दिल्ली सल्तनत : कला एवं स्थापत्य (UPPCS)Total Questions: 151. भारत में कागज का प्रयोग कब से प्रारंभ हुआ? [63rd B.P.S.C. (Pre) 2017](a) 12वीं शताब्दी(b) 13वीं शताब्दी(c) 14वीं शताब्दी(d) 15वीं शताब्दी(e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिकCorrect Answer: (a) 12वीं शताब्दीSolution:विश्व में सर्वप्रथम कागज का आविष्कार चीन में हुआ था। भारत में कागज का प्रयोग 12वीं शताब्दी में प्रारंभ हुआ। आशुतोष संग्रहालय कलकत्ता में 1105 ई. का पेपर संरक्षित किया गया है, जिसका शीर्षक पंचरक्षा है। यह भारत में कागज का सबसे प्राचीन प्रमाण है। भारत में कागज निर्माण का पहला कारखाना 15वीं शताब्दी में कश्मीर के सुल्तान जैनुल आबिदीन (1417-1467) द्वारा स्थापित किया गया था। आधुनिक तकनीक वाली पहली पेपर मिल 1870 में कोलकाता के बाली में लगी। कागज के अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक साक्ष्य साक्ष्य / पांडुलिपिसमय (लगभग)स्थान / संदर्भपंचरक्षा (आशुतोष संग्रहालय)1105 ई.भारत में कागज का सबसे प्राचीन ज्ञात प्रमाण।गुजरात की पांडुलिपि1223-24 ई.पश्चिमी भारत में कागज के प्रयोग का प्रारंभिक साक्ष्य।अमीर खुसरो के लेख13वीं-14वीं सदीदिल्ली सल्तनत में कागज की उपलब्धता का साहित्यिक वर्णन।2. 'अलाई दरवाजा' का निर्माण किस सुल्तान ने करवाया? [42nd B.P.S.C. (Pre) 1997](a) इल्तुतमिश(b) बलबन(c) अलाउद्दीन खिलजी(d) फिरोज तुगलकCorrect Answer: (c) अलाउद्दीन खिलजीSolution:'अलाई दरवाजा' का निर्माण सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने 'कुतुबमीनार' के निकट करवाया था। इसका निर्माण लाल बलुआ पत्थरों तथा सफेद संगमरमर के द्वारा हुआ। यह 1311 ई. में बनकर तैयार हुआ। इल्तुतमिश के मकबरे की तरह इसमें एक चौकोर बड़ा कमरा है, जिसकी छत पर एक गुंबद है। इसमें घोड़े के नाल के आकार की मेहराब का प्रयोग सर्वप्रथम हुआ है। इसमें चतुष्केंद्रीय मेहराब (ट्यूडर मेहराब) का एक प्रमुख वास्तु तत्व के रूप में सर्वप्रथम प्रयोग किया गया है।दिल्ली सल्तनतकालीन स्थापत्य कला • कुतुब मीनार और परिसर (दिल्ली): कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा शुरू और इल्तुतमिश द्वारा पूर्ण। • कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद (दिल्ली): दिल्ली में निर्मित पहली मस्जिद, ऐबक द्वारा। • अढ़ाई दिन का झोंपड़ा (अजमेर): कुतुबुद्दीन ऐबक। • इल्तुतमिश का मकबरा (दिल्ली): गुंबददार छत का शुरुआती उदाहरण। • अलाई दरवाजा (दिल्ली): अलाउद्दीन खिलजी द्वारा निर्मित। • जमातखाना मस्जिद (दिल्ली): पूर्णतः इस्लामी परंपरा में बनी, अलाउद्दीन खिलजी के समय। • तुगलकाबाद का किला (दिल्ली): गयासुद्दीन तुगलक। • फिरोज शाह कोटला (दिल्ली): फिरोज शाह तुगलक द्वारा बनाया गया। • लोदी मक़बरे (दिल्ली): लोदी वंश द्वारा निर्मित (जैसे सिकंदर लोदी का मकबरा)।