मौर्य प्रशासन में राजस्व संग्रहण का सर्वोच्च उत्तरदायित्व 'समाहर्ता' के पास था। वह वर्तमान समय के 'राजस्व सचिव' या 'कलेक्टर' की भांति कार्य करता था, जिसका मुख्य कर्तव्य पूरे साम्राज्य से कर (Tax) एकत्र करना और आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा रखना था। समाहर्ता न केवल कर वसूली की निगरानी करता था, बल्कि वह राज्य का वार्षिक बजट भी तैयार करता था।
अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी:
| अधिकारी | पद/कार्य |
| समाहर्ता | राजस्व संग्रह (Revenue Collection) और बजट निर्माण। |
| सन्निधाता | राजकीय कोष और भंडार गृह का संरक्षक। |
| प्रशास्ता | राजकीय आज्ञाओं को लिपिबद्ध करना और दस्तावेजों को सुरक्षित रखना। |
| अन्पाल | सीमावर्ती किलों की सुरक्षा और देखभाल। |