प्राचीन काल में 'नगर महोदय श्री' के नाम से कन्नौज को जाना जाता था। कन्नौज को उसकी समृद्धि, ऐश्वर्य और राजनीतिक महत्व के कारण यह गौरवशाली नाम दिया गया था। गुप्तोत्तर काल (हर्षवर्धन के समय) में जो स्थान कभी पाटलिपुत्र का था, वही स्थान कन्नौज का हो गया। इसे 'महोदय नगर' भी कहा जाता था। पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट इसी 'नगर महोदय श्री' पर अधिकार करने के लिए 200 वर्षों तक लड़ते रहे।