दिल्ली सल्तनत : विविध (UPPCS)Total Questions: 271. भारत में पोलो खेल का प्रचलन किया- [U.P. P.C.S. (Pre) 2001](a) यूनानियों ने(b) अंग्रेजों ने(c) तुर्कों ने(d) मुगलों नेCorrect Answer: (c) तुर्कों नेSolution:भारत में पोलो खेल का प्रचलन तुर्कों ने किया था। प्राचीन नाम: मध्यकाल में इस खेल को 'चौगान' के नाम से जाना जाता था। दिल्ली सल्तनत का पहला सुल्तान, कुतुबुद्दीन ऐबक, 1210 ई. में लाहौर में चौगान (पोलो) खेलते समय घोड़े से गिरकर मारा गया था। आधुनिक पोलो की जड़ें भारत के मणिपुर राज्य से जुड़ी हैं। 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश अधिकारियों ने मणिपुर में इस खेल को देखा और इसे आधुनिक नियमों के साथ पूरी दुनिया में लोकप्रिय बनाया। इसीलिए मणिपुर को 'आधुनिक पोलो का जन्मस्थान' भी माना जाता है।2. सूची-I तथा सूची-II का सुमेल कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए- [U.P. P.C.S. (Pre) 1997]सूची-Iसूची-IIA. फिरोज तुगलक1. दीवान-ए-रियासतB. बलबन2. नौरोजC. अलाउद्दीन3. नहरों का निर्माणD. जहांगीर4. सर थॉमस रोकूट : (A) (B) (C) (D)(a)1234(b)3214(c)4123(d)4321(a)(b)(c)(d)Correct Answer: (b)Solution:• राजधानी में आर्थिक मामलों की देखभाल के लिए 'दीवान-ए-रियासत' विभाग की स्थापना अलाउद्दीन खिलजी ने की थी। • फिरोज तुगलक ने नहरों का निर्माण कराया था। • फारसी त्यौहार 'नौरोज' को बलबन ने दिल्ली दरबार में प्रचलित किया था। • अंग्रेज सर थॉमस रो मुगल शासक जहांगीर के काल में भारत आया था।3. निम्नलिखित में से दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान के शासनकाल में शाही महलों में हिंदू देवी-देवताओं की पूजा होती थी? [U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2021](a) कुतुबुद्दीन मुबारक खिलजी(b) नासिरुद्दीन महमूद(c) नासिरुद्दीन खुसरो शाह(d) अलाउद्दीन मसूद शाहCorrect Answer: (c) नासिरुद्दीन खुसरो शाहSolution:दिल्ली सल्तनत का वह सुल्तान जिसके शासनकाल में शाही महलों में हिंदू देवी-देवताओं की पूजा होती थी, वह नासिरुद्दीन खुसरो शाह था। वह खिलजी वंश के अंतिम शासक कुतुबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी को मारकर गद्दी पर बैठा था। वह मूल रूप से गुजरात का एक हिंदू था, जिसने बाद में इस्लाम धर्म अपना लिया था।4. निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2023](a) इल्तुतमिश- रजिया के पिता(b) गुलबदन बेगम-बाबर की पुत्री(c) हमीदा बानु बेगम-अलाउद्दीन खिलजी की पत्नी(d) शाह तुर्कन-इल्तुतमिश की पत्नीCorrect Answer: (c) हमीदा बानु बेगम-अलाउद्दीन खिलजी की पत्नीSolution:'हमीदा बानु बेगम' मुगल बादशाह हुमायूं की पत्नी थीं। शेष विकल्प सही सुमेलित हैं।5. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है? [U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2017]यात्रीदेश(a) इब्न बतूतामोरक्को(b) मार्को पोलोइटली(c) अब्दुर रज्जाकतुर्की(d) नूनिजपुर्तगाल(a)(b)(c)(d)Correct Answer: (c)Solution:• इब्नबतूता (1333-1347 ई.) मोरक्को का यात्री था। यह मुहम्मद बिन तुगलक के कार्यकाल (1325-51 ई.) में भारत आया था। • मार्को पोलो वेनिस (इटली) का प्रसिद्ध यात्री था। वह पाण्ड्य शासक मारवर्मन कुलशेखर (1268-1310 ई.) के समय में भारत आया था। • ईरानी राजदूत अब्दुर्रज्जाक देवराय द्वितीय (1422-46 ई.) के शासनकाल में विजयनगर आया था। • नूनिज पुर्तगाल का यात्री और अश्व व्यापारी था। इसने भी विजयनगर की यात्रा की थी।6. निम्न यात्रियों के पधारने का क्या अनुक्रम रहा? [U.P. P.C.S. (Pre) 1997 & U.P. Lower Sub. (Pre) 2002]1. इब्नबतूता 2. ट्रेवर्नियर 3. अलबरूनी 4. मनूचीकूट :(a) 1, 2, 3, 4(b) 3, 1, 2, 4(c) 2, 3, 4, 1(d) 4, 1, 2, 3Correct Answer: (b) 3, 1, 2, 4Solution:प्रश्नगत यात्रियों का क्रमानुसार विवरण इस प्रकार है -(i) अलबरूनी - अलबरूनी खीवा (प्राचीन ख्वारिज्म) का निवासी था। महमूद गजनवी की भारत-विजय से पहले वह एक विद्वान तथा राजनयिक के रूप में खीवा वंश के अंतिम शासक के दरबार में था। महमूद गजनवी के भारत पर आक्रमण के समय वह उसके साथ भारत आया था।