Solution:'भाषा ठीक करने से पहले मैं मनुष्यों को ठीक करना चाहता हूँ, समझे' प्रस्तुत संवाद चन्द्रगुप्त नाटक के पात्र चाणक्य का है। चन्द्रगुप्त, चाणक्य व राक्षस आदि चन्द्रगुप्त नाटक के पात्र हैं। चन्द्रगुप्त नाटक के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। प्रसाद की अन्य रचनाएं इस प्रकार हैं- सज्जन, कल्याणी परिणय, करुणालय, प्रायश्चित, राज्यश्री, विशाख, अजातशत्रु, जनमेजय का नागयज्ञ, कामना, स्कन्दगुप्त, एक घूँट, चन्द्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी।