Solution:संत कबीर दास स्वामी रामानंद के शिष्य थे। यह भारतीय इतिहास और भक्ति आंदोलन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य है। जनश्रुतियों के अनुसार, कबीर ने वाराणसी के पंचगंगा घाट की सीढ़ियों पर लेटकर रामानंद जी से 'राम-नाम' का मंत्र प्राप्त किया था। कबीर दिल्ली के सुल्तान सिकंदर लोदी के समकालीन थे। उनकी रचनाओं का संग्रह 'बीजक' कहलाता है, जिसके तीन भाग हैं— साखी, सबद और रमैनी।
रामानंद के 12 प्रमुख शिष्य (द्वादश महाभागवत) थे, जिनमें समाज के हर वर्ग के लोग शामिल थे:
• कबीर (जुलाहा)
• रैदास/रविदास (चर्मकार)
• धन्ना (जाट/किसान)
• सेना (नाई)
• पीपा (राजपूत राजा)