कार्य, ऊर्जा और शक्ति (भौतिक विज्ञान) (Part-II)

Total Questions: 37

1. एक पिंड 200 मीटर की ऊँचाई से गिर रहा है। 100 मीटर गिरने के बाद, पिंड में क्या होगा? [RRB Group D 29/10/2018 (Morning)]

Correct Answer: (d) आधी स्थितिज ऊर्जा और आधी गतिज ऊर्जा
Solution:
  • गतिज ऊर्जा: गति के गुण के कारण वस्तु में स्थितिज ऊर्जा। सूत्र - K.E = 1/2 mv², जहाँ m - द्रव्यमान, v - वेग और KE - गतिज ऊर्जा।
  • पिंड की स्थिति के कारण संग्रहित ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा होती है।
  • गुरुत्वाकर्षण स्थितिज ऊर्जा - PE = mgh, जहाँ m - द्रव्यमान, g - गुरुत्वाकर्षण का त्वरण और h - ऊँचाई।
  • प्रारंभिक स्थिति (200 m ऊँचाई)
    • गतिज ऊर्जा KE_1=0 J (विराम से गिरना)
    • स्थितिज ऊर्जा PE_1=mgh_1=mg×200
    • कुल ऊर्जा E=mg×200
    • 100 m गिरने के बाद (100 m ऊँचाई बाकी)
    • नई स्थितिज ऊर्जा PE_2=mgh_2=mg×100 (आधी)
    • ऊर्जा संरक्षण: PE_1=PE_2+KE_2
    • इसलिए KE_2=mg×200-mg×100=mg×100 (आधी मूल PE के बराबर)
  • गति की गणना
    • वेग v ज्ञात करने के लिए: v^2=2gh=2×9.8×100=1960
    • v=√1960≈44.3 m/s

2. ऊर्जा के पारंपरिक स्रोत का उदाहरण पहचानें। [RRB Group D 29/10/2018 (Evening)]

Correct Answer: (a) प्राकृतिक गैस
Solution:
  • प्राकृतिक गैस - हाइड्रोकार्बन का एक गंधहीन, गैसीय मिश्रण, जो मुख्य रूप से मीथेन (CH₄) से बना होता है।
  • उपयोग - विद्युत एवं ताप उत्पन्न करने के लिए, संपीड़ित रूप में प्राकृतिक गैस का उपयोग वाहनों (CNG के रूप में जाना जाता है) के लिए ईंधन के रूप में किया जाता है।
  • सौर ऊर्जा - सूर्य में होने वाले परमाणु संलयन द्वारा निर्मित होती है।
  • पवन ऊर्जा - वायु के बल से प्राप्त की जाती है और पवन टरबाइन का उपयोग करके बनाई जाती है।
  • परमाणु ऊर्जा - परमाणुओं के केंद्रक, नामक से निकलने वाली ऊर्जा का रूप।
  • कोयला, जलविद्युत, सौर, पवन और गैस ऊर्जा के बाद यह भारत के लिए बिजली का पाँचवां सबसे बड़ा स्रोत है।
  • पारंपरिक बनाम गैर-पारंपरिक
  • पारंपरिक स्रोत (गैर-नवीकरणीय, सीमित):
    • कोयला
    • खनिज तेल (पेट्रोल/डीजल)
    • प्राकृतिक गैस
    • नाभिकीय ऊर्जा
  • गैर-पारंपरिक (नवीकरणीय): सौर, पवन, ज्वारीय।
  • कोयला क्यों पारंपरिक?
    • प्राचीन काल से उपयोग।
    • थर्मल पावर प्लांट में 50%+ बिजली।
    • उच्च ऊर्जा घनत्व लेकिन प्रदूषणकारी।
  • भारत में स्थिति
    • 70% बिजली कोयले से।
    • पेट्रोलियम आयात पर निर्भर। नवीकरणीय पर जोर बढ़ रहा है।

3. एक अधिक शक्तिशाली इंजन कम समय में अधिक काम कर सकता है, जैसे कि एक हवाई जहाज कार की तुलना में कम समय में अधिक दूरी तय करता है, अतः हवाई जहाज कार की तुलना में अधिक शक्तिशाली होता है। यह इनमें से किसका उदाहरण है? [RRB Group D 29/10/2018 (Evening)]

