मौर्य साम्राज्य (UPPCS) (Part-1)

Total Questions: 50

1. प्रथम भारतीय साम्राज्य स्थापित किया गया था- [U.P. Lower Sub. (Pre) 2002]

Correct Answer: (c) चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा
Solution:

भारत का प्रथम विशाल साम्राज्य स्थापित करने का श्रेय चन्द्रगुप्त मौर्य को जाता है। उन्होंने चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में चाणक्य के मार्गदर्शन में नंद वंश के धनानंद के क्रूर शासन का अंत किया और एक अखंड भारत की संकल्पना को साकार किया। चन्द्रगुप्त मौर्य ने न केवल आंतरिक रूप से छोटे जनपदों को एकजुट किया, बल्कि विदेशी यूनानी आक्रमणकारियों (सेल्यूकस) को पराजित कर भारत की सीमाओं को हिंदूकुश पर्वत तक विस्तारित किया।

2. भारत में पहले साम्राज्य की स्थापना किस शासक के द्वारा की गई थी? [66th B.P.S.C. (Pre) Re. Exam 2020]

Correct Answer: (a) चंद्रगुप्त मौर्य
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

3. निम्नलिखित में कौन-सा सबसे पुराना राजवंश है? [Uttarakhand Lower Sub. (Pre) 2010]

Correct Answer: (b) मौर्य
Solution:

उपर्युक्त दिए गए विकल्पों में मौर्य राजवंश सबसे प्राचीन है। इसका समय 321-184 ई.पू. तक था। मौर्य राजवंश की स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य ने की थी।

प्राचीन भारत के प्रमुख राजवंशों का सही कालक्रम निम्नलिखित है:
• कुषाण वंश: इस वंश का उदय भारत में पहली शताब्दी ईस्वी (1st Century AD) के आसपास हुआ। इसके सबसे प्रतापी राजा कनिष्क थे।

• गुप्त वंश: इसकी स्थापना श्रीगुप्त द्वारा लगभग 275 ईस्वी (275 AD) में की गई थी। इसे भारतीय इतिहास का 'स्वर्ण युग' कहा जाता है।

• वर्धन वंश: इस वंश (पुष्यभूति वंश) का उत्कर्ष छठी शताब्दी ईस्वी के अंत और सातवीं शताब्दी के प्रारंभ में हुआ, जिसके सबसे प्रसिद्ध शासक हर्षवर्धन थे।

4. जिसके ग्रंथ में चंद्रगुप्त मौर्य का विशिष्ट रूप से वर्णन हुआ है, वह है- [46th B.P.S.C. (Pre) 2003]

Correct Answer: (c) विशाखदत्त
Solution:

विशाखदत्त की कृति 'मुद्राराक्षस' चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल का एक अनूठा राजनीतिक दस्तावेज है। यह अन्य ग्रंथों की तरह केवल युद्धों का वर्णन नहीं करता, बल्कि मानसिक युद्ध और कूटनीति पर केंद्रित है। इसमें चंद्रगुप्त द्वारा चाणक्य की सहायता से नंद वंश को उखाड़ फेंकने और राजा बनने की विस्तृत कथा वर्णित है। इसमें चंद्रगुप्त को 'वृषल' तथा 'कुलहीन' कहकर संबोधित करना उनकी उत्पत्ति के विषय में महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रदान करता है। साथ ही, यह ग्रंथ मौर्य प्रशासन की जटिलताओं और चाणक्य की दूरदर्शिता को समझने का सबसे प्रामाणिक साहित्यिक स्रोत माना जाता है।

5. यूनानी लेखक जस्टिन द्वारा किसे 'सैंड्रोकोट्स' कहा गया था? [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2016]

Correct Answer: (a) चंद्रगुप्त मौर्य
Solution:

यूनानी लेखक जस्टिन द्वारा चन्द्रगुप्त मौर्य को 'सैंड्रोकोट्स' कहा गया था। विलियम जोन्स पहले विद्वान थे जिन्होंने 1793 ईस्वी में यह पहचाना कि यूनानी साहित्य का 'सैंड्रोकोट्स' वास्तव में भारतीय इतिहास का 'चन्द्रगुप्त मौर्य' ही है। यह पहचान भारतीय इतिहास के कालक्रम को ठीक करने में एक मील का पत्थर साबित हुई।

6. सैंड्रोकोट्स से चंद्रगुप्त मौर्य की पहचान किसने की? [48th to 52nd B.P.S.C. (Pre) 2008]

Correct Answer: (a) विलियम जोंस
Solution:

वर्ष 1793 में प्रसिद्ध भाषाविद और इतिहासकार सर विलियम जोन्स ने सर्वप्रथम यह सिद्ध किया कि यूनानी वृत्तांतों का 'सैंड्रोकोट्स' वास्तव में मौर्य साम्राज्य का संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य ही है। यूनानी लेखकों ने उसे एक ऐसे शक्तिशाली शासक के रूप में वर्णित किया था जिसने सिकंदर के उत्तराधिकारियों को पराजित किया और उत्तर भारत पर शासन किया। जोन्स की इस महान खोज ने भारतीय इतिहास के अंधकारपूर्ण कालखंड को प्रकाशित किया और प्राचीन तिथियों के निर्धारण के लिए एक ठोस आधार प्रदान किया। इसी आधार पर मौर्य वंश के शासनकाल और बुद्ध के महापरिनिर्वाण जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं की गणना संभव हो सकी।

7. निम्न में से किसने 'सैंड्रोकोट्स' (चंद्रगुप्त मौर्य) और सिकंदर महान की भेंट का उल्लेख किया है? [U.P. Lower Sub. (Pre) 2008]

Correct Answer: (b) जस्टिन
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

8. कौटिल्य प्रधानमंत्री थे- [U.P.P.C.S. (Pre) 2002 & U.P. Lower Sub. (Spl.) (Pre) 2002]

Correct Answer: (c) चंद्रगुप्त मौर्य के
Solution:

कौटिल्य इतिहास में विष्णुगुप्त तथा चाणक्य इन दो नामों से भी विख्यात थे। जब चंद्रगुप्त मौर्य भारत का एकछत्र सम्राट बना, तो कौटिल्य प्रधानमंत्री, महामंत्री तथा प्रधान पुरोहित के पद पर आसीन हुए। उन्होंने राजनीति शास्त्र पर 'अर्थशास्त्र' नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की थी। यह भारत में राजशासन के ऊपर उपलब्ध प्राचीनतम रचना है।

9. चाणक्य अपने बचपन में किस नाम से जाने जाते थे? [U.P.P.C.S. (Pre) 2006]

Correct Answer: (c) विष्णुगुप्त
Solution:

ऋषि चणक ने अपने पुत्र का नाम चाणक्य रखा था। 'अर्थशास्त्र' के लेखक के रूप में इसी पुस्तक में उल्लिखित 'कौटिल्य' तथा एक पद्यखंड में उल्लिखित 'विष्णुगुप्त' नाम की साम्यता चाणक्य से की जाती है। पुराणों में उसे 'द्विजर्षभ' (श्रेष्ठ ब्राह्मण) कहा गया है। प्रश्न में बचपन के नाम की बात कही गई है। चाणक्य पर विशेष अध्ययन करने वाले विद्वान ट्रॉटमैन के अनुसार, चाणक्य तथा कौटिल्य नाम चाणक्य के गोत्र-नाम हो सकते हैं। इसी प्रकार अनेक विद्वानों ने यह निष्कर्ष निर्गत किया है कि चाणक्य तथा विष्णुगुप्त एवं कौटिल्य अलग-अलग व्यक्ति हैं। आयोग ने इस प्रश्न का उत्तर विष्णुगुप्त अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित किया था। इसके अनुसार विकल्प (c) विष्णुगुप्त सही उत्तर होगा।

10. चाणक्य का अन्य नाम था- [I.A.S. (Pre) 1993]

Correct Answer: (b) विष्णुगुप्त
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।