यू.जी.सी. एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2019 (हिन्दी)

Total Questions: 100

51. 'अंधेरे में' कविता से सम्बन्धित कौन-सी टिप्पणियाँ रामविलास शर्मा की हैं?

(A) 'अंधेरे में' कविता की मूल समस्या यही है कि मध्यवर्ग का बुद्धिजीवी सर्वहारा वर्ग से तादात्म्य कैसे स्थापित करे।
(B) कवि मुक्तिबोध के लिए अस्मिता की खोज व्यक्ति की खोज नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की खोज है।
(C) मुक्तिबोध के काव्य-संसार की पट भूमि असंदिग्ध रूप से ऐसी शासन व्यवस्था है जो निहायत चालाक होने के साथ ही बेहद आततायी है।
(D) मुक्तिबोध की मुख्य समस्या है, अपना वर्ग छोड़कर दूसरे वर्ग के साथ तादात्म्य स्थापित करना।
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (d) (A) और (D)
Solution:

'अंधेरे में' कविता से सम्बन्धित टिप्पणियाँ रामविलास शर्मा की इस प्रकार हैं- 'अंधेरे में कविता की मूल समस्या यही है कि मध्यवर्ग का बुद्धि- जीवी सर्वहारा वर्ग से तादात्मय कैसे स्थापित करें। मुक्तिबोध की मुख्य समस्या है, अपना वर्ग छोड़कर दूसरे वर्ग के साथ तादात्म्य स्थापित करना। 'अंधेरे में' कविता गजानन माधव 'मुक्तिबोध' की है।

52. 'राम, तुम मानव हो ? ईश्वर नहीं हो क्या?

विश्व में रमे हुए नहीं सभी कहीं हो क्या?
तब मैं निरीश्वर हूँ, ईश्वर क्षमा करें;
तुम न रमो तो मन तुममें रमा करे।'
आधुनिक दृष्टिकोण से प्रेरित मैथिलीशरण गुप्त ने राम के विषय में यह काव्योक्ति किस काव्यग्रंथ में लिखी ?

Correct Answer: (b) साकेत
Solution:'राम, तुम मानव हो ?
ईश्वर नहीं हो क्या?
विश्व में रमे हुए नहीं सभी कहीं हो क्या?
तब मैं निरीश्वर हूँ, ईश्वर क्षमा करें;
तुम न रमो तो मन तुममें रमा करे।'
आधुनिक दृष्टिकोण से प्रेरित मैथिलीशरण गुप्त ने राम के विषय में यह काव्योक्ति 'साकेत' काव्यग्रंथ में लिखी।
पंचवटी, नहुष तथा विष्णुप्रिया गुप्त जी की रचना है।

53. भीष्म साहनी कृत 'तमस' उपन्यास का कथानक किन मुख्य विषयों पर केन्द्रित है?

(A) विभाजन की त्रासदी
(B) सामाजिक विषमता
(C) स्त्री विमर्श
(D) साम्प्रदायिक विद्वेष
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (a) (A) और (D)
Solution:

भीष्म साहनी कृत 'तमस' उपन्यास का कथानक विभाजन की त्रासदी व साम्प्रदायिक विद्वेष विषयों पर केन्द्रित है। भीष्म साहनी के अन्य उपन्यास इस प्रकार हैं झरोखा, कड़िया, बसंती, मय्यादास की माड़ी, कुंतो, नीलू नीलिम नीलोफर ।

54. रामविलास शर्मा कृत 'महावीरप्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण' का प्रकाशन काल है:

Correct Answer: (b) सन् 1977
Solution:

रामविलास शर्मा कृत 'महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण' का प्रकाशन सन् 1977 है। रामविलास शर्मा की अन्य आलोचनाएं इस प्रकार हैं प्रेमचंद (1941), भारतेन्दु युग (1943), निराला (1946), प्रगति और परम्परा (1949), साहित्य और संस्कृति (1949), प्रेमचन्द और उनका युग (1952), प्रगतिशील साहित्य की समस्याएँ आदि।

55. प्रकाशन काल के अनुसार निम्नलिखित उपन्यासों का सही अनुक्रम है:

