यू.जी.सी. एनटीए नेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर-2019 (हिन्दी)

Total Questions: 100

61. धर्मवीर भारती के सन्दर्भ में क्या सही नहीं है?

Correct Answer: (a) वे व्यक्ति स्वातन्त्र्य के विरोधी कवि हैं
Solution:

धर्मवीर भारती के सन्दर्भ में 'वे व्यक्ति स्वातन्त्र्य के विरोधी कवि हैं' तथ्य सही नहीं है क्योंकि भारती जी व्यक्ति स्वातन्त्र्य के पक्षधर कवि हैं। ये कैशोर भावुकता के लेखक हैं, तथा मिथकीय सन्दर्भों पर आधारित कविता लिखने वाले कवि हैं।

62. श्रद्धा और इड़ा से सम्बन्धित मुक्तिबोध के सही कथन कौन-से हैं?

(A) इड़ा का व्यक्तित्व सामाजिक-सार्वजनिक महत्व विन्यस्त है।
(B) श्रद्धा के पास कोई अपना सार्वजनिक जीवन नहीं है।
(C) इड़ा बुद्धिवाद का प्रतीक है।
(D) श्रद्धा में आत्मबद्ध भावुकता का अभाव है।
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (b) (A) और (B)
Solution:

श्रद्धा और इड़ा से सम्बन्धित मुक्तिबोध का कथन इस प्रकार है (1) इड़ा का व्यक्तित्व सामाजिक सार्वजनिक महत्व से विन्यस्त है। (2) श्रद्धा के पास कोई अपना सार्वजनिक जीवन नहीं है। श्रद्धा और इड़ा कामायनी के सर्ग हैं। कामायनी में कुल पन्द्रह सर्ग हैं। कामायनी (1935) के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। श्रद्धा, इड़ा, क्रमशः हृदय व बुद्धि के प्रतीक हैं।

63. फोर्ट विलियम कॉलेज के हिन्दुस्तानी के प्रथम प्रोफेसर कौन थे?

Correct Answer: (a) गिलक्राइस्ट
Solution:

फोर्ट विलियम कॉलेज के हिन्दुस्तानी के प्रथम प्रोफेसर गिलक्राइस्ट थे। इस कॉलेज की स्थापना 10 जुलाई सन् 1800 को तत्कालीन गवर्नर जनरल लार्ड वेलेजली ने की थी। कुछ लोगों ने इस संस्थान को भारत के लोगों को बाँटने का खेल खेलने का अड्डा माना है। फोर्ट विलियम कॉलेज में हिन्दुस्तानी भाषा जॉन गिलक्राइस्ट के निर्देशन में सुचारु रूप से चली।

64. निम्नलिखित में से व्यंग्य ग्य रचनाएँ कौन-सी हैं?

(A) भूलने के विरुद्ध
(B) जीप पर सवार इल्लियाँ
(C) अपनी अपनी बीमारी
(D) निषाद बाँसुरी
निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (d) (B) और (C)
Solution:

दिये गये विकल्पो में व्यंग्य रचनाएँ (b) और (c) दोनों हैं। इसमें जीप पर 'सवार इल्लियां' शरद जोशी तथा 'अपनी अपनी बीमारी' हरिशंकर परसाई का व्यंग्यात्मक निबंध है। 'भूलने के विरुद्ध' रमेशचन्द्र शाह और 'निषाद बांसुरी' कुबेरनाथ राय का निबन्ध है।

65. 'उर्वशी' पर लिखी गई किसकी समीक्षा से विवाद उत्पन्न हो गया था?

