यू.जी.सी. NTAनेट जेआरएफ परीक्षा, दिसम्बर 2021/जून 2022 (हिन्दी) Shift-I

Total Questions: 100

71. 'कामायनी' के निम्नलिखित सर्गो का सही अनुक्रम है:

A. स्वप्र
B. संघर्ष
C. निर्वेद
D. दर्शन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) A, B, C, D
Solution:

जय शंकर प्रसाद कृत 'कामायनी (1936 ई.) महाकाव्य के निम्नलिखित सर्गों का सही अनुक्रम है-
(1) चिन्ता (6) लज्जा (11) संघर्ष
(2) आशा (7) कर्म (12) निर्वेद
(3) श्रद्धा (8) ईर्ष्या (13) दर्शन
(4) काम (9) इड़ा (14) रहस्य
(5) वासना (10) स्वप्न (15) आनन्द
• आचार्य शांतिप्रिय द्विवेदी ने 'कामायनी' को छायावाद का उपनिषद् कहा है।

72. निम्नलिखित में से देवसेना के कथन हैं:

A. विजय का क्षणिक उल्लास हृदय की भूख मिटा देगा? वीरों का भी क्या ही व्यवसाय है, क्या ही उन्मत भावना है।
B. पवित्रता की माप है मलिनता, सुख का आलोचक है दुःख, पुण्य की कसौटी है पाप । विजया! आकाश के सुन्दर नक्षत्र आँखों से केवल देखे ही जाते हैं।
C. नये ढंग के आभूषण, सुन्दर वसन, भरा हुआ यौवन - यह सब तो चाहिए हीः परन्तु एक वस्तु और चाहिए पुरुष को वशीभूत करने के पहले - धोखे की टट्टी !
D. ऐसा जीवन तो विडंबना है, जिसके लिए दिन रात लड़ना पड़े !
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल B और C
Solution:देवसेना के निम्नलिखित कथन है-
"पवित्रता की माप है मलिनता, सुख का आलोचक है दुःख, पुण्य की कसौटी है पाप! विजया ! आकाश के सुन्दर नक्षत्र आँखों से केवल देखें ही जाते हैं।"
“नये ढंग के आभूषण, सुन्दर वसन, भरा हुआ यौवन यह सब तो चाहिए ही, परन्तु एक वस्तु और चाहिए पुरुष को वशीभूत करने के पहले धोखे की टट्टी!"
उपर्युक्त दोनों कथन जय शंकर प्रसाद कृत 'स्कन्द गुप्त' नाटक की स्त्री पात्र देवसेना की है। स्कन्द गुप्त के प्रमुख (पुरुष पात्र)- स्कन्दगुप्त, पृथ्वी सेन, भट्टार्क, बंधु वर्मा, महादण्ड नायक, पुरुगुप्त, कुमार गुप्त । (स्त्रीपात्र)- अनन्त देवी, देवकी, देवसेना, विजया, रामा, जयमाला, मालिनी।
जयशंकर प्रसाद के प्रमुख नाटक- सज्जन, कल्याणी परिणय, करूणालय, राज्यश्री, विशाख, अजातशत्रु, जनमेजय का नागयज्ञ, स्कन्दगुप्त, चन्द्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी इत्यादि।

73. रामचंद्र शुक्ल के 'हिन्दी साहित्य का इतिहास' में दर्ज अष्टछाप के प्रारम्भिक चार कवियों का सही अनुक्रम है:

(A) नंददास
(B) सूरदास
(C) परमानंददास
(D) कृष्ण दास
नीचे दिए गए विकलपों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) B, A, D, C
Solution:

रामचन्द्र शुक्ल के 'हिन्दी साहित्य का इतिहास' में दर्ज अष्टछाप के प्रारम्भिक चार कवियों का सही अनुक्रम है- सूरदास, नन्ददास, कृष्णदास, परमानन्ददास । गोस्वामी विठ्ठलनाथ ने सन् 1565 ई. में चार वल्लभाचार्य और चार अपने शिष्यों को मिलाकर 'अष्टछाप' की स्थापना की। 'हिन्दी साहित्य का इतिहास' में दर्ज रामचन्द्र शक्ल के अनुसार अष्टछाप के आठ कवियों का क्रम1. सूरदास, 2. नन्ददास, 3. कृष्णदास, 4. परमानन्द दास, 5. कुंभनदास, 6. चतुर्भुजदास, 7. छीतस्वामी, 8. गोविन्द स्वामी। वल्लभाचार्य के कुल 84 तथा विठ्ठलनाथ के कुल 252 शिष्य थे।
कालक्रमानुसार अष्टछाप कवियों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है-

कविगुरूजन्म-मृत्यु (ई.)जन्म स्थान
कुंभनदासवल्लभाचार्य1468-1583जमुनावतौ (उ.प्र.)
सूरदासवल्लभाचार्य1478-1583सीही (उ.प्र.)
परमानन्ददासवल्लभाचार्य1493-कन्नौज (उ.प्र.)
कृष्णदासवल्लभाचार्य1496-1578चिलोतरा (गुजरात)
गोविन्द स्वामीविट्ठलनाथ1505-1585आंतरी (राजस्थान)
छीतस्वामीविट्ठलनाथ1515-1585मथुरा (उ.प्र.)
चतुर्भुजदासविट्ठलनाथ1530-1585जमुनावती (उ.प्र.)
नंददासविट्ठलनाथ1533-1583रामपुर (उ.प्र.)