Correct Answer: (d) शक्ति
Solution:
  • शक्ति : यह उस दर को परिभाषित करता है जिस दर पर कार्य किया जाता है
  • इसे वाट (W) और जूल/सेकंड में मापा जाता है। सूत्र = कार्य / समय। मापन सूत्र = [ML²T⁻³]
  • अवधारणा
    • शक्ति भौतिकी में कार्य की दर को दर्शाती है
    • अर्थात् कम समय में अधिक कार्य करने की क्षमता। सूत्र है P=W/t, जहाँ P शक्ति, W कार्य और t समय है।
    • हवाई जहाज कार से कम समय में अधिक दूरी तय करता है क्योंकि उसका इंजन अधिक शक्ति उत्पन्न करता है।
  • उदाहरण स्पष्टीकरण
    • कार धीमी गति से लंबी दूरी तय करती है
    • जबकि हवाई जहाज तेज गति से वैसी ही या अधिक दूरी जल्दी तय कर लेता है। यह समय के प्रति कार्य की अधिकता दर्शाता है।
    • यह कार्य (Work) या ऊर्जा (Energy) का उदाहरण नहीं, बल्कि शक्ति का है।

4. निम्नलिखित में से कौन से उदाहरण स्थितिज ऊर्जा के हैं? [RRB Group D 31/10/2018 (Afternoon)]

a. एक वर्ग की छत पर रखी एक ईंट।

b.घडी का स्प्रिंग बंद होने पर।

c. संपीड़ित स्प्रिंग।

d. जल-आपूर्ति प्रणाली के तहत ऊँचे जलाशय में जल संग्रहित किया जाता है।

Correct Answer: (c) a, b, c
Solution:
  • स्थितिज ऊर्जा: स्थिति या आकार में परिवर्तन के कारण किसी पिंड में मौजूद ऊर्जा।
  • उदाहरण - ईंट, जिसे भूमि से जल का संग्रहण कराया जाता है। गतिज ऊर्जा वह ऊर्जा है
  • जो किसी वस्तु में उसकी गति के कारण उत्पन्न होती है।
  • उदाहरण - जलविद्युत संयंत्र, जल का गिरना, उड़ता हुआ विमान।
  • कुल यांत्रिक ऊर्जा किसी पिंड की स्थितिज ऊर्जा और गतिज ऊर्जा का योग होती है।
  • गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा
    • बांध का पानी: ऊँचाई h पर PE=mgh।
    • गिरने पर टरबाइन घुमाकर विद्युत ऊर्जा बनती है। छत पर रखा पत्थर भी उदाहरण।
  • प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा
    • तना धनुष: डोरी खींचने से प्रत्यास्थ ऊर्जा 1/2 kx^2 संचित। तीर छोड़ने पर गतिज ऊर्जा बनेगी।
    • स्प्रिंग/घड़ी: चाबी भरने पर संपीड़न से ऊर्जा, धीरे-धीरे सुइयाँ चलाती है। गुलेल: रबर खींचने से ऊर्जा।
  • विशेषताएँ
    • ये सभी उदाहरण ऊर्जा संरक्षण दर्शाते हैं
    • स्थितिज ऊर्जा गतिज या अन्य रूपों में बदलती है लेकिन कुल ऊर्जा स्थिर रहती है।

5. निम्न में से किस मामले में, कोई कार्य नहीं होता? [RRB Group D 2/11/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (b) एक गधा अपनी पीठ पर वजन लेकर चल रहा है।
Solution:
  • एक गधा अपनी पीठ पर वजन लेकर चल रहा है।
  • यदि गधा चल रहा है, लेकिन उसकी पीठ पर वजन स्थिर (चल नहीं रहा) रहता है
  • तो वजन पर कोई कार्य नहीं होता है। ऐसा इसलिए है
  • क्योंकि गधा द्वारा लगाए गए बल की दिशा में वजन का कोई विस्थापन नहीं होता है। W = F.d cos() = θ।
  • कार्य का सूत्र
    • कार्य W=F⋅d⋅cos⁡θ से गणना होती है।
    • यदि F=0 (बल शून्य), W=0。
    • यदि d=0 (विस्थापन शून्य), W=0。
    • यदि θ=90^∘ (cos⁡90^∘=0), W=0。
  • उदाहरण
    • विस्थापन शून्य: दीवार धकेलना, लेकिन वह न हिले।
    • बल शून्य: स्थिर वस्तु पर कोई बल न लगे।
    • लंबवत: उपग्रह की कक्षा में गुरुत्वाकर्षण बल (केंद्र की ओर), विस्थापन स्पर्शरेखा।

6. एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन पर बहने वाला पानी टरबाइन घुमा सकता है क्योंकि इसमें निहित है: [RRB Group D 2/11/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (c) गतिज ऊर्जा
Solution:
  • गतिज ऊर्जा के और भी उदाहरण: फेंकने के बाद एक बेसबॉल, हवाई जहाज की उड़ान में अधिक गतिज ऊर्जा होती है
  • असाधारण गति से ध्रुवध्रक का गिरना, सड़क पर चलती हुई कार, और महासागर की लहरें।
  • प्रक्रिया
    • बांध में जमा पानी की स्थितिज ऊर्जा (mgh) पेनस्टॉक से गिरते समय गतिज ऊर्जा (1/2 mv^2) बन जाती है।
    • उच्च वेग से पानी टरबाइन ब्लेड से टकराता है
    • यांत्रिक ऊर्जा उत्पन्न करता है। जनरेटर इसे विद्युत ऊर्जा में बदल देता है।
  • ऊर्जा परिवर्तन श्रृंखला
    • स्थितिज ऊर्जा (बांध) → गतिज ऊर्जा (बहाव) →
    • यांत्रिक ऊर्जा (टरबाइन) → विद्युत ऊर्जा (जनरेटर)
  • महत्व
    • स्वच्छ, नवीकरणीय स्रोत (CO₂ रहित)।
    • भारत में भाखड़ा, टिहरी जैसे बांध 15% बिजली देते हैं।
    • गतिज ऊर्जा ही टरबाइन घुमाने का प्रत्यक्ष कारण।

7. बादलों के गर्जन के दौरान किस प्रकार का ऊर्जा रूपांतरण होता है? [RRB Group D 12/11/2018 (Evening)]

Correct Answer: (b) गतिज ऊर्जा, प्रकाश और ध्वनि ऊर्जा में रूपांतरित होती है।
Solution:
  • गतिज ऊर्जा प्रकाश और ध्वनि ऊर्जा में रूपांतरित होती है।
  • ऊर्जा परिवर्तन के कुछ अन्य उदाहरण - रासायनिक ऊर्जा से तापीय और प्रकाश ऊर्जा: जब हम माचिस जलाते हैं
  • तो माचिस की तीली में संग्रहित रासायनिक ऊर्जा तापीय और प्रकाश ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
  • सौर ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा - फोटोवोल्टिक (PV) प्रणालियों में, सूर्य के प्रकाश से सौर ऊर्जा को फोटोवोल्टिक प्रभाव के माध्यम से सौर पैनलों द्वारा विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है।
  • प्रक्रिया
    • बादल में बर्फ के कणों के टकराव से विद्युत आवेश अलग होते हैं। जब ये आवेश संतुलित होते हैं, तो बिजली (lightning) निकलती है।
    • बिजली हवा को 30,000°C तक गर्म कर देती है, जिससे हवा का तीव्र विस्तार होता है और धमाके जैसी ध्वनि (गर्जन) पैदा होती है।
  • ऊर्जा रूपांतरण चरण
    • गतिज → विद्युत: बादल के कणों की गति से विद्युत ऊर्जा।
    • विद्युत → ताप: बिजली से हवा गर्म।
    • ताप → ध्वनि: गर्म हवा के विस्तार से गर्जन।

8. सौर ऊर्जा संग्राहकों (कलेक्टर) में, अधिकतम क्षमता _______ में प्राप्त होती है। [RRB Group D 27/11/2018 (Evening)]

