Solution:'अंधेर नगरी' नाटक का अंतिम दृश्य 'श्मशान' है। 'अंधेर नगरी' नाटक के लेखक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हैं। अंधेर नगरी में राजा की मूर्खता, अन्याय और अँधेरगर्दी पर तीखा व्यंग्य किया गया है। भारतेन्दु के अन्य नाटक इस प्रकार हैं- वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति (1873), विषस्य विषमौषधम, (1876), प्रेम जोगिनी (1875), चन्द्रावली (1876), भारत-दुर्दशा (1880), नीलदेवी (1881), अंधेर नगरी (1881), सती प्रताप (अपूर्ण) (1883)।