अन्य जन आंदोलन (UPPCS) (भाग – 2)

Total Questions: 35

21. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए - [U.P. R.O./A.R.O. (Re-Exam) (Pre) 2016]

सूची-I (विद्रोह)सूची-II (वर्ष)
A. रम्पा विद्रोह1. 1859-60
B. पाबना किसान विद्रोह2. 1879-80
C. बंगाल नील विद्रोह3. 1860-63
D. जयंतिया विद्रोह4. 1873-76

कूट :

A

B

C

D

(a)

2

1

3

4

(b)

2

4

1

3

(c)

1

2

3

4

(d)

4

2

1

3

Correct Answer: (b)
Solution:

सुमेलित हैं-

सूची-I (विद्रोह)सूची-II (वर्ष)
बंगाल नील विद्रोह1859-60
पाबना किसान विद्रोह1873-76
रम्पा विद्रोह1879-80
जयंतिया विद्रोह1860-63

22. 1921 का मोपला विद्रोह कहां हुआ था? [48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008]

Correct Answer: (c) केरल
Solution:

1921 का मोपला विद्रोह मुख्य रूप से केरल के मालाबार क्षेत्र में हुआ था। इस विद्रोह का मुख्य नेतृत्व अली मुसलियार और वरियनकुननाथ कुंजाहम्मद हाजी ने किया था। यह विद्रोह खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन के साथ जुड़ा हुआ था, लेकिन जल्द ही इसने किसानों और ज़मींदारों के बीच हिंसक सांप्रदायिक और आर्थिक संघर्ष का रूप ले लिया। मुख्य रूप से मुस्लिम काश्तकारों (मोपला) द्वारा हिंदू ज़मींदारों (जेनमी) और ब्रिटिश सरकार के शोषणकारी नियमों के विरुद्ध यह आंदोलन शुरू हुआ था।

23. 1921 का 'मोपला विद्रोह' हुआ था- [U.P.P.C.S (Mains) 2016 & Jharkhand P.C.S. (Pre) 2003 & U.P.P.S.C. (GIC) 2010]

Correct Answer: (c) मालाबार में
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

24. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए- [U.P.P.C.S. (Mains) 2006]

सूची-I (घटनाएं)सूची-III (तिथियां)
A. बैरकपुर विद्रोह1. जुलाई, 1806
B. बरहामपुर विद्रोह2. नवंबर, 1824
C. संथाल विद्रोह3. 1855-56
D. बेल्लोर विद्रोह4. फरवरी, 1857

कूट :

A

B

C

D

(a)

2

4

3

1

(b)

2

1

4

3

(c)

3

4

2

1

(d)

1

2

4

3

Correct Answer: (a)
Solution:

• बैरकपुर में विद्रोह नवंबर, 1824 में हुआ।
• बरहामपुर का विद्रोह फरवरी, 1857 में हुआ।
• संथालों का विद्रोह सीदो तथा कान्हू के नेतृत्व में 1855- 56 ई. में हुआ।
• 1806 ई. में सैनिकों ने अपने सामाजिक तथा धार्मिक रीति-रिवाजों में हस्तक्षेप करने के कारण बेल्लोर में विद्रोह कर मैसूर के राजा का झंडा फहरा दिया था।

25. सूची-I को सूची - II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए - [R.O./A.R. O. (Pre) 2017]

सूची-I (विद्रोह)सूची-II (वर्ष ई.)
A. अहोम1. 1855-56
B. कोल2. 1828
C. संथाल3. 1921
D. मोपला4. 1831-32

कूट :

A

B

C

D

(a)

2

4

1

3

(b)

1

3

2

4

(c)

2

1

3

4

(d)

3

1

4

2

Correct Answer: (a)
Solution:

सूची I का सूची II से सही सुमेलन है-

सूची-I (विद्रोह)सूची-II (वर्ष ई.)
अहोम1828
कोल1831-32
संथाल1855-56
मोपला1921

26. निम्नलिखित में कौन-सा सही सुमेलित नहीं है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2015]

Correct Answer: (d) चुआर विद्रोह-मध्य प्रदेश
Solution:

• मोपला विद्रोह वर्ष 1921 में केरल के मालाबार क्षेत्र में मोपलाओं द्वारा किया गया था। प्रारंभ में यह विद्रोह अंग्रेज हुकूमत के खिलाफ था। महात्मा गांधी, शौकत अली, मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे नेताओं का सहयोग इस आंदोलन को प्राप्त था।
• 'कूका विद्रोह' का आरंभिक स्वरूप धार्मिक था; किंतु बाद में यह राजनीतिक विद्रोह के रूप में परिवर्तित हो गया। इस विद्रोह की शुरुआत पंजाब में 1840 के दशक में 'भगत जवाहर मल' द्वारा की गई थी। इन्हें 'सियान साहब' के नाम से भी जाना जाता था। राम सिंह के समय में यह आंदोलन जोर पकड़ा लेकिन अंग्रेजों ने 1857 ई. में इन्हें गिरफ्तार कर रंगून निर्वासित कर दिया।
• 1857 ई. के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, विभिन्न जनजातियों ने ब्रिटिश शोषण के विरुद्ध लड़ाई लड़ी। इनमें गुजरात के मेहसाणा जिले के तरंगा पहाड़ियों में कोली जनजातियों का विद्रोह भी ऐसा ही वीरतापूर्ण प्रयास था।
• चुआर विद्रोह (1767-1802 ई.) में तात्कालीन बंगाल के मिदनापुर और बांकुरा क्षेत्र के चुआर आदिवासियों द्वारा किया गया। यह विद्रोह 'भूमिकर' तथा 'अकाल' के कारण उत्पन्न आर्थिक संकट का परिणाम था।