(ii) इब्नबतूता- (1333-1347 ई.)- यह मोरक्को (अफ्रीकी) का यात्री था। वह सल्तनत काल में मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल (1325-1351 ई.) में भारत आया। मुहम्मद तुगलक ने इसे दिल्ली का काजी नियुक्त किया था। बाद में 1342 ई. में उसे अपना दूत बनाकर चीन भेजा। इब्नबतूता ने 'रेहला' नामक पुस्तक में अपने यात्रा वृत्तांतों का वर्णन किया है।(iii) ट्रेवर्नियर/टैवर्नियर (17वीं शताब्दी)- फ्रांसीसी यात्री ट्रेवर्नियर ने शाहजहां के शासनकाल में अपनी यात्रा प्रारंभ की। यह पेशे से जौहरी था। इसने छः बार पूर्व की यात्रा की। अपनी यात्रा का विवरण इसने 'द सिक्स वॉयजेस ऑफ जॉन बैपटिस्टा टैवर्नियर' नामक पुस्तक में किया है।(iv) मनूची (1653-1708 ई.) - यह इतालवी यात्री था। 14 वर्ष की अल्पायु में ही अपने गृह नगर वेनिस से भागकर एशिया माइनर और फारस की यात्रा करते हुए भारत पहुंचा। इसने शहजादा दारा शिकोह की सेवा में तोपची के रूप में नौकरी की। बाद में चिकित्सक का पेशा अपना लिया। स्टोरिया दो मोगोर या मुगल इंडिया, 1653-1708 नामक संस्करण लिखा, जिसे 17वीं शताब्दी के 'भारत का दर्पण' कहा जाता है।7. 'दस्तार बन्दान' कौन कहलाते थे? [U.P.P.C.S. (Pre) 2014](a) सूफी संत(b) खान(c) मलिक(d) उलेमाCorrect Answer: (d) उलेमाSolution:'दस्तार बन्दान' सल्तनत काल में उलेमा या धार्मिक विद्वानों के समूह को कहा जाता था। 'दस्तार' का अर्थ होता है पगड़ी और 'बन्दान' का अर्थ होता है बाँधने वाले। यानी "पगड़ी बाँधने वाले लोग"। यह दिल्ली सल्तनत में उच्च धार्मिक और न्यायिक पदों पर बैठे विद्वानों का एक आधिकारिक वर्ग था। इसमें मुख्य रूप से काजी, मुफ्ती, शेख और सैयद शामिल होते थे। ये लोग दरबार में एक विशेष प्रकार की आधिकारिक पगड़ी (दस्तार) पहनते थे, जो उनकी विद्वत्ता और उच्च सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक थी।8. भारतीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन "कुलाह- दारन" कहलाते थे? [I.A.S. (Pre) 2022](a) अरब व्यापारी(b) कलंदर(c) फारसी खुशनवीस(d) सय्यदCorrect Answer: (d) सय्यदSolution:भारतीय इतिहास (दिल्ली सल्तनत) के संदर्भ में, "कुलाह-दारन" सैयद वर्ग को कहा जाता था। 'कुलाह' का अर्थ होता है नुकीली टोपी और 'दारन' का अर्थ होता है पहनने वाले। सैयद वर्ग के लोग स्वयं को पैगंबर मोहम्मद का वंशज मानते थे। दिल्ली सल्तनत के दौरान, इस वर्ग के लोग दरबार और धार्मिक समारोहों में एक विशेष प्रकार की ऊँची नुकीली टोपी पहनते थे। उनकी यह विशिष्ट टोपी उनके उच्च वंश और धार्मिक प्रतिष्ठा का प्रतीक थी, जिसके कारण उन्हें 'कुलाह-दारन' कहा जाने लगा।• दस्तार-बन्दान: ये मुख्य रूप से उलेमा (धार्मिक विद्वान) थे जो आधिकारिक पगड़ी पहनते थे। • कुलाह-दारन: ये मुख्य रूप से सैयद वर्ग के लोग थे जो नुकीली टोपी पहनते थे।9. चुंबकीय दिशासूचक का भारतीय महासागरों में प्रयोग की प्रारंभिक सूचना किसके द्वारा दी गई? [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2016](a) मार्को पोलो(b) इब्नबतूता(c) सदरुद्दीन मुहम्मद 'औफी'(d) निकोलो कोंटीCorrect Answer: (c) सदरुद्दीन मुहम्मद 'औफी'Solution:चुंबकीय दिशासूचक का भारतीय महासागरों में प्रयोग की प्रारंभिक सूचना सादिदुद्दीन मुहम्मद इब्न मुहम्मद 'औफी' बुखारी द्वारा दी गई। इनकी पुस्तक का नाम 'लुबाब-उल-अल्बाब' तथा 'जवामी-उल-हिकायत थी। जवामी-उल-हिकायत में ही इन्होंने दिशासूचक यंत्र के बारे में संदर्भित किया था।10. निम्न व्यक्तियों ने भारत में विभिन्न समय पर राज किया। उनके राज के सही कालक्रम का, नीचे दिए गए कूट की सहायता से चयन कीजिए- [U. P. P. S.C. (GIC) 2010]1. शेरशाह 2. अकबर 3. अलाउद्दीन खिलजी 4. रजिया सुल्तानकूट :(a) 4, 1, 3, 2(b) 1, 2, 3, 4(c) 4, 3, 1, 2(d) 3, 4, 1, 2Correct Answer: (c) 4, 3, 1, 2Solution:शासकशासनकालरजिया सुल्तान1236-1240 ई.अलाउद्दीन खिलजी1296-1316 ई.शेरशाह1540-1545 ई.अकबर1556-1605 ई.Submit Quiz123Next »