भक्ति और सूफी आंदोलन (UPPCS) भाग – 1

Total Questions: 50

41. 'रामचरितमानस' नामक ग्रंथ के रचयिता थे- [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007]

Correct Answer: (a) तुलसीदास
Solution:

रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी हैं। उन्होंने 16वीं शताब्दी (संवत 1631 या 1574 ईस्वी) में अवधी भाषा में इस पवित्र महाकाव्य की रचना की थी। तुलसीदास जी ने इसे अयोध्या में रामनवमी के दिन लिखना शुरू किया था और इसे पूरा करने में लगभग 2 वर्ष, 7 माह और 26 दिन का समय लगा था।

42. निम्न में से कौन-सी रचना संत तुलसीदास की नहीं है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2014]

Correct Answer: (d) साहित्य रत्न
Solution:

गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित 12 ग्रंथ प्रसिद्ध हैं, जिसमें 5 बड़े तथा 7 छोटे ग्रंथ हैं। बड़े ग्रंथों में दोहावली, गीतावली, कवितावली, रामचरितमानस, विनय पत्रिका हैं। इसके अलावा पार्वती मंगल, जानकी मंगल, बरवै रामायण, वैराग्य संदीपनी, कृष्ण गीतावली आदि छोटे ग्रंथ हैं। साहित्य रत्न गोस्वामी तुलसीदास की रचना नहीं है।

संत तुलसीदास की प्रमुख रचनाएँ

श्रेणीप्रमुख रचनाएँ
महाकाव्यरामचरितमानस
मुक्तक काव्यकवितावली, दोहावली, हनुमान बाहुक
गीति काव्यगीतावली, विनय पत्रिका, कृष्ण गीतावली
अन्य महत्वपूर्ण कृतियाँबरवै रामायण, जानकी मंगल, पार्वती मंगल, रामाज्ञा प्रश्न, वैराग्य संदीपनी

43. 'विनय पत्रिका' के रचयिता हैं- [Chhattisgarh P.S.C. (Pre) 2018]

Correct Answer: (a) तुलसीदास
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

44. लसीदास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? [U.P. R.O./A.R.O. (Pre) 2023]

1. तुलसीदास का जन्म बांदा जनपद के राजापुर नामक ग्राम में हुआ था।
2. उनकी पत्नी का नाम गीतावली था।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए -
कूट :

Correct Answer: (d) न तो 1 ना ही 2
Solution:

तुलसीदास का जन्म उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के राजापुर नामक गांव में 1532 ई. में हुआ था। उनके पिता का नाम आत्माराम दुबे और माता का नाम हुलसी था। उनकी पत्नी का नाम रत्नावली था।

45. निम्नलिखित युग्मों में कौन सही सुमेलित नहीं है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2018]

Correct Answer: (c) रसखान - रसिक प्रिया
Solution:

'रसिक प्रिया' आचार्य केशवदास की प्रसिद्ध रचना है। केशवदास की अन्य प्रमुख रचनाएं रामचन्द्रिका एवं कवि प्रिया हैं। अन्य युग्म सही सुमेलित हैं।

46. निम्नलिखित में से कौन वरकरी संप्रदाय का संत था? [U. P. P. C. S. (Mains) 2002 & U. P. P. C. S. (Mains) 2004]

Correct Answer: (c) नामदेव
Solution:

दिए गए विकल्पों में से नामदेव (संत नामदेव) वरकरी संप्रदाय के प्रमुख संत थे। वरकरी संप्रदाय महाराष्ट्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण भक्ति संप्रदाय है, जो भगवान विष्णु के अवतार विट्ठल (विठोबा) की उपासना पर केंद्रित है। इस संप्रदाय का मुख्य केंद्र पंढरपुर (महाराष्ट्र) है। इस संप्रदाय के अनुयायी साल में दो बार (आषाढ़ और कार्तिक एकादशी) पंढरपुर की पैदल यात्रा (वारी) करते हैं, इसलिए इन्हें 'वरकरी' कहा जाता है। जाति-पाति का विरोध, मानवीय एकता और कीर्तन के माध्यम से ईश्वर भक्ति। इस संप्रदाय के संतों ने मुख्य रूप से मराठी भाषा में साहित्य सृजन किया ताकि वह आम जनता तक पहुँच सके।

