Solution:केदारनाथ सिंह का कविता संग्रह है- 'जमीन पक रही है'। इनके अन्य कविता संग्रह अभी बिल्कुल अभी, ताल्सताय और साइकिल, यहाँ से देखो आदि हैं। नागर्जुन का मूल नाम वैद्यनाथ मिश्र था। इनका पहला साहित्यिक उपनाम 'यात्री' था। संस्कृत और मैथिली में ये इसी नाम से कविताएँ लिखते थे। इनकी रचनाएँ- युगधारा, खिचड़ी विप्लव देखा हमने, तुमने कहा था, भस्मांकुर, सतरंगें पंखों वाली आदि। 'नरेश मेहता' दूसरा तारसप्तक के कवि हैं। इनकी रचनाएँ वन पायी सुनो, बोलने दो चीड़ को, चैत्या, उत्सवा आदि। केदारनाथ अग्रवाल प्रगतिवादी कवि हैं। इनकी रचनाएं युग की गंगा, नीद के बादल, अपूर्वा, आत्मगंध, जमुन जल तुम, फूल नहीं रंग बोलते हैं, गुल हदी, लोक और आलोक आदि।