Correct Answer: (c) कार्य करने वाली वस्तु की स्थिति और अवस्था
Solution:- किसी पिंड की कार्य करने की क्षमता ऊर्जा कहलाती है। यह एक अदिश राशि है।
- किसी वस्तु में निहित ऊर्जा उस स्थिति पर निर्भर करती है
- जिसमें वह स्थित है, साथ ही साथ उसकी स्थिति और गति ऊर्जा को निर्धारित करती है।
- स्थिति और अवस्था का अर्थ
- स्थिति: वस्तु की ऊँचाई या स्थान (स्थितिज ऊर्जा mgh प्रभावित)।
- अवस्था: गति (गतिज ऊर्जा 1/2 mv^2) या आकृति (प्रत्यास्थ ऊर्जा)।
- ऊर्जा कार्य करने की क्षमता है, जो इन पर निर्भर करती है।
- उदाहरण
- ऊँचाई पर रखी गेंद: अधिक स्थितिज ऊर्जा (स्थिति के कारण)।
- दौड़ती गाड़ी: अधिक गतिज ऊर्जा (अवस्था/वेग के कारण)।
- खिंचा स्प्रिंग: प्रत्यास्थ ऊर्जा (आकृति परिवर्तन के कारण)।
- अन्य प्रकार
- रासायनिक ऊर्जा बंधनों पर, नाभिकीय ऊर्जा नाभिक पर निर्भर।
- यांत्रिक ऊर्जा मुख्यतः स्थिति-अवस्था पर आधारित।