NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2023 (हिन्दी)

Total Questions: 100

1. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने 'हिन्दी साहित्य का इतिहास' में सरस्वती में प्रकाशित निम्नलिखित कहानियों का वर्णन करते हुए इनमें से तीन कहानियों को मार्मिकता की दृष्टि से भावप्रधान कहानियों के रूप में चुना है :

(A) इंदुमती - किशोरीलाल गोस्वाती
(B) प्लेग की चुड़ैल - मास्टर भगवानदास
(C) ग्यारह वर्ष का समय - रामचन्द्र शुक्ल
(D) पंडित और पंडितानी - गिरिजादत्त वाजपेयी
(E) दुलाईवाली - बंगमहिला
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (b) केवल (A), (C), (E)
Solution:आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने 'हिन्दी साहित्य का इतिहास' में सरस्वती में प्रकाशित निम्नलिखित कहानियों का वर्णन करते हुए इनमें से तीन कहानियों को मार्मिकता की दृष्टि से भावप्रधान कहानियों के रूप में चुना है, जो इस प्रकार हैं-
कहानी-कहानीकार
इंदुमती (1900)-किशोरीलाल गोस्वामी
ग्यारह वर्ष का समय (1903)-रामचन्द्र शुक्ल
दुलाईवाली (1907)-बंगमहिला

• आचार्य रामचन्द्र शुक्ल 'इंदुमती' (1900 ई.) को हिन्दी साहित्य की प्रथम कहानी मानते हैं।
• 'इंदुमती' को मौलिक कहानी न मानकर शेक्सपीयर के नाटक टेम्पेस्ट का छायानुवाद माना जाता है।
• लक्ष्मीनारायण लाल ने शिल्प विधि की दृष्टि से आ. रामचन्द्र शुक्ल द्वारा लिखित कहानी 'ग्यारह वर्ष का समय' (1903 ई.) को हिन्दी की प्रथम कहानी माना है।
• राजेन्द्र बाला घोष 'बंग महिला' को हिन्दी की प्रथम कहानी लेखिका स्वीकार किया जाता है।

2. 'राम की शक्तिपूजा' कविता की इन पंक्तियों उक्तियों को कविता में आने के क्रम से, पहले से बाद के क्रम में लगाइए :

(A) शक्ति की करो मौलिक कल्पना
(B) है अमानिशा, उगलता गगन घन अन्धकार
(C) केवल जलती मशाल
(D) अन्याय जिधर, हैं उधर शक्ति
(E) नयनों का नयनों से गोपन - प्रिय सम्भाषण
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) (B), (C), (E), (D), (A)
Solution:'राम की शक्तिपूजा' कविता की इन पंक्तियों उक्तियों का कविता में आने का क्रम पहले से बाद का क्रम इस प्रकार से है-
(1) है अमानिशा, उगलता गगन घन अन्धकार
(2) केवल जलती मशाल
(3) नयनों का नयनों से गोपन प्रिय सम्भाषण
(4) अन्याय जिधर, है उधर शक्ति
(5) शक्ति की करो मौलिक कल्पना
• निराला द्वारा रचित 'राम की शक्तिपूजा' (1936 ई.) महाकाव्य का उपजीव्य बांग्ला ग्रन्थ 'कृतवास रामायण' है। निराला को हिंदी में मुक्त छंद का प्रवर्तक माना जाता है।
• निराला कृत 'सरोज स्मृति' (1935 ई.) को हिन्दी का सर्वश्रेष्ठ तथा प्रथम शोकगीत माना जाता है। निराला की प्रमुख कृतियां हैं-
अनामिका (1923 ई.), परिमल (1930 ई.), गीतिका (1936 ई.), तुलसीदास (1938 ई.), कुकुरमुत्ता (1942 ई.), अणिमा (1943 ई.), बेला (1946 ई.), नये पत्ते (1946 ई.), अर्चना (1950 ई.) तथा साध्य कांकली (1969 ई.)।

3. 'आगरा बाजार' नाटक में आई नज्म की पंक्तियों को पहले से बाद के क्रम में लगाइए:

(A) वह सुनके बोला, बाबा, खुदा तुझकों खैर दे हम तो न चा समझे, न सूरज हैं जानते
(B) रोटी न पेट में हो तो कुछ भी जतन न हो मेले की सैर, ख्वाहिशे बागो - चमन न हो
(C) होता है बागबों से हर इक बाग का निबाह वह बाग किस तरह ने लुटे और न उजड़े, आह
(D) जितने है आज आगरे में कारखानाजात सब पर पड़ी हैं आन के रोज़ की मुश्किलात
(E) कपड़े किसी के लाल हैं रोटी के वास्ते लंबे किसी के बाल हैं रोटी के वास्ते
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (d) (D), (C), (A), (B), (E)
Solution:'आगरा बाजार' नाटक में आई नज्म की पंक्तियाँ पहले से बाद के क्रम में निम्नलिखित प्रकार से हैं-
(1) जितने है आज आगरे में कारखानाजात सब पर पड़ी हैं आन के रोज की मुश्किलात ।
(2) होता है बागबों से हर इक बाग का निबाह वह बाग किस तरह न लुटे और न उजड़े, आह।
(3) वह सुनके बोला, बाबा, खुदा तुझकों खैर दे हम तो न चाँद समझे, ने सूरज हैं जानते
(4) रोटी न पेट में हो तो कुछ भी जतन न हो मेले की सैर, ख्वाहिशे बागो चमन न हो
(5) कपड़े किसी के लाल हैं रोटी के वास्ते लंबे किसी के बाल हैं। रोटी के वास्ते
• 'आगरा बाजार' नाटक की रचना हबीब तनवीर ने 18वीं सदी के भारतीय शायर एवं नज्म के पिता कहे जाने वाले नजीर अकबराबादी को प्रतिष्ठित करने के लिए किया।
• मिट्टी की गाड़ी (1958), शतरंज के मोहरे (1954), लाला शोहरत राय (1954 ई.), गाँव का नाँव ससुरार मोर नाँव दामाद (1973 ई.), चरणदास चोर (1975 ई.) आदि हबीब तनवीर की अन्य महत्वपूर्ण नाट्य कृतियाँ हैं।

4. 'एक टोकरी भर मिट्टी' कहानी के अनुसार विधवा टोकरी भर मिट्टी का उपयोग किसलिए करना चाहती थी?

Correct Answer: (c) चूल्हा बनाने के लिए
Solution:'एक टोकरी भर मिट्टी' कहानी के अनुसार विधवा टोकरी भर मिट्टी का उपयोग चूल्हा बनाने के लिए करना चाहती थी।
• 'एक टोकरी भर मिट्टी' कहानी का प्रकाशन 1901 ई. में हुआ था तथा इसके लेखक माधवराव सप्रे हैं।
• इसक कहानी में एक विधवा स्त्री के माध्यम से जमींदारों द्वारा गरीब जनता पर होने वाले अन्याय को दर्शाया गया है। यह कहानी वर्ग भेद पर आधारित है। इस कहानी में अहंकार और स्वार्थ का चित्रण जमीदार के रूप में किया गया है। देवीप्रसाद वर्मा ने इसे हिन्दी की पहली कहानी माना है।

5. 'बीन भी हूँ मैं तुम्हारी रागिनी भी हूँ - इस गीत में प्रयुक्त काव्यांश नहीं है

Correct Answer: (b) आत्मदीप्त चाँदनी
Solution:

'बीन भी हूँ मैं तुम्हारी रागिनी भी हूँ इस गीत में प्रयुक्त काव्यांश में 'आत्मदीप चाँदनी' नहीं है बल्कि अधर भी हूँ, 'स्मित की चाँदनी' भी हूँ, अखण्ड सुहागिनी भी हूँ; सुनहली दामिनी हूँ तथा कूल हीन प्रवाहिनी भी हूँ आदि काव्यांशों का प्रयोग हुआ है। बीन भी हूँ मैं तुम्हारी रागिनी भी हूँ कविता महादेवी वर्मा कृत नीरजा काव्य संग्रह में संकलित है। महादेवी वर्मा के अन्य काव्य संग्रह हैं- नीहार, रश्मि, सांध्यगीत, यामा आदि।

6. निम्नलिखित काव्य संकलनो में रामककुमार वर्मा कृत काव्य संकलन है:

(A) एकांत संगीत : 1939
(B) अंजलि : 1930
(C) सतरंगिनी :1945
(D) चित्ररेखा : 1935
(E) एकलव्य : 1958
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (c) केवल (B), (D), (E)
Solution:रामकुमार वर्मा कृत काव्य संकलन निम्न है-
(1) अंजलि (1930), चित्ररेखा (1935), एकलव्य (1958), आकाश गंगा, अमिशाप, रूपराशि, चन्द्रकिरण, हिमहास, निशीथ, जौहर, चित्तौड़ की चिंता आदि। जबकि 'एकांत संगीत' (1939) संतरंगिनी (1945), मधुशाला, मधुबाला, निशा निमंत्रण आदि हरिवंशराय बच्चन की कृतियाँ है।

7. 'मेरे राम मुकुट भीग रहा है' निबंध में मेहमान रात्रि में किस कार्यक्रम में गए थे?