3. घोड़े के नाल के आकार की मेहराब सर्वप्रथम प्रयोग में लाई गई थी- [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2016](a) इल्तुतमिश के मकबरे में(b) गियासुद्दीन तुगलक के मकबरे में(c) अलाई दरवाजा में(d) कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद मेंCorrect Answer: (c) अलाई दरवाजा मेंSolution:उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।4. निम्नलिखित में से किसने कुतुबमीनार के निर्माण में योगदान नहीं दिया- [U.P. P.C.S. (Pre) 2003 & U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2002](a) कुतुबुद्दीन ऐबक(b) इल्तुतमिश(c) अलाउद्दीन खिलजी(d) फिरोज शाह तुगलकCorrect Answer: (c) अलाउद्दीन खिलजीSolution:कुतुबमीनार का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने आरंभ कराया और सुल्तान इल्तुतमिश के काल में इसका निर्माण कार्य पूर्ण हुआ। प्रसिद्ध सूफी ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम पर इसका नाम 'कुतुबमीनार' रखा गया। यह गोलाकार तथा पंचमंजिली इमारत है। फिरोज शाह तुगलक के शासनकाल में इसकी चौथी मंजिल को काफी हानि पहुंची थी, जिस पर फिरोज ने चौथी मंजिल के पुनर्निर्माण के साथ-साथ पांचवीं मंजिल का भी निर्माण करवाया। इस प्रकार 'कुतुबमीनार' में चार मंजिलों के स्थान पर पांच मंजिलें बन गईं, जो आज भी विद्यमान हैं। सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने कुतुबमीनार के निर्माण में कोई योगदान नहीं किया था5. निम्न में से किस सुल्तान ने कुतुबमीनार की पांचवीं मंजिल का निर्माण कराया ? [U. P. Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2004](a) कुतुबुद्दीन ऐबक(b) इल्तुतमिश(c) फिरोज शाह तुगलक(d) सिकंदर लोदीCorrect Answer: (c) फिरोज शाह तुगलकSolution:कुतुबमीनार की पांचवीं मंजिल का निर्माण फिरोज शाह तुगलक ने करवाया था।मंजिलसुल्तान का नामकार्य का विवरणपहली मंजिलकुतुबुद्दीन ऐबकनींव रखी और निर्माण शुरू किया।दूसरी से चौथी मंजिलइल्तुतमिशमुख्य ढांचा पूरा किया।पांचवीं मंजिलफिरोज शाह तुगलकमरम्मत करवाई और 5वीं मंजिल जोड़ी।मरम्मत (बाद में)सिकंदर लोदीभूकंप के बाद ऊपरी हिस्सों को ठीक कराया।6. मध्य भारत की मीनारों के बारे में निम्नलिखित पर विचार करें। [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2023]1. तेरहवीं शताब्दी में निर्मित कुतुबमीनार, 180 फीट ऊंची पतली मीनार है जो पांच मंजिलों में विभाजित है। 2. पंद्रहवी शताब्दी में निर्मित चांद मीनार, 210 फीट ऊंची एक पतली मीनार है जो चार मंजिलों में विभाजित है।उपर्युक्त में से कौन-सा कथन सही है?(a) केवल 1(b) केवल 2(c) 1 और 2 दोनों(d) उपर्युक्त में से कोई नहींCorrect Answer: (b) केवल 2Solution:कुतुबमीनार का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा प्रारंभ करवाया गया था जिसे इल्तुतमिश ने पूर्ण करवाया था। तेरहवीं शताब्दी में मूलतः निर्मित इस इमारत के आधार का व्यास लगभग 47 फीट (14.32 मीटर), शीर्ष का व्यास लगभग 9 फीट (2.75 मीटर) तथा ऊंचाई लगभग 238 फीट (72.5 मीटर) है। यह इमारत लगभग 5 मंजिलों में विभाजित है। पंद्रहवीं शताब्दी में निर्मित चांद मीनार (महाराष्ट्र), 210 फीट ऊंची एक पतली मीनार है जो चार मंजिलों में विभाजित है। यह आडू (Peach) रंग से चित्रित है। यह मीनार एक ईरानी स्मारक की तरह दिखाई देती है, लेकिन इसके निर्माण में दिल्ली और ईरान के वास्तुकलाविदों के साथ-साथ स्थानीय वास्तु कलाकारों का भी हाथ था।