Solution:यूनानी लेखक स्ट्रेबो के अनुसार, डीमेकस मौर्य सम्राट बिन्दुसार के शासनकाल में भारत आया था।
बिन्दुसार, जो चन्द्रगुप्त मौर्य के पुत्र और अशोक के पिता थे, उनके समय में विदेशी संबंधों और डीमेकस के आगमन से जुड़े मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
• सीरियाई राजदूत: डीमेकस सीरिया के राजा एण्टियोकस प्रथम का राजदूत था। वह मेगास्थनीज के उत्तराधिकारी के रूप में मौर्य दरबार में आया था।
• कूटनीतिक पत्र-व्यवहार: एथेनियस नामक लेखक के अनुसार, बिन्दुसार ने एण्टियोकस प्रथम से तीन वस्तुओं की मांग की थी:
- मीठी मदिरा
- सूखी अंजीर
- एक दार्शनिक
• राजा का उत्तर: एण्टियोकस ने मदिरा और अंजीर तो भेज दिए, लेकिन दार्शनिक भेजने से यह कहकर मना कर दिया कि यूनानी कानूनों के अनुसार दार्शनिकों का विक्रय (बेचना) प्रतिबंधित है।
• अमित्रघात: बिन्दुसार को यूनानी लेखकों द्वारा 'अमित्रोचेट्स' कहा गया है, जिसका संस्कृत रूपांतरण 'अमित्रघात' (शत्रुओं का नाश करने वाला) है।