27. अंग्रेजों के विरुद्ध भीलों द्वारा क्रांति प्रारंभ की गई थी- [M.P.P.C.S. (Pre) 2008]

Correct Answer: (a) मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र में
Solution:

अंग्रेजों के विरुद्ध भीलों द्वारा क्रांति मुख्य रूप से मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र के क्षेत्रों में प्रारंभ की गई थी। भील जनजाति मुख्य रूप से खानदेश (वर्तमान महाराष्ट्र) और मालवा (मध्य प्रदेश) के पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करती थी। भील विद्रोह कई चरणों में हुआ, जिसकी शुरुआत 1818 में हुई और यह 1831 व 1846 में भी सक्रिय रहा। कृषि संबंधी कठोर नीतियां, अंग्रेजों द्वारा भीलों की पारंपरिक स्वायत्तता में हस्तक्षेप और जंगलों पर ब्रिटिश नियंत्रण इस क्रांति के मुख्य कारण थे। खानदेश में इस विद्रोह का नेतृत्व सेवरम ने किया था। बाद के वर्षों में तंत्या भील एक प्रमुख क्रांतिकारी बनकर उभरे, जिन्हें 'इंडियन रॉबिनहुड' भी कहा जाता है।
राजस्थान में भीलों को संगठित करने के लिए गोविंद गुरु ने 'सम्प सभा' की स्थापना की थी।

28. निम्नलिखित युग्मों में कौन-सा सुमेलित नहीं है? [U.P. P.C.S. (Spl.) (Pre) 2008]

Correct Answer: (d) नायक - ताना भगत
Solution:

• मुंडा विद्रोह का प्रारंभ 1899-1900 ई. में रांची के दक्षिणी क्षेत्रों में हुआ था। इस विद्रोह का नेता बिरसा मुंडा था।
• संथाल विद्रोह 1855- 56 ई. में प्रारंभ हुआ था। इस विद्रोह के नेता सीदो और कान्हू थे।
• अहोम विद्रोह 1828 ई. में प्रारंभ हुआ था। इसके नेता गोमधर कुंवर थे।
• ताना भगत आंदोलन का प्रारंभ उरांव आदिवासियों के मध्य वर्ष 1914 में छोटानागपुर में हुआ था। इस आंदोलन के नेतृत्वकर्ता जतरा भगत, बलराम भगत तथा देवमेनिया भगत आदि थे।

29. ताना भगत आंदोलन जतरा उरांव ने किस वर्ष प्रारंभ किया था? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2015]

Correct Answer: (c) 1914
Solution:

ताना भगत आंदोलन की शुरुआत जतरा उरांव (जतरा भगत) ने 1914 में की थी। यह मुख्य रूप से छोटानागपुर क्षेत्र (वर्तमान झारखंड का गुमला और लोहरदगा जिला) में उरांव जनजाति के बीच फैला था। शुरुआत में यह एक धार्मिक और सामाजिक सुधार आंदोलन था (जिसे 'कुरुख धरम' भी कहा गया), जिसका उद्देश्य मांस-मदिरा का त्याग, अंधविश्वास को खत्म करना और सात्विक जीवन जीना था। ताना भगतों ने गांधीजी के असहयोग आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वे पूर्णतः अहिंसक थे और आज भी कई ताना भगत गांधीवादी विचारधारा का पालन करते हैं।

30. 19 वीं सदी के कृषक विद्रोहों को उनसे संबद्ध क्षेत्रों के साथ सुमेलित कीजिए- [U.P. P.C.S. (Pre) 2010]

A. कूकी विद्रोह                         1. पंजाब
B. कूका विद्रोह                         2. बंगाल
C. पाबना कृषक विद्रोह              3. बिहार
D. बिरसा मुंडा विद्रोह                4. त्रिपुरा

अपना उत्तर दिए गए कूट की सहायता से चुनिए-
कूट :

A

B

C

D

(a)

4

2

1

3

(b)

2

3

1

4

(c)

4

1

3

2

(d)

4

1

2

3

Correct Answer: (d)
Solution:

• कूका (1840-72 ई.): यह मूलतः पंजाब में सिखों में एक धार्मिक सुधार आंदोलन था, जो बाद में अंग्रेजों को देश से निकालने के राजनीतिक आंदोलन में बदल गया।

• पाबना (1873-76 ई.): यह बंगाल में हुआ जहाँ किसानों ने नारा दिया था— "हम केवल और केवल महारानी के रैयत (किसान) होना चाहते हैं", क्योंकि वे स्थानीय जमींदारों के अत्याचार से परेशान थे।

• बिरसा मुंडा (1899-1900 ई.): यह बिहार (वर्तमान झारखंड) में हुआ था। इसे 'उलगुलान' (महान हलचल) कहा जाता है, जिसका लक्ष्य स्वतंत्र मुंडा राज स्थापित करना था।

• कूकी (1917-19 ई.): यह प्रथम विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजों द्वारा जबरन श्रमिक बनाने के विरोध में पूर्वोत्तर (मणिपुर एवं त्रिपुरा) में हुआ था।