Solution:सर एडविन अर्नाल्ड द्वारा रचित कालजयी कृति 'द लाइट ऑफ एशिया' (The Light of Asia) मुख्य रूप से बौद्ध ग्रंथ 'ललितविस्तार' पर आधारित है। यह महाकाव्य गौतम बुद्ध के जीवन, उनके राजकुमार सिद्धार्थ से बुद्ध बनने तक की यात्रा, और उनके महान त्याग को अत्यंत भावुक एवं काव्यात्मक शैली में प्रस्तुत करता है। 1879 में प्रकाशित इस पुस्तक ने न केवल पश्चिमी जगत को बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश से परिचित कराया, बल्कि इसने विश्व स्तर पर बौद्ध धर्म के प्रति एक नई बौद्धिक जिज्ञासा भी पैदा की।
इस पुस्तक का प्रभाव इतना व्यापक था कि इसने महात्मा गांधी जैसे विचारकों को भी गहराई से प्रभावित किया, जिससे उन्हें अहिंसा और मानवता के दर्शन को और अधिक स्पष्टता से समझने में सहायता मिली। सर एडविन अर्नाल्ड ने प्राचीन संस्कृत और पालि स्रोतों का उपयोग कर बुद्ध के जीवन को एक ऐसी गाथा के रूप में गढ़ा, जो समय और सीमाओं के बंधन से परे आज भी प्रासंगिक है। यह कृति बुद्ध के 'संसार क्षणिक है' और 'दुःख से मुक्ति' के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बनी, जिसने एशिया ही नहीं, अपितु पूरे विश्व को करुणा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।