Correct Answer: (d) भगवतशरण उपाध्याय
Solution:'उर्वशी' पर लिखी गई भगवतशरण उपाध्याय की समीक्षा से विवाद उत्पन्न हो गया था।

66. 'उर्वशी' पर लिखी गई भगवतशरण उपाध्याय की समीक्षा से विवाद उत्पन्न हो गया था।

Correct Answer: (d) केदारनाथ सिंह
Solution:

केदारनाथ सिंह का कविता संग्रह है- 'जमीन पक रही है'। इनके अन्य कविता संग्रह अभी बिल्कुल अभी, ताल्सताय और साइकिल, यहाँ से देखो आदि हैं। नागर्जुन का मूल नाम वैद्यनाथ मिश्र था। इनका पहला साहित्यिक उपनाम 'यात्री' था। संस्कृत और मैथिली में ये इसी नाम से कविताएँ लिखते थे। इनकी रचनाएँ- युगधारा, खिचड़ी विप्लव देखा हमने, तुमने कहा था, भस्मांकुर, सतरंगें पंखों वाली आदि। 'नरेश मेहता' दूसरा तारसप्तक के कवि हैं। इनकी रचनाएँ वन पायी सुनो, बोलने दो चीड़ को, चैत्या, उत्सवा आदि। केदारनाथ अग्रवाल प्रगतिवादी कवि हैं। इनकी रचनाएं युग की गंगा, नीद के बादल, अपूर्वा, आत्मगंध, जमुन जल तुम, फूल नहीं रंग बोलते हैं, गुल हदी, लोक और आलोक आदि।

67. किस विद्वान ने कहा था कि 'बुद्धदेव के बाद भारत में सबसे बड़े लोकनायक तुलसीदास थे?

Correct Answer: (b) जॉर्ज ग्रियर्सन
Solution:

'जार्ज ग्रियर्सन' ने कहा था कि 'बुद्धदेव' के बाद भारत में सबसे बड़े लोकनायक तुलसीदास थे। कामिल बुल्के वेल्जियम के निवासी थे। इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 'रामकथाः उत्पत्ति और विकास' नाम से शोध किया इस शोध ग्रंथ को रामकथा. संबंधी समस्त सामग्री का विश्वकोश कहा जाता है।

68. कवि के भार को बहुत बड़ा बताते हुए किस आचार्य ने कहा है कि ऐसा न कोई शब्द है, न अर्थ, न न्याय और न कला जो काव्य का अंग न बन सके ?

Correct Answer: (b) भामह
Solution:

भामह ने कहा है कि ऐसा न कोई शब्द हैं, न अर्थ, न न्याय और न कला जो काव्य का अंग बन सके।

69. प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से निम्नलिखित काव्यकृतियों का सही अनुक्रम है:

Correct Answer: (b) कुकुरमुत्ता, विष्णुप्रिया, आँगन के पार द्वार, चाँद का मुँह टेढ़ा है
Solution:प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से काव्य कृतियों का सही अनुक्रम इस प्रकार है-
रचनारचनाकारप्रकाशन वर्ष
कुकुरमुत्तानिराला1942 ई.
विष्णुप्रियामैथिलीशरण गुप्त1957 ई.
आँगन के पार द्वारअज्ञेय1961 ई.
चाँद का मुँह टेढ़ा हैगजानन माधव 'मुक्तिबोध'1964 ई.

70. सिद्धों से सम्बन्धित रामचन्द्र शुक्ल के कौन-से कथन सही हैं?

(A) वज्रयान में आकर 'महासुखवाद' का प्रवर्तन हुआ।
(B) नाथपंथ सिद्धों की परम्परा से नहीं निकला है।
(C) सिद्धों का साहित्य शुद्ध साहित्य के अन्तर्गत नहीं आता है।
(D)सिद्धों की बानियाँ सांकेतिक नहीं हैं। निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिएः

Correct Answer: (a) (A) और (C)
Solution:सिद्धों से सम्बन्धित (a) और (c) रामचन्द्र शुक्ल के कथन सही हैं। वज्रयान में आकर 'महासुखवाद' का प्रवर्तन हुआ तथा सिद्धों का साहित्य शुद्ध साहित्य के अन्तर्गत नहीं आता है। ऐसा शुक्ल जी का कथन है। जबकि नाथपंथ सिद्धों की परम्परा से निकला है और सिद्धों की बानियाँ सांकेतिक हैं।