Solution:वी.डी. सावरकर तथा गणेश सावरकर ने 'मित्र मेला' नामक संगठन शुरू किया। वर्ष 1904 में मित्र मेला के 200 सदस्य नासिक में एकत्र हुए तथा सावरकर ने मित्र मेला का नाम बदलकर 'अभिनव भारत सोसायटी' करने की घोषणा की। सावरकर ने 28 सितंबर, 1906 को मैजिनी की जीवनी को पूरा किया। उन्होंने 'भारत का स्वतंत्रता संग्राम 1857' (द इंडियन वार ऑफ इंडिपेंडेंस, 1857) नामक पुस्तक लिखी। सावरकर को इंग्लैंड से भारत एस.एस. मोरिआ नामक जहाज से लाया जा रहा था। जब 8 जुलाई, 1910 को जहाज मारसेलेस बंदरगाह पहुंचा, तो ब्रिटिश कैद से मुक्त होने के लिए वह चलते जहाज से कूद पड़े; परंतु सावरकर पुनः गिरफ्तार कर लिए गए।