TGT and PGT (Hindi previous year questions) (Part-XVIII)

Total Questions: 50

1. 'हिन्दी नयी चाल में ढली' यह उद्घोषणा किसने की ?

Correct Answer: (a) भारतेन्दु हरिश्चंद्र
Solution:भारतेन्दु हरिश्चन्द ने 'कालचक्र' नामक अपनी पुस्तक में वर्ष 1873 ई.में यह उद्घोषणा की कि 'हिन्दी नई चाल में ढली। महावीर प्रसाद द्विवेदी ने कहा है- 'साहित्य समाज का दर्पण है।

2. आरंभिक हिन्दी कहानी 'दुलाईवाली' का रचनाकार कौन है?

Correct Answer: (d) बंगमहिला
Solution:आरम्भिक हिन्दी कहानी 'दुलाईवाली' की रचनाकार राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला) हैं। बंग महिला को हिन्दी की प्रथम कहानी लेखिका स्वीकार किया जाता है। इनकी कालक्रमानुसार प्रकाशित कहानियाँ इस प्रकार हैं (1) चन्द्रदेव से मेरी बातें (1904), (2) कुंभ में छोटी बहू (1906), (3) दुलाईवाली (1907), (4)दलिया (1909)

3. निम्नलिखित में से कौन-सा जयशंकर प्रसाद का नाटक नहीं है?

Correct Answer: (d) सिंदूर की होली
Solution:'सिन्दूर की होली' नाटक जयशंकर प्रसाद का नहीं है। बल्कि यह लक्ष्मीनारायण मिश्र का नाटक है। जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित सभी नाटक इस प्रकार हैं-

(1) सज्जन, (2) कल्याणी परिणय, (3) करुणालय, (4) प्रायश्चित (5) राज्यश्री, (6) विशाख, (7) अजातशत्रु, (8) जनमेजय का नागयज्ञ,(9) कामना, (10) स्कन्दगुप्त, (11) एक छूट, (12) चन्द्रगुप्त, (13) ध्रुवस्वामिनी।

4. निम्नलिखित में से कौन सा नागार्जुन की रचना नहीं है?

Correct Answer: (d) फूल नहीं रंग बोलते हैं
Solution:'फूल नही रंग बोलते हैं' नागार्जुन की नहीं बल्कि केदारनाथ अग्रवाल की रचना है। विवरण इस प्रकार हैं-

नागार्जुन (1) युगधारा, (2) सतरंगे पंखों वाली, (3) प्यासी पथराई आँखें, (4) भस्मांकुर, (5) तालाब की मछलियाँ, (6) खिचड़ी विप्लव देखा हमने, (7) तुमने कहा था, (8) हजार हजार बाँहों वाली, (9) पुरानी जूतियों का कोरसा केदारनाथ अग्रवाल

(1) युग की गंगा, (2) नींद के बादल, (3)लोक और आलोक, (4) फूल नहीं रंग बोलते हैं, (5) आग का आईना, (6) गुलमेंहदी, (7) पंख और पतवार, (8) बंबई का रक्त स्नान, (9) हे मेरी तुम, (10) मार प्यार की थापें इत्यादि।

5. 'आधे-अधूरे' नाटक के रचनाकार कौन है?

Correct Answer: (b) मोहन राकेश
Solution:'आधे-अधूरे' नाटक के रचनाकार मोहन राकेश हैं। 'आधे अधूरे' नाटक को समकालीन जिन्दगी का पहला सार्थक नाटक माना जाता है। यह वर्ष 1969 में प्रकाशित हुआ। मोहन राकेश के अन्य महत्वपूर्ण नाटक हैं- आषाढ़ का एक दिन एवं लहरों के राजहंस ।

6. प्रयोगवाद की प्रवृत्ति नहीं है:

Correct Answer: (c) पारंपरिक उपमानों का प्रयोग
Solution:'पारम्परिक उपमानों का प्रयोग' प्रयोगवाद की प्रवृत्ति नहीं है। क्षणवाद, बौद्धिकता तथा दुःखवाद प्रयोगवाद की प्रमुख प्रवृत्तियाँ हैं। प्रयोगवाद की प्रमुख प्रवृत्तियाँ इस प्रकार हैं-

(1) अहंवादी प्रवृत्ति का प्राधान्य (2) यथार्थवाद का आग्रह (3) निराशावाद (4) बौद्धिकता का प्राधान्य (5) उपमानों की नवीनता (6) साधारण विषयों का निरूपण (7) भाषा का प्रयोग।

7. निम्नलिखित में से क्या छायावाद की विशेषता नहीं है?

Correct Answer: (c) इतिवृत्तात्मकता
Solution:'इतिवृत्तात्मकता' छायावाद की नहीं बल्कि द्विवेदी युग की प्रमुख विशेषता है। वैयक्तिकता, कल्पना एवं रहस्य छायावाद की प्रमुख विशेषता है। जयशंकर प्रसाद, सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला', सुमित्रानन्दन पंत तथा महादेवी वर्मा छायावाद के चार स्तम्भ कहे जाते हैं।

8. 'शिवशंभु का चिट्ठा' कौन लिखते थे?

Correct Answer: (d) बाल मुकुन्द गुप्त
Solution:बालमुकुन्द गुप्त ने सन् 1904-1905 ई. में 'भारत मित्र' में 'शिवशम्भु का चिट्ठा'नाम से तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड कर्जन को सम्बोधित करके निबन्ध लिखा। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने लिखा है- "अच्छी हिन्दी बस एक व्यक्ति लिखता था- बाल मुकुन्द गुप्ता"

9. 'एकान्तवासी योगी' के रचयिता कौन है?

Correct Answer: (a) श्रीधर पाठक
Solution:'एकान्तवासी योगी' के रचयिता श्रीधर पाठक हैं। यह गोल्ड स्मिथ की कृति 'हरमिट' का अनुवाद है। श्रीधर पाठक ने इसकी रचना लावनी या ख्याल शैली में की है।

10. 'भाग्यवती'उपन्यास के लेखक कौन है?

Correct Answer: (d) श्रद्धाराम फुल्लौरी
Solution:'भाग्यवती' उपन्यास के लेखक श्रद्धाराम फुल्लौरी हैं। सन् 1877 ई. मेंलिखित 'भाग्यवती' उपन्यास को डॉ. विजय शंकर मल्ल ने हिन्दी का प्रथम उपन्यास स्वीकारा है। श्रीनिवास दास ने परीक्षा गुरु (1882) उपन्यास लिखा है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने इसे हिन्दी का पहला उपन्यास स्वीकार किया है।