Correct Answer: (a) वे उच्च पिच वाली पराश्रव्य चीख (squeaks) निकालते हैं, जो किसी भी बाधा से टकराकर परावर्तित होती है।
Solution:- चमगादड़ : विश्व का एकमात्र उड़ने वाला स्तनधारी पक्षी है। इनके अग्रपाद जालयुक्त होते हैं
- जो इसे उड़ने में सक्षम बनाते हैं। मुंह या नाक के माध्यम से उच्च आवृत्ति ध्वनि स्पंदन उत्सर्जित करके और प्रतिध्वनि सुनकर इकोलोकेशन (नेविगेशन तकनीक) का उत्पादन करते है।
- इकोलोकेशन प्रक्रिया
- तरंग उत्सर्जन: चमगादड़ नाक/मुँह से 10-200 kHz अल्ट्रासोनिक चीखें छोड़ते हैं (मानव श्रवण सीमा 20 Hz-20 kHz)।
- परावर्तन: ये तरंगें दीवार, पेड़, या कीटों से टकराकर प्रतिध्वनि बनाती हैं।
- संदर्भन: विशेष कानों से समय अंतराल (t), तीव्रता, और पिच विश्लेषण कर दूरी (d = v·t/2), आकार, गति पता चलती है।
- 3D मानचित्र: मस्तिष्क इन संकेतों से वस्तु का 3D मानचित्र बनाता है।
- तकनीकी विवरण
- आवृत्ति: 20-200 kHz (पराश्रव्य)
- दूरी माप: v = 340 m/s (हवा में), 1 ms देरी = 17 cm दूरी
- शिकार: उड़ते कीट को 50 m दूर पहचान
- Doppler प्रभाव: शिकार की गति से पिच परिवर्तन → दिशा परिवर्तन।
- अन्य उदाहरण
- सोना (सैन्य SONAR): समुद्र में पनडुब्बी लोकेशन
- मेडिकल अल्ट्रासाउंड: भ्रूण इमेजिंग