आधुनिक भारत में प्रेस का विकास (UPPCS) (भाग – 1)

Total Questions: 50

11. अमेरिका में 'फ्री हिंदुस्तान' अखबार किसने शुरू किया था? [39th B.P.S.C. (Pre) 1994]

Correct Answer: (d) तारकनाथ दास
Solution:

अमेरिका में 'फ्री हिंदुस्तान' अखबार तारकनाथ दास ने शुरू किया था। इसकी शुरुआत 1908 ई. में अमेरिका के वैंकूवर (ब्रिटिश कोलंबिया) से हुई थी, बाद में इसे अमेरिका के अन्य हिस्सों से भी प्रकाशित किया गया। इस अखबार का मुख्य उद्देश्य भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना और ब्रिटिश शासन की शोषणकारी नीतियों को दुनिया के सामने उजागर करना था।

प्रमुख प्रवासी क्रांतिकारी समाचार पत्र

समाचार पत्रसंस्थापक / मुख्य व्यक्तिस्थान
फ्री हिंदुस्तानतारकनाथ दासवैंकूवर/अमेरिका
गदरलाला हरदयालसैन फ्रांसिस्को
इंडियन सोशियोलॉजिस्टश्यामजी कृष्ण वर्मालंदन
तलवारवीरेंद्रनाथ चट्टोपाध्यायबर्लिन

12. फारसी साप्ताहिक 'मिरातुल अखबार' को प्रकाशित करते थे- [U.P. P.C.S. (Pre) 2000]

Correct Answer: (b) राजा राममोहन राय
Solution:

राजा राममोहन राय ने अपने विचारों को प्रेस के माध्यम से प्रचारित एवं प्रसारित किया। दिसंबर, 1821 में उन्होंने बांग्ला साप्ताहिक 'संवाद कौमुदी' अथवा 'प्रज्ञा का चांद' का प्रकाशन प्रारंभ किया। इसके एक वर्ष पश्चात इन्होंने फारसी भाषा में एक अन्य साप्ताहिक समाचार-पत्र 'मिरातुल अखबार' या 'बुद्धि दर्पण' का प्रकाशन प्रारंभ किया।

जॉन एडम जब कार्यवाहक गवर्नर जनरल था, तब (1823 ई. में) उसने भारतीय प्रेस पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया। लाइसेंस के बिना प्रकाशन करने पर चार सौ रुपये जुर्माना या कारावास का दंड दिया जा सकता था। मजिस्ट्रेट को मुद्रणालय जब्त करने का भी अधिकार था। यह नियम मुख्य रूप से भारतीय भाषाओं तथा भारतीयों द्वारा संपादित एवं उनके स्वामित्व वाले पत्रों के लिए था। इसी कारण राजा राममोहन राय को साप्ताहिक पत्र 'मिरातुल अखबार' का प्रकाशन बंद करना पड़ा था।

13. 1880 के दशक में 'इंडियन मिरर' अखबार का प्रकाशन कहां से होता था ? [U.P. P.C.S. (Mains) 2007]

Correct Answer: (b) कलकत्ता
Solution:

1880 के दशक में 'इंडियन मिरर' अखबार का प्रकाशन कलकत्ता (अब कोलकाता) से होता था। इसकी स्थापना देवेन्द्रनाथ टैगोर और मनमोहन घोष ने 1861 में की थी। 1880 के दशक में इसके संपादन का कार्य मुख्य रूप से केशव चंद्र सेन और नरेन्द्रनाथ सेन द्वारा किया गया था। यह भारत का पहला दैनिक अंग्रेजी अखबार था जिसे किसी भारतीय द्वारा संपादित और प्रकाशित किया गया था।

प्रमुख ऐतिहासिक समाचार पत्र और उनके केंद्र

समाचार पत्रसंपादक/संस्थापकप्रकाशन स्थान
इंडियन मिररमनमोहन घोष/देवेंद्रनाथ टैगोरकलकत्ता
अमृत बाजार पत्रिकाशिशिर कुमार घोषकलकत्ता
द हिंदूजी. सुब्रमण्यम अय्यरमद्रास
केसरी और मराठाबाल गंगाधर तिलकबॉम्बे/पुणे

14. गदर पत्र का प्रथम अंक निम्नलिखित में से किस भाषा में प्रकाशित हुआ ? [U.P. P.C.S. (Mains) 2007]

Correct Answer: (a) उर्दू
Solution:

1 नवंबर, 1913 को 'गदर' पत्र का पहला अंक प्रकाशित हुआ था। यद्यपि पहला अंक उर्दू में था, लेकिन 9 दिसंबर, 1913 से यह गुरुमुखी लिपि में भी छपने लगा। बाद में इसे हिंदी, गुजराती, बंगाली और पश्तो जैसी अन्य भाषाओं में भी प्रकाशित किया गया। इसके मुखपृष्ठ पर अंग्रेजी राज का कच्चा चिट्ठा छपता था और शीर्षक के नीचे 'अंग्रेजी राज का दुश्मन' लिखा होता था।

15. गदर पार्टी का पत्र 'गदर' था- [U.P.P.C.S. (Mains) 2013]

Correct Answer: (c) एक साप्ताहिक-पत्र
Solution:

भारत को ब्रिटिश राज से मुक्त कराने हेतु संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में लाला हरदयाल, सोहन सिंह भाकना और करतार सिंह सराभा आदि ने मिलकर हिंदुस्तान गदर पार्टी (गदर पार्टी) की स्थापना की थी। इस पार्टी का मुखपत्र 'गदर' एक साप्ताहिक-पत्र था, जिसके प्रथम संस्करण का प्रकाशन 1 नवंबर, 1913 को सैनफ्रांसिस्को से किया गया था। इसके मस्तक पर "अंग्रेजी राज का कच्चा चिट्ठा" छपा होता था। इसका पहला अंक उर्दू में था, जिसके बाद यह साप्ताहिक रूप से गुरुमुखी, हिंदी और अन्य भाषाओं में भी प्रकाशित होने लगा।

16. 'अमृत बाजार पत्रिका' की स्थापना किसने की? [47th B.P.S.C. (Pre) 2005]

Correct Answer: (d) शिशिर कुमार घोष
Solution:

'अमृत बाजार पत्रिका' की स्थापना शिशिर कुमार घोष ने 1868 ई. में कलकत्ता में की। प्रारंभ में यह बंगाली भाषा में प्रकाशित होती थी। 1878 ई. में देशी भाषा प्रेस अधिनियम (वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट) से बचने के लिए यह रातो-रात अंग्रेजी भाषा में रूपांतरित हो गई। गिरीशचंद्र घोष ने 'बंगाली' का प्रकाशन 1862 ई. में शुरू किया, जिसे 1879 ई. में एस.एन. बनर्जी ने ले लिया। 'हिंदू पैट्रियाट' की स्थापना भी गिरीशचंद्र घोष ने की थी। बाद में हरिश्चंद्र मुखर्जी इसके संपादक बने।

17. लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की सेवा के उद्देश्य से कौन-सा समाचार-पत्र प्रारंभ किया था? [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010 & M.P.P.C.S. (Pre) 2008 & U.P. P.C.S. (Pre) 1990]

Correct Answer: (b) केसरी
Solution:

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जन-जागरूकता फैलाने के लिए 1881 में 'केसरी' और 'मराठा' नामक दो समाचार-पत्र प्रारंभ किए। 'केसरी' मराठी भाषा में था, जिसने आम जनता में क्रांतिकारी चेतना जगाई, जबकि 'मराठा' अंग्रेजी में प्रकाशित होता था। इन पत्रों के माध्यम से तिलक ने ब्रिटिश नीतियों की कड़ी आलोचना की, जिसके कारण उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा। इन्होंने स्वराज की मांग को जन-आंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

18. क्रांतिकारी काल की निम्नलिखित लोकप्रिय पत्रिकाओं में से कौन अनेक कारणों से कांग्रेस की आलोचना करती थी? [U.P.P.C.S. (Mains) 2011]

Correct Answer: (d) उपर्युक्त सभी
Solution:

बंगवासी, काल एवं केसरी आदि पत्रिकाएं क्रांतिकारी आंदोलन की समर्थक और कांग्रेस की उदारवादी नीतियों की आलोचक थीं।

19. निम्नलिखित में से किन समाचार-पत्रों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के काल में क्रांतिकारी आतंकवाद की वकालत की थी? [U.P. Lower Sub. (Pre) 2008]

1. संध्या
2. युगांतर
3. काल
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए-
कूट :

Correct Answer: (d) 1, 2, 3
Solution:

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान संध्या, युगांतर और काल जैसे समाचार-पत्रों ने क्रांतिकारी विचारधारा और सशस्त्र विद्रोह का पुरजोर समर्थन किया था। बंगाल में ब्रह्मबांधव उपाध्याय के 'संध्या' और बारींद्र कुमार घोष व भूपेंद्रनाथ दत्त के 'युगांतर' ने युवाओं को ब्रिटिश शासन के विरुद्ध हथियार उठाने के लिए प्रेरित किया। वहीं महाराष्ट्र में शिवराम महादेव परांजपे द्वारा संपादित 'काल' अपने क्रांतिकारी लेखों के लिए प्रसिद्ध था। इन पत्रों ने न केवल विदेशी शासन की आलोचना की, बल्कि देश की स्वतंत्रता के लिए आत्म-बलिदान और प्रत्यक्ष संघर्ष की वकालत भी की, जिसके कारण ब्रिटिश सरकार ने इन पर कई बार कड़े प्रतिबंध लगाए।

20. क्रांतिकारी गतिविधियों के साथ कौन-सी पत्रिका जुड़ी हुई नहीं थी? [60-62th B.P.C.S. (Pre) 2016]

Correct Answer: (d) यंग इंडिया
Solution:

'यंग इंडिया' पत्रिका क्रांतिकारी गतिविधियों के साथ जुड़ी नहीं थी। यंग इंडिया पत्रिका का संपादन महात्मा गांधी ने किया था। महात्मा गांधी अहिंसक आंदोलन के समर्थक थे। वर्ष 1913 में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भाकना ने 'हिंदुस्तान एसोसिएशन ऑफ दि पैसिफिक कोस्ट' नामक संस्था की स्थापना की। इस संस्था ने 'गदर' नामक अखबार निकाला, जिससे इस संस्था का नाम भी हिंदुस्तान गदर पार्टी (गदर पार्टी) पड़ गया। युगांतर तथा संध्या पत्रिकाएं भी क्रांतिकारी गतिविधियों से संबंधित थीं।