47. वरकरी संप्रदाय की मुख्य पीठ अवस्थित है- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 2018]

Correct Answer: (b) पंढरपुर में
Solution:

वरकरी संप्रदाय की मुख्य पीठ महाराष्ट्र के पंढरपुर में है। इस संप्रदाय के संस्थापकों में ज्ञानेश्वर का नाम अग्रगण्य है। अन्य संतों में नामदेव व तुकाराम का नाम आता है। वरकरी संप्रदाय में विठोबा की पूजा की जाती थी, जिन्हें कृष्ण का अवतार माना जाता था।

48. भक्त तुकाराम कौन-से मुगल सम्राट के समकालीन थे? [I.A.S. (Pre) 2006]

Correct Answer: (c) जहांगीर
Solution:

तुकाराम का काल 1608 से 1650 ई. के मध्य माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि 1608 ई. में जन्में संत तुकाराम 1650 ई. में अदृश्य हो गए। मुगल शासकों में 1608 से 1650 ई. के मध्य 2 शासकों का कार्यकाल आता है- (1) जहांगीर (1605-1627 ई.), (2) शाहजहां (1628-1658 ई.), चूंकि विकल्पों में शाहजहां नहीं है, अतः जहांगीर अभीष्ट विकल्प होगा।

49. निम्नलिखित में से कौन, भक्ति आंदोलन का प्रस्तावक नहीं था ? [I.A.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (a) नागार्जुन
Solution:

नागार्जुन भक्ति आंदोलन के प्रस्तावक नहीं थे। नागार्जुन प्राचीन भारत के एक महान बौद्ध दार्शनिक और वैज्ञानिक थे। उन्होंने 'शून्यवाद' (माध्यमिक कारिका) का सिद्धांत प्रतिपादित किया था और उन्हें 'भारत का आइंस्टीन' भी कहा जाता है। इसकी शुरुआत दक्षिण भारत में अलवार (विष्णु भक्त) और नयनार (शिव भक्त) संतों द्वारा हुई थी।

50. नीचे दो कथन दिए गए हैं। एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है। [U.P.P.C.S. (Pre) 2018]

कथन (A) : मध्य काल में संगीत पर संस्कृत में लिखी गई अनेक पुस्तकों का फारसी में अनुवाद किया गया।
कारण (R) : आरंभिक चिश्ती सूफी संत संगीत सभाओं, जिन्हें समा कहा जाता था, के शौकीन थे।

नीचे दिए कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-
कूट :

Correct Answer: (b) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं; किंतु कारण (R) कथन (A) की व्याख्या नहीं है।
Solution:

मध्य काल में संगीत पर संस्कृत में लिखी गई अनेक पुस्तकों का फारसी में अनुवाद किया गया। इन संस्कृत की पुस्तकों का फारसी में अनुवाद शासकों के रुचि के कारण संभव था। महमूद गजनवी अनेक पुस्तकों को अपने साथ गजनी ले गया था। फिरोज तुगलक एवं सिकंदर लोदी ने विशेष रूप से संस्कृत में लिखी विभिन्न विधाओं की पुस्तकों का फारसी में अनुवाद करवाया। बाद में मुगल बादशाहों ने भी संस्कृत में लिखी विभिन्न विधाओं की पुस्तकों का फारसी में अनुवाद करवाया। अतः स्पष्ट है कि कथन सत्य है। 'समा' संगीत गोष्ठी होती थी। चिश्ती संत संगीत के समर्थक थे तथा संगीत को ईश्वर तक पहुंचने का माध्यम ते थे। स्पष्ट है कि कथन एवं कारण दोनों सत्य हैं; परंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।