Correct Answer: (c) पाराबोलॉयड डिश संग्राहक
Solution:
  • पाराबोलॉयड डिस्क संग्राहक। डिस्क के एक बिंदु पर स्थिर रिसीवर पर सूर्य के प्रकाश को केंद्रित करने के लिए परावर्तक सतह का उपयोग करते हैं।
  • सूर्य के प्रकाश को संग्रहित करने में महत्वपूर्ण रिसीवर पर बहुत अधिक ऊर्जा केंद्रित होती है।
  • कारण
    • सूर्य की किरणें दोपहर में सीधी (90° कोण पर) पड़ती हैं, जिससे सौर पैनल पर अधिकतम विकिरण प्राप्त होता है।
    • सुबह या शाम को कोण तिरछा होने से सतह पर ऊर्जा कम फैलती है।
    • अधिकतम शक्ति P=I×A× cos θ P=I×A×cosθ सूत्र सेθ=0∘θ=0∘पर मिलती है।
  • दक्षता कारक
    • विकिरण तीव्रता: दोपहर में 1000 W/m² तक।
    • तापमान: कम तापमान पर दक्षता अधिक।
    • स्थान: उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों (जैसे भारत) में सालाना 1600-2200 kWh/m²।

9. निम्नलिखित में से किसमें केवल परिमाण है, और दिशा नहीं होती है? [RRB Group D 4/12/2018 (Morning)]

Correct Answer: (c) कार्य
Solution:
  • अदिश राशियाँ - वे भौतिक राशियाँ जिनमें केवल परिमाण होता है दिशा नहीं।
  • उदाहरण - दाब, ऊर्जा, आवृत्ति, गति, द्रव्यमान।
  • सदिश राशियाँ - वे भौतिक राशियाँ जिनमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं। उदाहरण - विस्थापन, बल, आघूर्ण, संवेग, त्वरण, वेग।
  • अदिश राशि क्या है?
    • भौतिक राशियाँ दो प्रकार की होती हैं:
    • अदिश राशियाँ: केवल परिमाण (संख्या + इकाई), दिशा नहीं। गणना साधारण अंकगणित से।
    • सदिश राशियाँ: परिमाण + दिशा दोनों। वेक्टर जोड़ से गणना।
  • कार्य/ऊर्जा क्यों अदिश?
    • कार्य W=F⋅scos⁡θ का मान जूल में होता है।
    • दिशा निर्दिष्ट नहीं। नकारात्मक मान दर्शाता है बल-विस्थापन विपरीत हैं, दिशा नहीं।
  • महत्व
    • अदिश राशियों का योग सरल: 5 J + 3 J = 8 J।
    • सदिश में दिशा ध्यान रखनी पड़ती है। कार्य-ऊर्जा प्रमेय में अदिश गुण उपयोगी।

10. घर्षण बल द्वारा किया गया कार्य _________ होता है। [RRB Group D 4/12/2018 (Evening)]

Correct Answer: (c) हमेशा ऋणात्मक
Solution:
  • घर्षण बल सदैव लगाए गये बल के विपरीत कार्य करता है। घर्षण संपर्क में दो सतहों के बीच सापेक्ष गति का विरोध करता है।
  • यह दोनों सतहों पर कार्य करता है। घर्षण संपर्क में आने वाली सतहों की प्रकृति पर निर्भर करता है।
  • क्यों ऋणात्मक?
    • कार्य का सूत्र W=F⋅s⋅cos⁡θ है। घर्षण बल हमेशा विस्थापन के विपरीत दिशा में कार्य करता है (θ=180^∘, cos⁡180^∘=-1)। इसलिए W=-Fs。
  • प्रभाव
    • कार्य-ऊर्जा प्रमेय: W=ΔKE。 ऋणात्मक कार्य से गतिज ऊर्जा घटती है। खोई KE ऊष्मा ऊर्जा बन जाती है (घर्षण से ताप उत्पन्न)।
  • अपवाद: स्थैतिक घर्षण
    • वस्तु स्थिर हो तो विस्थापन s=0, W=0। चलती वस्तु पर गतिज घर्षण हमेशा ऋणात्मक।
  • उदाहरण
    • ब्रेक लगाना: घर्षण गाड़ी रोकता है, KE → ऊष्मा।
    • रगड़ना: हाथ गर्म हो जाते हैं।
    • निष्कर्ष: घर्षण यांत्रिक ऊर्जा को नष्ट नहीं करता, रूप बदल देता है।