कार्य, ऊर्जा और शक्ति (भौतिक विज्ञान) (Part-I)

Total Questions: 70

21. बड़े पैमाने पर विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए एक स्थान पर बड़ी संख्या में लगाई गईं स्वचालित टरबाइनों के सेट-अप को क्या कहा जाता है? [RRB JE 29/05/2019 (Morning]

Correct Answer: (d) पवन ऊर्जा फार्म
Solution:
  • पवन ऊर्जा फार्म यह एक स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है।
  • पवन टरबाइन जनरेटर को घुमाने और बिजली बनाने के लिए यांत्रिक शक्ति का उपयोग करके वायु से ऊर्जा का निर्माण करते हैं।
  • अन्य नवीकरणीय ऊर्जा (हरित ऊर्जा) स्रोतः सौर ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा, जल विद्युत, महासागरीय ऊर्जा और जैव ऊर्जा।
  • प्रकार
  • मुख्य प्रकार:
    • ताप विद्युत संयंत्र (Thermal Power Plant): कोयला/गैस दहन से भाप टरबाइन।
    • जल विद्युत संयंत्र (Hydroelectric Power Plant): जल प्रवाह से टरबाइन।
    • परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Power Plant): विखंडन ऊष्मा से टरबाइन।
  • संरचना
  • मुख्य घटक:
    • बॉयलर: ईंधन दहन से भाप उत्पन्न।
    • टरबाइन: भाप/जल से यांत्रिक ऊर्जा।
    • जनरेटर: यांत्रिक → विद्युत ऊर्जा।
    • ट्रांसफॉर्मर: उच्च वोल्टेज संचरण।
  • कार्यप्रणाली
  • सामान्य प्रक्रिया:
    • ईंधन/जल → ऊष्मा/गतिज ऊर्जा → टरबाइन घूर्णन → जनरेटर → ग्रिड में बिजली
    • दक्षता: 30-40% (बाकी अपव्यय ऊष्मा के रूप में)।
    • यह सेट-अप राष्ट्रीय ग्रिड को 24×7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करता है और आधुनिक औद्योगिक अर्थव्यवस्था का आधार है।

22. जलविद्युत संयंत्रों में, जल टरबाईनों का उपयोग करके जेनरेटर को चलाने के लिए किस ऊर्जा का दोहन किया जाता है? [RRB JE 27/06/2019 (Evening)]

Correct Answer: (a) गिरते हुए पानी की ऊर्जा
Solution:
  • गिरते हुए पानी की ऊर्जा टरबाइन के ब्लेडों को घुमाती है, जो फिर एक जनरेटर को घुमाता है
  • जो घूमते टरबाइन की यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
  • सौर ऊर्जा सूर्य से प्राप्त ऊर्जा है जिसे तापीय या विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है।
  • प्रक्रिया
    • स्थितिज ऊर्जा (mgh): बांध के जलाशय में संग्रहित।
    • टरबाइन घूर्णन: जल प्रवाह से गतिज ऊर्जा → यांत्रिक ऊर्जन।
    • जनरेटर: यांत्रिक → विद्युत ऊर्जा।
  • ऊर्जा रूपांतरण
    • स्थितिज ऊर्जा → गतिज ऊर्जा → यांत्रिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा
  • दक्षता
    • 80-90% (सर्वाधिक स्वच्छ ऊर्जा स्रोत)।
    • भारत में सरदार सरोवर, भाखड़ा जैसे संयंत्र इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
    • स्थितिज ऊर्जा जलविद्युत का मूल स्रोत है जो गुरुत्वाकर्षण से प्राप्त होती है।

23. पहाड़ी पर लुढ़कते हुए एक पिंड में होती है: [RRB Group D 17/09/2018 (Evening)]

Correct Answer: (d) गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा दोनों
Solution:
  • गतिज ऊर्जा वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में उसकी गति के कारण होती है। सूत्र (KE) = 1/2 mv², जहाँ m = द्रव्यमान और v = वेग।
  • उदाहरण - एक निश्चित गति से प्रवाहित होने वाली नदी गतिज ऊर्जा प्रदर्शित करती है
  • क्योंकि जल में वेग और द्रव्यमान दोनों होते हैं। स्थितिज ऊर्जा (PE) - कोई वस्तु अपनी स्थिति के कारण ऊर्जा संग्रहित कर सकती है।
  • सूत्र (PE) = mgh, जहाँ m = द्रव्यमान, g = गुरुत्वाकर्षण बल, h = जमीन से ऊँचाई।
  • उदाहरण- पेड़ की शाखाओं में पेड़ की ऊँचाई पर स्थितिज ऊर्जा होती है क्योंकि वे जमीन पर गिर सकती हैं।
  • ऊर्जा रूपांतरण
    • प्रारंभ (शीर्ष): अधिकतम स्थितिज ऊर्जा (mgh), न्यूनतम गतिज ऊर्जा।
    • लुढ़कते समय: स्थितिज ऊर्जा → गतिज ऊर्जा में रूपांतरण।
    • निचले भाग: न्यूनतम स्थितिज, अधिकतम गतिज ऊर्जा।
    • सूत्र: mgh=1/2 mv^2 (बिना घर्षण के)
  • लुढ़कने की विशेषता
    • लुढ़कने में दो प्रकार की गतिज ऊर्जा:
    • स्थानांतरीय गतिज ऊर्जा: 1/2 mv^2 (अनुवंशीय गति)
    • घूर्णी गतिज ऊर्जा: 1/2 Iω^2 (घुमाव)
    • कुल: KE_total=1/2 mv^2+1/2 Iω^2
  • व्यावहारिक उदाहरण
    • गेंद पहाड़ी से लुढ़कते समय:
    • ऊपर: PE = 100 J, KE = 0 J
    • बीच: PE = 60 J, KE = 40 J
    • नीचे: PE = 20 J, KE = 80 J
    • कुल: 100 J (स्थिर)
    • घर्षण होने पर कुछ ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है
    • लेकिन आदर्श स्थिति में कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है।
    • यह कक्षा 9-11 भौतिकी का मूल सिद्धांत है।

24. एक शेल के विस्फोट के बाद, कई टुकड़े अलग-अलग दिशाओं में उड़ जाते हैं। इस स्थिति में क्या संरक्षित रहता है ? [RRB Group D 17/09/2018 (Evening)]

Correct Answer: (a) संवेग
Solution:
  • विस्फोट में, प्रारंभिक गतिज ऊर्जा संरक्षित नहीं होती है
  • क्योंकि प्रारंभिक ऊर्जा विभिन्न प्रकार की ऊर्जाओं में परिवर्तित हो जाती है।
  • लेकिन संवेग संरक्षित रहेगा क्योंकि द्रव्यमान को द्रव्यमान के व्युत्क्रम अनुपात में वेग वाले टुकड़ों में विभाजित हो जाता है।
  • एक शेल के विस्फोट के बाद, कई टुकड़े अलग-अलग दिशाओं में उड़ जाते हैं। इस स्थिति में संवेग संरक्षित रहता है।
  • संवेग संरक्षण का नियम
    • बाहरी बल न कार्य करने पर कुल संवेग (द्रव्यमान × वेग का सदिश योग) विस्फोट से पहले और बाद में समान रहता है।
  • सूत्र:
    • विस्फोट से पहले: mv ⃗=0 (शांत अवस्था में)
    • विस्फोट के बाद: ∑m_i (v_i ) ⃗=0
  • कारण
    • आंतरिक बल: विस्फोट के बल आंतरिक होते हैं (तीसरा नियम: क्रिया-प्रतिक्रिया)।
    • बाहरी बल शून्य: कोई बाहरी संवेग परिवर्तन नहीं।
    • गतिज ऊर्जा: रासायनिक ऊर्जा → गतिज ऊर्जा में बदल जाती है (संरक्षित नहीं)।
  • उदाहरण
    • शेल (द्रव्यमान M, प्रारंभिक वेग = 0) तीन टुकड़ों में फटता है:
    • टुकड़ा 1: 2 kg, 3 m/s (पूर्व दिशा)
    • टुकड़ा 2: 3 kg, 2 m/s (उत्तर दिशा)
    • टुकड़ा 3: वेग ज्ञात करना → संवेग संतुलन से।

25. ______ कार्य करने की दर है। [RRB Group D 17/09/2018 (Evening)]

Correct Answer: (c) शक्ति
Solution:
  •  शक्ति = कार्य / समय । SI मात्रक - वाट (W) या जूल प्रति सेकंड (J/s) ।
  • परिभाषा
    • शक्ति वह दर है जिस पर कार्य किया जाता है या ऊर्जा स्थानांतरित होती है।
    • गणितीय रूप से: P=W/t, जहाँ W = कार्य (जूल), t = समय (सेकंड)।
  • इकाई
    • SI इकाई: वाट (W) = जूल/सेकंड (J/s)।
    • 1 W = 1 J/s
    • 1 kW = 1000 W
    • 1 हॉर्सपावर (hp) ≈ 746 W
  • सूत्र रूप
    • विभिन्न रूप:
    • P=F×v (बल × वेग)
    • P=VI (विद्युत शक्ति)
    • P=mgh/t (लिफ्ट में)
  • महत्व
    • बिजली बिल: kWh (शक्ति × समय) पर आधारित
    • मशीन दक्षता: P = उपयोगी कार्य/कुल कार्य
    • उपकरण रेटिंग: सभी विद्युत उपकरणों पर W में लिखी जाती है

26. जब कोई कार्य नहीं किया जाता है तो विस्थापन और लगाए गए बल के बीच का कोण......... होता है [RRB Group D 17/09/2018 (Evening)]

Correct Answer: (d) 90°
Solution:
  • किया गया कार्य = बल × विस्थापन × Cosθ| जब 8 = 90° तब cos 90° = 0 । तब किया गया कार्य शून्य के बराबर होता है।
  • अन्य शर्तें: (1) जब θ = 0°, किया गया कार्य धनात्मक होता है, (ii) जब θ = 180°, तो किया गया कार्य ऋणात्मक होता है।
  • जब कोई कार्य नहीं किया जाता है तो विस्थापन और लगाए गए बल के बीच का कोण 90° होता है।
  • कार्य का सूत्र
    • कार्य  से निर्धारित होता है, जहाँ θ बल और विस्थापन के बीच का कोण है। जब θ = 90°, तो , अतः W = 0।
  • भौतिक कारण
    • लंबवत बल विस्थापन की दिशा में कोई घटक उत्पन्न नहीं करता।
    • बल का प्रभाव विस्थापन के लंबवत होने से शून्य कार्य परिणाम देता है।
  • व्यावहारिक अनुप्रयोग
    • वृत्तीय गति: अभिकेन्द्रीय बल लंबवत → शून्य कार्य।
    • कूल्हे पर बोझ: गुरुत्वाकर्षण लंबवत → शून्य कार्य।
    • संतुलित बल: कोई विस्थापन नहीं → शून्य कार्य।

27. किसी वस्तु को एक निश्चित ऊंचाई से भूमि पर गिराया जाता है। जब यह भूमि को स्पर्श करती है, तो इसमें होगी : [RRB Group D 18/09/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (a) गतिज ऊर्जा
Solution:
  • गतिज ऊर्जा किसी वस्तु की गति के गुण के कारण उसकी ऊर्जा है। जब वस्तु ऊंचाई से गिरती है तो स्थितिज ऊर्जा कम हो जाती है
  • लेकिन गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है लेकिन समग्र ऊर्जा स्थिर रहती है।
  • जबकि, किसी वस्तु में उसकी स्थिति के गुण के कारण जो ऊर्जा होती है, उसे उसकी स्थितिज ऊर्जा कहा जाता है।
  • ऊर्जा रूपांतरण
    • प्रारंभ: केवल स्थितिज ऊर्जा (PE = mgh)
    • गिरते समय: PE → KE में रूपांतरण
    • भूमि स्पर्श: PE = 0, KE = mgh (अधिकतम)
  • ऊर्जा संरक्षण
    • कुल यांत्रिक ऊर्जा संरक्षित रहती है:
    • PE_initial=KE_final
    • mgh=1/2 mv^2
  • व्यावहारिक स्थिति
    • वास्तविकता: भूमि स्पर्श पर घर्षण से कुछ KE ऊष्मा/ध्वनि में बदल जाती है। लेकिन सैद्धांतिक रूप से पूरी गतिज ऊर्जा होती है।
  • गणना उदाहरण
    • h = 20 m, m = 2 kg, g = 10 m/s²:
    • PE_initial = 2 × 10 × 20 = 400 J
    • KE_final = 400 J (v = √(2gh) = 20 m/s)