7. भारत में प्रथम मकबरा, जो शुद्ध हिंद-इस्लामी शैली में निर्मित हुआ था- [U.P. P.C.S. (Spl.) (Pre) 2004](a) हुमायूं का मकबरा(b) बलबन का मकबरा(c) ऐबक का मकबरा(d) अलाउद्दीन का मकबराCorrect Answer: (b) बलबन का मकबराSolution:भारत में विशुद्ध हिंद-इस्लामी शैली में निर्मित प्रथम मकबरा सुल्तान बलबन द्वारा नई दिल्ली में मेहरौली के समीप बनवाया गया स्वयं का मकबरा था। बलबन के मकबरे में सर्वप्रथम मेहराब का वास्तविक रूप दिखाई पड़ता है। वहीं अलाई दरवाजा में सर्वप्रथम घोड़े के नाल के आकार की मेहराब का प्रयोग दिखाई पड़ता है। खिज्र खान द्वारा निर्मित जमात-ए-खाना मस्जिद पूर्णतः इस्लामी शैली में निर्मित प्रथम मस्जिद है।8. प्रथम वास्तविक मेहराब किस सल्तनतकालीन स्मारक में दृशातीत् है? [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2016](a) इल्तुतमिश का मकबरा(b) बलबन का मकबरा(c) अलाई दरवाजा(d) कुव्वत-उल इस्लाम मस्जिदCorrect Answer: (b) बलबन का मकबराSolution:बलबन का मकबरा मेहरौली (नई दिल्ली) के निकट में स्थित है। मकबरे का कक्ष वर्गाकार है। सर्वप्रथम इस मकबरे में मेहराब का वास्तविक रूप दिखाई पड़ता है।9. निम्नलिखित पर विचार करें- [I.A.S. (Pre) 1998]1. तुगलकाबाद किला 2. लोदी गार्डेन 3. कुतुबमीनार 4. फतेहपुर सीकरीसही कालानुक्रमिक क्रम, जिसमें इनका निर्माण हुआ है-(a) 3, 1, 4, 2(b) 3, 1, 2, 4,(c) 1, 3, 2, 4(d) 1, 3, 4, 2Correct Answer: (b) 3, 1, 2, 4,Solution:• कुतुबमीनार (1199 ई. - 1220 ई.): इसकी नींव कुतुबुद्दीन ऐबक ने रखी और इल्तुतमिश ने इसे पूरा कराया; बाद में 1368 ई. में फिरोज शाह तुगलक ने पांचवीं मंजिल बनवाई।• तुगलकाबाद किला (1321 ई. - 1325 ई.): तुगलक वंश के संस्थापक गयासुद्दीन तुगलक ने इसे दिल्ली के तीसरे शहर के रूप में एक मजबूत रक्षात्मक दुर्ग के रूप में बनवाया था।• लोदी गार्डन (1444 ई. - 1517 ई.): यहाँ मुख्य रूप से सय्यद और लोदी वंश के मकबरे हैं, जिसमें सिकंदर लोदी का मकबरा (1517 ई.) स्थापत्य कला का प्रमुख नमूना है।• फतेहपुर सीकरी (1571 ई. - 1585 ई.): मुगल सम्राट अकबर ने गुजरात विजय की स्मृति में इसे अपनी राजधानी बनाया और यहाँ 1602 ई. में प्रसिद्ध बुलंद दरवाजा बनवाया।10. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए। [U.P.P.C.S. (Pre) 2022] (सूची-I) भवन(सूची-II) निर्माणकर्तासुल्तान गढ़ीअलाउद्दीन खिलजीलाल महलकुतुबुद्दीन ऐबकजमात खाना मस्जिदइल्तुतमिशढाई दिन का झोपड़ाबलबनकूट :ABCD(a)3421(b)4321(c)3412(d)4312 (a)(b)(c)(d)Correct Answer: (a)Solution:सूची-I और सूची-II का सही सुमेलन निम्नवत है-(सूची-I) भवन(सूची-II) निर्माणकर्तासुल्तान गढ़ीइल्तुतमिशलाल महलबलबनजमात खाना मस्जिदखिज्र खानअढ़ाई दिन का झोपड़ाकुतुबुद्दीन ऐबकSubmit Quiz12Next »