Solution:'फूल नही रंग बोलते हैं' नागार्जुन की नहीं बल्कि केदारनाथ अग्रवाल की रचना है। विवरण इस प्रकार हैं-नागार्जुन (1) युगधारा, (2) सतरंगे पंखों वाली, (3) प्यासी पथराई आँखें, (4) भस्मांकुर, (5) तालाब की मछलियाँ, (6) खिचड़ी विप्लव देखा हमने, (7) तुमने कहा था, (8) हजार हजार बाँहों वाली, (9) पुरानी जूतियों का कोरसा केदारनाथ अग्रवाल
(1) युग की गंगा, (2) नींद के बादल, (3)लोक और आलोक, (4) फूल नहीं रंग बोलते हैं, (5) आग का आईना, (6) गुलमेंहदी, (7) पंख और पतवार, (8) बंबई का रक्त स्नान, (9) हे मेरी तुम, (10) मार प्यार की थापें इत्यादि।