28. किसी वस्तु के स्वतंत्र रूप से गिरने के दौरान, उसके पथ में किसी भी बिंदु पर निम्नलिखित में से कौन सी ऊर्जा बढ़ती है? [RRB Group D 19/09/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (c) गतिज ऊर्जा
Solution:
  • गतिज ऊर्जा किसी वस्तु में उसकी गति के कारण उत्पन्न होने वाली ऊर्जा का एक रूप है।
  • सूत्र KE = 1/2 mv² ('KE' - वस्तु की गतिज ऊर्जा, 'm' - वस्तु का द्रव्यमान, 'v' - वेग)।
  • यह वस्तु के द्रव्यमान और उसकी गति पर निर्भर करता है।
  • इसका मान सदैव या तो शून्य या धनात्मक होगा। मात्रक (SI) - जूल (J)।
  • उदाहरण - क निश्चित गति से बहने वाली नदी गतिज ऊर्जा प्रदर्शित करती है, क्योंकि जल में वेग और द्रव्यमान दोनों होते हैं।
  • ऊर्जा परिवर्तन
    • स्वतंत्र पतन में ऊर्जा संरक्षण का नियम लागू होता है। कुल यांत्रिक ऊर्जा स्थिर रहती है:
    • कुल ऊर्जा = स्थितिज ऊर्जा (PE) + गतिज ऊर्जा (KE) = स्थिर
  • क्रमिक परिवर्तन
    • ऊँचाई (h) ↓ PE ↓ KE ↑
    • शुरू (h₀) अधिक शून्य
    • बीच (h₁) कम बढ़ी हुई
    • नीचे (h=0) शून्य अधिकतम
  • गणितीय प्रमाण
    • प्रारंभ: PE=mgh, KE=0
    • किसी बिंदु पर: PE=mg(h-x), KE=1/2 mv^2
    • गति समीकरण से: v^2=2gx
    • इसलिए KE=1/2 m(2gx)=mgx (बढ़ती है)
    • संरक्षण: mg(h-x)+mgx=mgh ✓
  • ग्राफ
    • PE: ↘️
    • KE: ➡️
    • कुल: ─── (स्थिर)
  • व्यावहारिक नोट
    • वायु प्रतिरोध न्यून मानकर यह आदर्श स्थिति है।
    • वास्तविकता में कुछ ऊर्जा घर्षण हानि होती है
    • लेकिन गतिज ऊर्जा ही निरंतर बढ़ती रहती है।

29. कणों की गतिज ऊर्जा ______ के संबंध में अधिकतम होती है। [RRB Group D 19/09/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (b) प्लाज्मा
Solution:
  • ज्मा में पदार्थ की मूलभूत अवस्थाओं में सबसे अधिक गतिज ऊर्जा होती है। ऐसा इसलिए है
  • क्योंकि प्लाज्मा में कण, अन्य कणों की तुलना में तेज़ गति से चलते हैं। गतिज ऊर्जा का क्रमः ठोस < द्रव < गैस < प्लाज्मा ।
  • प्लाज्मा की विशेषताएँ
    • उच्च तापमान: 10,000 K से अधिक
    • आयनित कण: इलेक्ट्रॉन और आयन स्वतंत्र रूप से गति करते हैं
    • उदाहरण: सूर्य, बिजली के चाप, फ्यूजन रिएक्टर
  • वैज्ञानिक आधार
    • गतिज आणविक सिद्धांत: KE∝T
    • प्लाज्मा में तापमान अन्य अवस्थाओं से लाखों गुना अधिक होने से गतिज ऊर्जा चरम पर होती है।
    • निष्कर्ष: सामान्यतः गैस को अधिकतम माना जाता है
    • लेकिन प्लाज्मा ही वास्तविक अधिकतम है। यह कक्षा 11 भौतिकी और रसायन विज्ञान का उन्नत सिद्धांत है।

30. एक कार तेज गति से चल रही है। इसमें कौन सी ऊर्जा है? [RRB Group D 19/09/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (c) गतिज ऊर्जा
Solution:
  • गतिज ऊर्जा किसी वस्तु द्वारा उसकी गति के कारण उत्पन्न ऊर्जा का एक रूप है।
  • किसी भी गतिशील वस्तु में गतिज ऊर्जा होती है, जैसे कि चलता हुआ व्यक्ति, फेंका गया बेसबॉल, मेज से गिरता हुआ टुकड़ा।
  • यह कभी भी ऋणात्मक नहीं हो सकता  है और यह एक अदिश राशि (केवल परिमाण होता है, दिशा नहीं) है।
  • गतिज ऊर्जा
    • सूत्र: KE=1/2 mv^2
    • m = कार का द्रव्यमान
    • v = गति (तेज होने से v² अधिक → KE बहुत अधिक)
  • व्यावहारिक उदाहरण
    • 1000 kg कार, 72 km/h (20 m/s):
    • KE=1/2×1000×20^2=2,00,000 J = 200 kJ
    • तेज गति (144 km/h): KE = 800 kJ (4 गुना अधिक)।
  • महत्व
    • ब्रेकिंग: गतिज ऊर्जा → ऊष्मा में बदलाव
    • दुर्घटना: उच्च KE → अधिक क्षति
    • ईंधन खपत: KE बनाए रखने के लिए निरंतर रासायनिक ऊर्जा आवश्यक