मौर्योत्तर काल (UPPCS) (Part-2)

Total Questions: 24

1. पहला ईरानी शासक जिसने भारत के कुछ भाग को अपने अधीन किया था- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 1994]

Correct Answer: (c) डेरियस प्रथम
Solution:

ईरानी शासक डेरियस प्रथम या दारा प्रथम (522-486 ई.पू.) ने सर्वप्रथम भारत के कुछ भाग को अपने अधीन किया था। हेरोडोटस के अनुसार, डेरियस प्रथम के साम्राज्य में संपूर्ण सिंधु घाटी का प्रदेश शामिल था तथा पूर्व की ओर इसका विस्तार राजपूताना के रेगिस्तान तक था। पर्सिपोलिस, बेहिस्तून एवं नक्श-ए-रूस्तम के शिलालेखों के अनुसार, पंजाब एवं सिंध के कुछ भाग भी उसके साम्राज्य में शामिल था।

2. निम्न राजवंशों में सबसे पुराना राजवंश था- [U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2001]

Correct Answer: (d) सातवाहन
Solution:

उपर्युक्त राजवंशों में सबसे पुराना राजवंश सातवाहन है। इस वंश के संस्थापक सिमुक का समय कुछ स्रोतों के अनुसार लगभग द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व माना जाता है। कुछ स्रोतों में इसे कण्व वंश के अंतिम शासक सुशर्मा के समकालीन (ई.पू. प्रथम शताब्दी, 60 ई.पू.) माना जाता है।

राजवंशों का कालक्रम
राजवंशसंस्थापकशासन काल (लगभग)
सातवाहन वंशसिमुकईसा पूर्व 1वीं शताब्दी से 2वीं शताब्दी ईस्वी
पल्लव वंशसिंहविष्णु6वीं शताब्दी से 9वीं शताब्दी ईस्वी
चालुक्य वंशपुलकेशिन प्रथम6वीं शताब्दी से 12वीं शताब्दी ईस्वी
राष्ट्रकूट वंशदंतीदुर्ग8वीं शताब्दी से 10वीं शताब्दी ईस्वी

3. आंध्र सातवाहन राजाओं की सबसे लंबी सूची किस पुराण में मिलती है? [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Mains) 2006]

Correct Answer: (c) मत्स्य पुराण
Solution:

आंध्र सातवाहन राजाओं की सबसे लंबी सूची मत्स्य पुराण में मिलती है। विभिन्न पुराणों में सातवाहन वंश (जिन्हें पुराणों में 'आंध्र' या 'आंध्र-भृत्य' कहा गया है) के बारे में जानकारी दी गई है, लेकिन मत्स्य पुराण इस दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।

अन्य पुराणों में उल्लेख:
पुराणमहत्व
मत्स्य पुराणसातवाहनों की सबसे लंबी और विस्तृत सूची (29 राजा)।
वायु पुराणइसमें सातवाहनों की सूची मिलती है, लेकिन राजाओं की संख्या कम (लगभग 17-19) है।
विष्णु पुराणइसमें भी मौर्य और सातवाहन वंश का उल्लेख है, लेकिन यह मौर्यों के लिए अधिक विस्तृत है।

4. सातवाहनों की राजधानी अवस्थित थी- [U.P.P.C.S. (Mains) 2005]

Correct Answer: (a) अमरावती में
Solution:

सातवाहन वंश (ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी - तीसरी शताब्दी ईस्वी) की प्रमुख राजधानी प्रतिष्ठान (पैठन) थी, लेकिन अमरावती (धरनिकोटा) उनके साम्राज्य का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, आर्थिक और प्रशासनिक केंद्र था। कृष्णा नदी के तट पर स्थित, अमरावती को सातवाहनों की आंध्र राजधानी के रूप में जाना जाता था और यह बौद्ध कला व मूर्तिकला का बड़ा केंद्र था।

5. निम्न में से कौन-सा स्थान सातवाहनों की राजधानी था? [U.P. Lower Sub. (Spl) (Pre) 2008]

Correct Answer: (a) प्रतिष्ठान
Solution:

सातवाहनों की राजधानी प्रतिष्ठान (जिसे वर्तमान में पैठन कहा जाता है) में अवस्थित थी। यह प्राचीन नगर महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में गोदावरी नदी के तट पर स्थित था। ऐतिहासिक दृष्टि से प्रतिष्ठान का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण था क्योंकि यह 'दक्षिणापथ' नामक प्रमुख व्यापारिक मार्ग पर स्थित था, जो उत्तर भारत को दक्षिण से जोड़ता था। सातवाहन वंश के संस्थापक सिमुक और उनके उत्तराधिकारियों ने यहीं से अपने विशाल साम्राज्य का संचालन किया।

6. निम्नलिखित शासकों में से किसके लिए 'एका ब्राह्मण' प्रयुक्त हुआ है? [U.P.R.O/A.R.O. (Pre) 2016 ]

Correct Answer: (c) गौतमीपुत्र शातकर्णि
Solution:

'एका ब्राह्मण' (अद्वितीय ब्राह्मण) की उपाधि सातवाहन वंश के सबसे प्रतापी राजा गौतमीपुत्र शातकर्णी के लिए प्रयुक्त हुई है। इस विशिष्ट पदवी का उल्लेख उनकी माता गौतमी बलश्री द्वारा उत्कीर्ण करवाए गए नासिक प्रशस्ति (गुहा लेख) में मिलता है। इस शब्द का अर्थ 'अद्वितीय ब्राह्मण' या 'ब्राह्मणों का एकमात्र रक्षक' है, जो यह दर्शाता है कि उन्होंने समाज में वैदिक धर्म की प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित किया और वर्ण व्यवस्था (चतुर्वर्ण) को छिन्न-भिन्न होने से बचाया। गौतमीपुत्र शातकर्णी को क्षत्रियों के मान-मर्दन करने वाला और 'विंध्य नरेश' भी कहा गया है, जिनके घोड़ों ने तीनों समुद्रों (बंगाल की खाड़ी, अरब सागर और हिंद महासागर) का पानी पिया था।

7. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 2018]

राजवंशराजधानी
A. शुंगi. महोबा
B. सातवाहनii. बनवासी
C. कदम्बiii. पैठन
D. चंदेलiv. पाटलिपुत्र
सही कूट का चयन कीजिए -
ABCD
(a)iviiiiii
(b)iviiiiii
(c)iiviiiii
(d)iiiiiiiv
Correct Answer: (a)
Solution:

सही सुमेलन है-

Column 1 (Dynasty)Column 2 (Capital City)
शुंगपाटलिपुत्र
सातवाहनपैठन
कदम्बबनवासी
चंदेलमहोबा (

8. निम्नलिखित को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए- [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2021]

1. सातवाहन
2. वाकाटक
3. चालुक्य

निम्नलिखित में सही कूट का चयन कीजिए-

Correct Answer: (d) 1, 2, 3
Solution:

सातवाहन साम्राज्य की स्थापना 'सिमुक' ने प्रथम शताब्दी ई.पू. में की थी। वाकाटक साम्राज्य की स्थापना तृतीय शताब्दी ई. में 'विंध्यशक्ति' ने की थी, जबकि गुजरात के चालुक्य वंश की स्थापना दसवीं शताब्दी में मूलराज प्रथम ने की थी। अतः इन राजवंशों का क्रम इस प्रकार है- सातवाहन-वाकाटक चालुक्य। इस प्रकार विकल्प (d) सत्य है।

9. नीचे दो वक्तव्य दिए गए हैं, जिसमें एक को अभिकथन (A) व दूसरे को कारण (R) कहा गया है : [U.P. R.O/A.R.O. (Mains) 2017]

अभिकथन (A) - सातवाहन काल में संस्कृत के साथ प्राकृत व अन्य लोक भाषाओं का विकास हुआ।
कारण (R) - सातवाहन राजाओं ने साहित्य - रचना के लिए संस्कृत तथा अन्य लोक भाषाओं को अपनाया।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं और (A) का सही स्पष्टीकरण (R) है।
Solution:

सातवाहन नरेश स्वयं विद्वान, विद्या प्रेमी तथा विद्वानों के आश्रयदाता थे। हाल नामक राजा ने 'गाथासप्तशती' नामक प्राकृत भाषा में श्रृंगार रस प्रधान गीति काव्य की रचना की थी। हाल के दरबार में गुणाढ्य तथा सर्ववर्मन जैसे उच्च कोटि के विद्वान निवास करते थे। गुणाढ्य ने 'बृहत्कथा' नामक ग्रंथ की रचना की। यह पैशाची प्राकृत भाषा में लिखा गया था। सर्ववर्मन ने 'कातंत्र' नामक संस्कृत व्याकरण की रचना की। कन्हेरी के एक अभिलेख से ज्ञात होता है कि एक सातवाहन रानी संस्कृत का प्रयोग करती थी। इस प्रकार स्पष्ट है कि सातवाहन युग में प्राकृत एवं संस्कृत भाषाओं का विकास हुआ तथा सातवाहन राजाओं ने साहित्य रचना के लिए संस्कृत तथा अन्य लोकभाषाओं को अपनाया था। अतः इसका अभीष्ट उत्तर विकल्प (a) होगा।

10. सातवाहन शासकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/ से कथन सत्य है/हैं? [U.P.P.C.S. (Pre) 2021]

1. सातवाहन नरेश प्राकृत भाषा के पोषक थे।
2. सातवाहन काल में कला के लोक पक्ष को अधिक प्रोत्साहन मिला।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर को चुनिए।
कूट :

Correct Answer: (b) 1 और 2 दोनों
Solution:

सातवाहन शासकों के शासनकाल में प्राकृत एवं संस्कृत भाषाओं का विकास हुआ। सातवाहन शासक हाल ने 'गाथा सप्तशती' नामक प्राकृत भाषा में श्रृंगार रस प्रधान गीति काव्य की रचना की थी। सातवाहन काल में स्थापत्य कला के उदाहरण प्राप्त हुए हैं, जो बौद्ध धर्म से संबंधित हैं।