भारत में क्रांतिकारी आंदोलन (UPPCS) (भाग – 2)

Total Questions: 41

1. प्रसिद्ध नारा "इंकलाब जिंदाबाद" किसने दिया था? [U.P. Lower Sub. (Pre) 2004]

Correct Answer: (b) सरदार भगत सिंह ने
Solution:

यह प्रसिद्ध नारा मूल रूप से प्रसिद्ध कवि और क्रांतिकारी हसरत मोहानी ने 1921 में लिखा था। इस नारे को सबसे पहले एक बड़े स्तर पर और क्रांतिकारी आंदोलन का मुख्य नारा शहीद भगत सिंह ने बनाया। 8 अप्रैल, 1929 जब भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने दिल्ली की केंद्रीय असेंबली में बम फेंका, तब उन्होंने पहली बार इस नारे को बुलंद किया था। 'इंकलाब जिंदाबाद' का अर्थ है— "क्रांति अमर रहे"।

2. 'इंकलाब जिंदाबाद' का नारा किससे जुड़ा हुआ है? [U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl.) (Mains) 2010]

Correct Answer: (c) सरदार भगत सिंह
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

3. सरकार के विरोध में असेम्बली में बम फेंकने के समय भगत सिंह की उम्र क्या थी ? [64th B.P.S.C. (Pre) 2018]

Correct Answer: (b) 21 साल से थोड़ा ज्यादा
Solution:

भगत सिंह भारत के एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी थे। उनका जन्म सितंबर, 1907 में हुआ था। भगत सिंह तथा बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल, 1929 को केंद्रीय विधानसभा में बम फेंका था। इस प्रकार केंद्रीय विधानसभा में बम फेंकने के समय भगत सिंह की उम्र 21 वर्ष से थोड़ा ज्यादा थी। 23 मार्च, 1931 को भगत सिंह को फांसी दे दी गई।

4. सुखदेव, भगत सिंह तथा राजगुरु को किस तारीख को फांसी दी गई थी ? [67th B.P.S.C. (Re. Exam) (Pre) 2021 & 45th B.P.S.C. (Pre) 2001]

Correct Answer: (b) 23 मार्च, 1931
Solution:

हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (H.S.R.A) के दो सदस्यों भगत सिंह तथा बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल, 1929 को केंद्रीय विधानसभा में बम फेंका, दोनों को गिरफ्तार कर केंद्रीय असेम्बली बम कांड के अंतर्गत मुकदमा चलाया गया। बाद में इस संगठन के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर कुल 24 क्रांतिकारियों के ऊपर लाहौर षड्यंत्र कांड के अंतर्गत मुकदमा चलाया गया। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी हुई। 23 मार्च, 1931 को इन तीनों को फांसी दे दी गई।

5. भगत सिंह का स्मारक कहां स्थित है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2013]

Correct Answer: (a) फिरोजपुर में
Solution:

शहीद भगत सिंह का स्मारक पंजाब के फिरोजपुर जिले के हुसैनीवाला में स्थित है। यह स्थान भारत-पाकिस्तान सीमा के बिल्कुल करीब है और इसका ऐतिहासिक महत्व बहुत अधिक है। 23 मार्च, 1931 को लाहौर जेल में फांसी दिए जाने के बाद, अंग्रेज सरकार ने चोरी-छिपे भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के पार्थिव शरीरों का अंतिम संस्कार इसी स्थान पर किया था। हर साल 23 मार्च को उनकी शहादत की याद में यहाँ 'शहीद मेला' लगता है, जिसमें हजारों लोग श्रद्धांजलि देने पहुँचते हैं। इस स्मारक पर तीनों शहीदों (भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु) की समाधियाँ एक साथ बनी हुई हैं।

6. लाहौर षड्यंत्र कांड में निम्नलिखित में से किस क्रांतिकारी को फांसी नहीं हुई थी? [M.P.P.C.S. (Pre)1990]

Correct Answer: (a) बटुकेश्वर दत्त
Solution:

लाहौर षड्यंत्र कांड (1930-31) के तहत बटुकेश्वर दत्त को फांसी की सजा नहीं हुई थी। उन्हें 'असेंबली बम कांड' के लिए आजीवन कारावास (काला पानी) की सजा दी गई थी और उन्हें अंडमान की सेलुलर जेल भेजा गया था। वे 8 अप्रैल, 1929 को भगत सिंह के साथ दिल्ली की केंद्रीय असेंबली में बम फेंकने में शामिल थे। पुलिस ने उन्हें उसी समय गिरफ्तार कर लिया था। इसी लाहौर षड्यंत्र केस के दौरान जेल में राजनीतिक कैदियों के अधिकारों के लिए 64 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के बाद जतिन दास शहीद हो गए थे।

7. भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को किस 'वाद' (केस) में फांसी की सजा सुनाई गई थी? [Uttrakhand P. C.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (b) लाहौर षड्यंत्र केस
Solution:

लाहौर षड्यंत्र केस के अंतर्गत गवर्नर जनरल द्वारा गठित विशेष ट्रिब्यूनल ने अक्टूबर, 1930 में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को मौत की सजा सुनाई। 23 मार्च, 1931 को भारत मां के इन अमर सपूतों को फांसी दे दी गई, जबकि बटुकेश्वर दत्त को कालापानी की सजा देकर सेल्युलर जेल (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह) भेज दिया गया।

8. भगत सिंह को उसके दो साथियों के साथ 23 मार्च, 1931 को फांसी दी गई थी, वो दो साथी कौन थे? [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Mains) 2007]

Correct Answer: (a) राजगुरु और सुखदेव
Solution:

भगत सिंह के साथ 23 मार्च, 1931 को फांसी पाने वाले उनके दो साथी राजगुरु और सुखदेव थे। इन तीनों क्रांतिकारियों को लाहौर षड्यंत्र केस (सांडर्स हत्याकांड) के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी। इन्हें फांसी देने का निर्धारित समय 24 मार्च की सुबह था, लेकिन जनता के भारी विरोध के डर से ब्रिटिश सरकार ने नियमों के विरुद्ध जाकर इन्हें 23 मार्च की शाम (7:33 बजे) ही फांसी दे दी थी। फांसी के बाद पुलिस ने इनके पार्थिव शरीरों को सतलुज नदी के तट पर हुसैनीवाला (फिरोजपुर) में ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया था।

9. लाहौर षड्यंत्र मामले की परिणति किसकी फांसी में हुई? [U.P. P.C.S. (Mains) 2002 & U.P. P.S.C. (GIC) 2010]

1. रामप्रसाद बिस्मिल
2. रोशन सिंह
3. भगत सिंह
4. सुखदेव
5. राजगुरु
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (d) 3, 4, 5
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

10. भारतीय स्वतंत्रता के लिए फांसी पाने वाले प्रथम रिकार्डेड मुस्लिम का नाम बताएं। [U.P. Lower Sub. (Pre) 2004]

Correct Answer: (c) अशफाकउल्लाह खां
Solution:

अशफाकउल्लाह खां भारतीय स्वतंत्रता के लिए फांसी पाने वाले पहले रिकार्डेड मुस्लिम थे, उन्हें काकोरी षड्यंत्र केस में फैजाबाद (वर्तमान में अयोध्या) जेल में 19 दिसंबर, 1927 को 27 वर्ष की अवस्था में फांसी दे दी गई थी। उनका जन्म 22 अक्टूबर, 1900 को शाहजहांपुर (उ.प्र.) में हुआ था। तथापि यदि 1857 के विद्रोह का संदर्भ भी लिया जाए, तो इस प्रश्न का उत्तर अजीजुद्दीन होगा; क्योंकि 1857 ई. में दिल्ली विद्रोह को दबाने के बाद अंग्रेजों द्वारा मुगल शहजादे मिर्जा अजीजुद्दीन को नवंबर, 1857 में 6 अन्य मुगल शहजादों के साथ दिल्ली दरवाजे पर फांसी पर लटका दिया गया था।