TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-IX)

Total Questions: 50

1. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की अनूदित रचना नहीं है

Correct Answer: (c) अन्धेर नगरी
Solution:'अंधेर नगरी' भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की अनूदित रचना नहीं हैं बल्कि यह मौलिक रचना है। रत्नावली, विद्या सुन्दर, पाखण्ड विडम्बन, धमंजय विजय, मुद्रा राक्षस, दुर्लभ बन्धु इत्यादि भारतेन्दु की अनूदित रचनाएं हैं।

2. तिलस्मी-ऐयारी उपन्यास परंपरा का आरंभ किस रचनाकार से माना जाता है?

Correct Answer: (b) देवकीनंदन खत्री
Solution:तिलस्मी-ऐयारी उपन्यास परम्परा का आरंभ देवकीनंदन खत्री से माना जाता है। चंद्रकान्ता, चन्द्रकाता संतति, नरेन्द्र मोहिनी, वीरेन्द्र वीर, काजर की कोठरी, अनूठी बेगम इत्यादि इनके द्वारा रचित प्रसिद्ध औपन्यासिक कृतियाँ हैं।

3. गोल्डस्मिथ कृत 'डेज़र्टेड विलेज' का हिन्दी अनुवाद 'ऊजड़ ग्राम' नाम से किसने किया है?

Correct Answer: (d) श्रीधर पाठक
Solution:गोल्डस्मिथ कृत 'डेजर्टेड विलेज' का हिन्दी अनुवाद 'ऊजड़ ग्राम' नाम से श्रीधर पाठक ने किया है। श्रीधर पाठक ने गोल्डस्मिथ कृत 'हरमिट'का एकांतवासी योगी तथा 'ट्रैवलर' का श्रांत पथिक नाम से हिंदी अनुवाद किया। श्रीधर पाठक खड़ी बोली केप्रथम स्वच्छन्दतावादी कति थे।

4. ब्रजभाषा में रचित कृति है:

Correct Answer: (d) उपर्युक्त तीनों
Solution:कश्मीर सुषमा, रसकलस तथा उद्धवशतक तीनों कृतियाँ ब्रजभाष में रचित हैं। 'कश्मीर सुषमा' की रचना 1904 ई.में श्रीधर पाठक ने की। 'रसकलस' हरिऔध द्वारा रचित एक रीतिग्रंथ है तथा 'उद्धवशतक'के रचनाकार जगन्नाथदास रत्नाकर हैं।

5. राष्ट्रीय भावनाओं की कविता 'त्रिशूल' उपनाम से लिखते थेः

Correct Answer: (a) गयाप्रसाद शुक्ल सनेही
Solution:राष्ट्रीय भावनाओं की कविता 'त्रिशूल' उपनाम से गया प्रसाद शुक्ल 'सनेही' लिखते थे। गयाप्रसाद शुक्ल श्रृंगारिक कविताएँ 'सनेही' उपनाम से लिखते थे।

ये खड़ी बोली में कवित्त और सवैया छंदो का प्रयोग करने में प्रवीण थे। कृषक क्रंन्दन, प्रेम पचीसी, राष्ट्रीय वीणा,त्रिशूल तरंग तथा करुणा कादम्बिनी इनकी प्रमुख काव्य कृतियाँ हैं।

6. रामनरेश त्रिपाठी की रचना नहीं है:

Correct Answer: (c) मृत्युंजय
Solution:मिलन, पथिक, मानसी, स्वप्न तथा कविता कौमुदी जैसी काव्यकृतियों के रचनाकार रामनरेश त्रिपाठी हैं

जबकि मृत्युंजय, वसंत वियोग, राम-रावण विरोध तथा स्वदेशी कुण्डल काव्यकृतियाँ रायदेवी प्रसाद 'पूर्ण' द्वारा रचित हैं। रामनरेश त्रिपाठी स्वच्छन्दतावाद के दूसरे प्रसिद्ध कवि हैं।

7. डॉ.नगेन्द्र ने द्विवेदीकाल को किस नाम से अभिहित किया है?

Correct Answer: (b) जागरण सुधारकाल
Solution:डॉ. नगेन्द्र ने द्विवेदीकाल को 'जागरण सुधार काल' नाम से अभिहित किया है आचार्य इसकी समयसीमा 1900 से 1918 ई.तक माना है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने द्विवेदी युग को 'नई धाराः द्वितीय उत्थान' के अन्तर्गत रखा है और इसकी समयावधि 1893 से 1918 ई. तक स्वीकार किया है।

8. सरदार पूर्णसिंह लिखित निबंध नहीं है:

Correct Answer: (d) कछुवा धर्म
Solution:'कछुआ धर्म' सरदारपूर्णसिंह द्वारा लिखित निबन्ध नहीं है बल्कि इसके रचनाकार चन्द्रधर शर्मा 'गुलेरी' है। 'मारेसि माहि कुठाव' गलेरी जी का एक अन्य महत्त्वपूर्ण निबन्ध है जबकि आचरण की सभ्यता, सच्ची वीरता, मजदूरी और प्रेम, पवित्रता, कन्यादान आदि सरदारपूर्ण सिंह लिखित निबंध हैं।

9. निम्नलिखित उपन्यासों को काल क्रमानुसार आरोही क्रम में रखिए:

Correct Answer: (b) आधा गाँव, अलग अलग वैतरणी, जल टूटता हुआ, धरती धन न अपना
Solution:उपन्यासों का कालक्रमानुसार आरोही क्रम इस प्रकार है।
उपन्यासप्रकाशनवर्ष
आधा गाँव1966 ई.
अलग-अलग वैतरणी1967 ई.
जल टूटता हुआ1969 ई.
परती पर अपना1972 ई.

10. जन्म-काल क्रम के अनुसार छायावादी रचनाकारों को आरोही क्रम में रखिए

Correct Answer: (a) जयशंकर प्रसाद, सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला', सुमित्रानन्दन पन्त, महादेवी वर्मा
Solution:जन्म-काल क्रम के अनुसार छायावादी रचनाकारों का आरोही क्रम इस प्रकार है-
लेखकजीवनकाल
जयशंकर प्रसाद(1889–1937 ई.)
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’(1899–1961 ई.)
सुमित्रानंदन पंत(1900–1977 ई.)
महादेवी वर्मा(1907–1987 ई.)