Solution:अंग्रेजी साप्ताहिक 'वंदे मातरम्' के साथ मुख्य रूप से अरबिंदो घोष ने स्वयं को संबद्ध किया था। इसकी शुरुआत विपिन चंद्र पाल ने अगस्त 1906 में की थी। इसके संपादन का मुख्य कार्यभार अरबिंदो घोष ने संभाला था। उन्होंने ही इस पत्र के माध्यम से 'पूर्ण स्वराज' के विचार को पहली बार सशक्त रूप से जनता के सामने रखा। यह एक उग्र राष्ट्रवादी समाचार-पत्र था, जिसने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया और युवाओं में देशभक्ति का संचार किया।
• वंदे मातरम् (अंग्रेजी साप्ताहिक): भारत (कलकत्ता) में अरबिंदो घोष और विपिन चंद्र पाल द्वारा।
• वंदे मातरम् (पेरिस से): मैडम भीकाजी कामा द्वारा (पेरिस, फ्रांस से प्रकाशित)।
• वंदे मातरम् (जनेवा/बर्लिन से): लाला हरदयाल द्वारा।