Correct Answer: (b) संगीत के कार्यक्रम में
Solution:'मेरे राम का मुकुट भीग रहा है' निबंध में मेहमान रात्रि में 'संगीत के कार्यक्रम में' गए थे। यह विद्यानिवास मिश्र द्वारा रचित निबंध है। विद्यानिवास मिश्र के अन्य निबंध हैं- छितवन की छाँह (1953 ई.), हल्दी दूब (19855 ई.), तुम चन्दन हम पानी (1957 ई.), आँगन का पंक्षी और बनजारा मन (1963), मैने सिल पहुँचाई (1966 ई.), मेरे राम का मुकुट भीग रहा है (1974 ई.), भ्रमरानंद के पत्र (1981 ई.) आदि।

8. जन्मवर्ष के अनुसार निम्नलिखित निबंधकारों को पहले से बाद के क्रम में लगाइए

(A) विवेकी राय
(B) हजारीप्रसाद द्विवेदी
(C) सरदार पूर्णसिंह
(D) कुबेरनाथ राय
(E) रामचंद्र शुक्ल

Correct Answer: (c) (C), (E), (B), (A), (D)
Solution:जन्मवर्ष के अनुसार निबंधकारों का पहले से बाद का क्रम निम्नलिखित है-
निबंधकार-जन्मवर्ष
सरदार पूर्णसिंह-1881 ई.
रामचन्द्र शुक्ल-1884 ई.
हजारी प्रसाद द्विवेदी-1907 ई.
विवेकी राय-1924 ई.
कुबेरनाथ राय-1933 ई.

9. सूची-I से सूची-II का मिलान कीजिए:

सूची-I (बोली)सूची-II (क्षेत्र)
(A) मारवाड़ी(I) कोटा
(B) हाड़ौती(II) अजमेर
(C) ढूंढाणी(III) अलवर
(D) मेवाती(IV) जयपुर

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) (A)-(II), (B)-(1), (C)-(IV), (D)-(III)
Solution:सूची-I तथा सूची-II का सही सुमेलन है।
सूची-Iसूची-II
बोलीक्षेत्र
मारवाड़ी-अजमेर
हाड़ौती-कोटा
ढूंढाणी-जयपुर
मेवाती-अलवर

10. प्रथम प्रकाशन वर्ष के अनुसार हिन्दी साहित्य के इतिहासकारों के निम्नांकित इतिहास ग्रन्थों को पहले से बाद के क्रम में लगाइए:

(A) रामकुमार वर्मा: हिन्दी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास
(B) शिवदानसिंह चौहान: हिन्दी साहित्य के अस्सी वर्ष
(C) जार्ज ए. ग्रियर्सन: द माडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिन्दुस्तान
(D) एफ.ई.के. ए हिस्ट्री ऑफ हिन्दी लिटरेचर
(E) गणपति चन्दगुप्त: हिन्दी साहित्य का वैज्ञानिक इतिहास
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए :

Correct Answer: (d) (C), (D), (A), (B), (E)
Solution:प्रथम प्रकाशन वर्ष के अनुसार हिन्दी साहित्य के इतिहासकारों के इतिहास ग्रंथों का पहले से बाद का क्रम निम्न है-
इतिहासकारइतिहास ग्रंथप्रकाशन वर्ष
जार्ज.ए. ग्रियर्सनद मार्डन वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिन्दुस्तान1888 ई.
एफ.ई.के.ए हिस्ट्री ऑफ हिन्दी लिटरेचर1920 ई.
रामकुमार वर्माहिन्दी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास1938 ई.
शिवदानसिंह चौहानहिन्दी साहित्य के अस्सी वर्ष1954 ई.
गणपति चन्द्र गुप्तहिन्दी साहित्य का वैज्ञानिक इतिहास1965 ई.