्रवृत्तियाँ हैं:

(A) समाजसुधार
(B) गीतिकाव्य की प्रचुरता
(C) स्वच्छन्दता
(D) इतिवृत्तात्मकता
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (c) (A) और (D)
Solution:

दी गई प्रवृत्तियों में समाज सुधार एवं इतिवृत्तात्मकता द्विवेदी युगीन कविता की प्रमुख प्रवृत्तियाँ हैं। डॉ.नगेन्द्र ने द्विवेदी युग को 'जागरण सुधार काल' नाम से अभिहित किया है और इसकी समयावधि 1900 ई. से 1918 ई. तक माना है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने द्विवेदी युग को 'नई धारा द्वितीय उत्थान' के अन्तर्गत रखा है तथा इसकी समयावधि सन् 1893 ई.से 1918 ई. तक माना है। इस युग का नाम आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के नाम पर रखा गया है।

4. बिम्ब के अनिवार्य तत्व हैं:

(A) विवरणात्मकता
(B) कल्पना
(C) सपाटबयानी
(D) ऐन्द्रियता
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (b) (B) और (A)
Solution:

'कल्पना' एवं 'विवरणात्मकता' बिम्ब के अनिवार्य तत्त्व हैं। 'बिम्ब' शब्द अंग्रेजी के 'इमेज' शब्द का हिन्दी रूपान्तर है जिसका अर्थ है- मूर्त रूप प्रदान करना। काव्य में बिम्ब को वह शब्द चित्र माना जाता है जो कल्पना द्वारा ऐन्द्रिय अनुभवों के आधार पर निर्मित होता है। बिम्ब पदार्थ नहीं बल्कि उसकी प्रतिकृति या प्रतिच्छवि है, सृष्टि नही पुर्नसृष्टि है। डॉ. नगेन्द्र के अनुसार- 'काव्य बिम्ब शब्दार्थ के माध्यम से कल्पना द्वारा निर्मित एक ऐसी मानस छवि है जिसके मूल में भाव प्रेरणा होती है।' बिम्ब के मूलतः तीन तत्त्व हैं- कल्पना, भाव एवं ऐन्द्रिकता।

5. अपने काव्य-सिद्धान्त की निर्मिति के लिए किस पाश्चात्य आचार्य ने 'सहजानुभूति' की अवधारणा का सहारा लिया है?

Correct Answer: (b) क्रोच
Solution:

आचार्य क्रोचे ने अपने काव्य सिद्धान्त की निर्मिति के लिए 'सहजानुभूति' की अवधारणा का सहारा लिया है। क्रोचे 'अभिव्यंजनावाद' के प्रवर्तक हैं। इन्होंने 'इस्थेटिक नामक ग्रंथ इतालवी भाषा में लिखा है, जो दो भागो में विभाजित है। प्रथम भाग में सौन्दर्य शास्त्र का सैद्धान्तिक विवेचन है तथा द्वितीय भाग में सौन्दर्य शास्त्र का इतिहास है। इनके सौन्दर्य विवेचन का आधार आत्मवाद है।

6. आचार्य क्रोचे ने अपने काव्य सिद्धान्त की निर्मिति के लिए 'सहजानुभूति' की अवधारणा का सहारा लिया है। क्रोचे 'अभिव्यंजनावाद' के प्रवर्तक हैं। इन्होंने 'इस्थेटिक नामक ग्रंथ इतालवी भाषा में लिखा है, जो दो भागो में विभाजित है। प्रथम भाग में सौन्दर्य शास्त्र का सैद्धान्तिक विवेचन है तथा द्वितीय भाग में सौन्दर्य शास्त्र का इतिहास है। इनके सौन्दर्य विवेचन का आधार आत्मवाद है।

Correct Answer: (c) श्रृंखला की कड़ियाँ, अशोक के फूल, अर्द्धनारीश्वर, शिरीष की याद आई
Solution:प्रकाशनकाल के अनुसार निम्नलिखित निबंध संग्रहों का सही अनुक्रम इस प्रकार है-
रचनारचनाकारप्रकाशन काल
श्रृंखला की कड़ियाँमहादेवी वर्मा1942 ई.
अशोक के फूलहजारी प्रसाद द्विवेदी1948 ई.
अर्द्धनारीश्वररामधारी सिंह 'दिनकर'1952 ई.
शिरीष की याद आईविद्यानिवास मिश्र1995 ई.

7. निर्देशः इस प्रश्न में दो कथन दिए गए हैं। इनमें से एक स्थापना है और दूसरा तर्क । दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए।

स्थापना  : दलित चिन्तन और साहित्य में अभिव्यक्त मनुष्य गांधी का हरिजन ही हो।
तर्क : क्योंकि दलित साहित्य में मुख्यतः बाबासाहब अंबेडकर के सामाजिक, राजनीतिक चिन्तन को अपनाया गया है।
विकल्पः 

Correct Answer: (b) (A) सही (R) सही
Solution:

चिन्तन और साहित्य में अभिव्यक्त मनुष्य गाँधी का हरिजन ही है, कथन (A) सही है तथा दलित साहित्य में मुख्यतः बाबा साहब अम्बेडकर के सामाजिक, राजनीतिक चिंतन को अपनाया गया है। अतः कारण (R) भी सही है।

8. निम्नलिखित में से हिन्दी के यात्रा वृत्तान्त हैं:

(A) याद हो कि न याद हो
(B) अरे यायावर रहेगा याद
(C) आखिरी चट्टान तक
(D) जिनकी याद हमेशा रहेगी
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (d) (B) और (C)
Solution:

प्रश्नगत विकल्प (B) और (C) हिन्दी के यात्रा वृतान्न हैं। निम्नलिखित रचनाएँ एवं उनकी विधाएँ इस प्रकार हैं-

रचनाएँविधारचनाकार
याद हो कि न याद होसंस्मरणकाशीनाथ सिंह
अरे यायावार रहेगा यादयात्रावृत्तान्तअज्ञेय
आखिरी चट्टान तकयात्रावृत्तान्तमोहन राकेश
जिनकी याद हमेशा रहेगीसंस्मरणअमृत राय

9. निम्नलिखित में से जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित काव्य हैं:

(A) तितली
(B) उर्वशी
(C) इरावती
(D) झरना
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (b) (B) और (D)
Solution:

प्रश्नगत विकल्प में (B) और (D) जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित काव्य है। निम्नलिखित रचनाएँ तथा उनकी विधाएँ-

रचनाएँविधारचनाकार
तितलीउपन्यासजयशंकर प्रसाद
उर्वशीकाव्यजयशंकर प्रसाद
इरावतीउपन्यासजयशंकर प्रसाद
झरनाकाव्यजयशंकर प्रसाद

10. निम्नलिखित में से गीतिनाट्य हैं:

(A) अग्नि लीक
(B) उन्मुक्त
(C) नेपथ्य राग
(D) त्रिशंकु
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (b) (A) और (B)
Solution:

प्रश्नगत विकल्प में (A) और (B) गीतिनाट्य विधा की रचना है। निम्नलिखित रचनाएं एवं उनकी विधाएं-

रचनाएँविधारचनाकार
अग्नि लीकगीतिनाट्यभारत भूषण अग्रवाल
उन्मुक्तगीतिनाट्यसियाराम शरण गुप्त
नेपथ्यरागनाटकमीराकान्त
त्रिशंकुनिबन्धअज्ञेय