Correct Answer: (a) परीक्षागुरु, गोदान, शेखरः एक जीवनी, तमस
Solution:प्रकाशन काल के अनुसार उपन्यासों का सही अनुक्रम इस प्रकार है-
उपन्यासप्रकाशन वर्षलेखक
परीक्षा गुरु1882 ई.लाला श्रीनिवासदास
गोदान1936 ई.प्रेमचन्द
शेखर एक जीवनी1940-44 ई.अज्ञेय
तमस1973 ई.भीष्म साहनी

56. संज्ञा अथवा सर्वनाम के जिस रूप से उसका सम्बन्ध वाक्य के किसी दूसरे शब्द के साथ प्रकाशित होता है, उसे क्या कहते है?

Correct Answer: (b) कारक
Solution:

संज्ञा अथवा सर्वनाम के जिस रूप से उसका सम्बन्ध वाक्य के किसी दूसरे शब्द के साथ प्रकाशित होता है उसे 'कारक' कहते हैं।

57. 'अंधेर नगरी' नाटक का अंतिम दृश्य है।

Correct Answer: (d) श्मशान
Solution:

'अंधेर नगरी' नाटक का अंतिम दृश्य 'श्मशान' है। 'अंधेर नगरी' नाटक के लेखक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हैं। अंधेर नगरी में राजा की मूर्खता, अन्याय और अँधेरगर्दी पर तीखा व्यंग्य किया गया है। भारतेन्दु के अन्य नाटक इस प्रकार हैं- वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति (1873), विषस्य विषमौषधम, (1876), प्रेम जोगिनी (1875), चन्द्रावली (1876), भारत-दुर्दशा (1880), नीलदेवी (1881), अंधेर नगरी (1881), सती प्रताप (अपूर्ण) (1883)।

58. 'जेहि पंखी के निअर होइ, कहै बिरह के बात।

सोई पंखी जाइ जरि, तरिवर होहिं निपात ।।'
ऊहात्मकता के अतिरिक्त उक्त पंक्तियों में व्यक्त भाव की क्या विशेषता है?

Correct Answer: (d) इसमें संत्रास युक्त शृंगार के कारण स्वाभाविक प्रेम की व्यंजना नहीं हुई है।
Solution:

'जेहि पंखी के निअर होइ, कहै बिरह के बात।
सोई पंखी जाइ जारि, तरिवर होहिं निपात ।।'
ऊहात्मकता के अतिरिक्त उक्त पंक्तियों में व्यक्त भाव की विशेषता 'इसमें संत्रास युक्त श्रृंगार के कारण स्वाभाविक प्रेम की व्यंजना नहीं हुई है' है।

59. निम्नलिखित में से कौन-सा उपन्यास ऐतिहासिक - सांस्कृतिक उपन्यास नहीं है?

Correct Answer: (c) टेढ़े मेढ़े रास्ते
Solution:

दिये गये उपन्यासों में 'टेढ़े मेढ़े रास्ते' ऐतिहासिक, सांस्कृतिक उपन्यास नहीं हैं। 'टेढे मेढ़े रास्ते (1946 ई.) भगवतीचरण वर्मा की रचना है। टेढ़े मेढ़े रास्ते में गाँधीवाद साम्यवाद और आतंकवाद का टेढ़े मेढ़े रास्ते के रूप में चित्रण है। अन्य उपन्यास ऐतिहासिक सांस्कृतिक हैं। बाणभट्ट की आत्मकथा (1946 ई.) एवं पुनर्नवा (1973 ई.) हजारी प्रसाद द्विवेदी का तथा वैशाली की नगरवधू (1949 ई.) आचार्य चतुरसेन शास्त्री का ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक उपन्यास है।

60. आनन्दवर्द्धन ने किस काव्य को ध्वनि कहा है?

Correct Answer: (c) जहाँ शब्द और अर्थ दोनों अपने अर्थ का उत्सर्जन कर व्यंग्यार्थ को अभिव्यक्त करें
Solution:

आनन्दवर्द्धन ने 'जहाँ शब्द और अर्थ दोनो अपने अर्थ का उत्सर्जन कर व्यंग्यार्थ को अभिव्यक्त करें' ऐसे काव्य को ध्वनि कहा है।