Solution:भारतीय संविधान का अनुच्छेद 20 अपराधों के लिए सजा के संबंध में संरक्षण से संबंधित है।
• इसमें कहा गया है कि कोई व्यक्ति किसी अपराध के लिए तब तक सिद्ध दोष नहीं ठहराया जाएगा, जब तक कि उसने ऐसा कोई कार्य करने के समय, जो अपराध के रूप में आरोपित है, किसी प्रवृत्त विधि का अतिक्रमण नहीं किया है या उससे अधिक शास्ति का भागी नहीं होगा जो उस अपराध के किए जाने के समय प्रवृत्त विधि के अधीन अधिरोपित की जा सकती थी।
• अनुच्छेद 23 – मानव तस्करी, बेगार और बलात् श्रम का निषेध करता है।
• अनुच्छेद 27 – किसी भी व्यक्ति को किसी विशेष धर्म के प्रचार या पालन हेतु कर देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
• अनुच्छेद 30 – अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद की शैक्षणिक संस्थाएँ स्थापित एवं संचालित करने का अधिकार देता है।