74. 'ईदगाह' कहानी में व्यक्त हुए हैं:

A. सांप्रदायिक सौमनस्य
B. बाल मनोविज्ञान
C. मातृ वात्सल्य
D. राजनीतिक चेतना
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए-

Correct Answer: (d) केवल B और C
Solution:

प्रेमचन्द कृत 'ईदगाह' (1933 ई.) कहानी में बाल मनोविज्ञान तथा मातृ वात्सल्य व्यक्त हुए हैं। ईदगाह कहानी का नायक 'हामिद' है जो अपनी दादी 'अमीना' के साथ रहता है। प्रेमचन्द्र की प्रमुख कहानियाँ नमक का दारोगा, ईश्वरीय न्याय, बूढ़ी काकी, सवा सेर गेहूँ, शतरंज के खिलाड़ी, अलग्योझा, पूस की रात, सद्‌गति, दो बैलों की कथा, ठाकुर का कुँआ, बड़े भाई साहब, कफन आदि।

75. पुरोहित के अनुसार रामगुप्त का ध्रुवस्वामिनी पर कोई अधिकार नहीं, क्योंकि-

Correct Answer: (d) वह गौरव से नष्ट और आचरण से पतित था।
Solution:पुरोहित के अनुसार रामगुप्त का ध्रुवस्वामिनी पर कोई अधिकार नहीं, क्योंकि 'वह गौरव से नष्ट और आचरण से पतित था।'
  • जय शंकर प्रसाद कृत 'ध्रुवस्वामिनी' नाटक से समस्या नाटक का प्रवर्तन माना जाता है। इसमें अनमेल विवाह, तलाक एवं पुनर्विवाह की समस्या को उठाया गया है।

ध्रुवस्वामिनी नाटक के प्रमुख पात्र चन्द्रगुप्त, रामगुप्त, शिखर स्वामी, ध्रुवस्वामिनी हैं।

76. सूची-I को सूची-11 से सुमेलित कीजिए:

सूची-Iसूची-II
A. शेखरI. निपुणिका
B. सिलियाII. तारा
C. जयदेव पुरीIII. मातादीन
D. बाणभट्टIV. सरस्वती

नीचे दिए गए विकल्पों में से उत्तर चुनिएः

Correct Answer: (b) A- IV, B - III, СC- II, D- I
Solution:सूची-I को सूची-II से सुमेलन -
सूची-Iसूची-II
शेखरसरस्वती
सिलियामातादीन
जयदेव पुरीतारा
बाणभट्टनिपुणिका

77. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (R) के रूप में :

अभिकथन (A): डार्विन का मानना है कि ईश्वर सृष्टि का निर्माता नहीं है।
कारण (R) : क्योंकि मनुष्य सृष्टि का निर्माता है, कारण कि वह ईश्वर की सृष्टि है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) (A) सही है परन्तु (R)सही नहीं है।
Solution:अभिकथन (A) 'डार्विन का मानना है कि ईश्वर सृष्टि का निर्माता नहीं है' कारण (R) क्योंकि मनुष्य सृष्टि का निर्माता है। कारण की वह ईश्वर की सृष्टि है। उपरोक्त कथनों के आलोक में (A) सही है परन्तु (R) सही नहीं है।
चार्ल्स डार्विन ने 'क्रमविकास के सिद्धांत' को दुनिया के सामने रखा। इस सिद्धांत में कहा गया कि विशेष प्रकार की कई प्रजातियों के पौधे पहले एक जैसे ही एवं लेकिन दुनिया की अलग-अलग भौगोलिक स्थितियों में जीवित बचे रहने के संघर्ष के चलते उनकी रचना में बदलाव होता गया। इस वजह से एक ही जाति के पौधे की कई प्रजातियां बन गई।

78. 'भोलाराम का जीव' कहानी के विषय हैं:

(A) भ्रष्टाचार की पक्षधरता
(B) भ्रष्टाचार का अनावरण
(C) सदाचरण का निषेध
(D) सरकारी कार्यालयों में व्याप्त रिश्वतखोरी की अभिव्यक्ति
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल B और D
Solution:'भ्रष्टाचार का अनावरण' तथा 'सरकारी कार्यालयों में व्याप्त रिश्वतखोरी की अभिव्यक्ति' हरिशंकर परसाई कृत 'भोलाराम का जीव' कहानी के विषय हैं।
परसाई जी के कहानी संग्रह हँसते हैं रोते हैं, जैसे उनके दिन फिरे. भोलाराम का जीव । उपन्यास- रानी नागफनी की कहानी, तट की खोज, ज्वाला और जल ।
निबन्ध संग्रह-पगडंडियों का जमाना, सदाचार का ताबीज, ठिठुरता हुआ गणतंत्र, विकलांग श्रद्धा का दौर, सुनो भाई साधों, तुलसीदास चन्दन घिसे, पाखण्ड का अध्यात्म, प्रेमचन्द के फटे जूते आदि।

79. प्रकाशनवर्ष की दृष्टि से सही अनुक्रम है:

A. दूसरी परंपरा की खोज
B. व्योमकेश दरवेश
C. शांतिनिकेतन से शिवालिक तक
D. साहित्यकार और चिन्तक आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) C, A, D, B
Solution:प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से सही अनुक्रम निम्नलिखित हैं-
रचनाप्रकाशन वर्षरचनाकार
‘शान्ति निकेतन से शिवालिक तक’1967 ई.डॉ. शिव प्रसाद सिंह
‘दूसरी परम्परा की खोज’1967 ई.नामवर सिंह
‘साहित्यकार और चिन्तक आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी’1997 ई.राममूर्ति त्रिपाठी
‘व्योमकेश दरवेश’2010 ई.विश्वनाथ त्रिपाठी

80. निम्नलिखित में से कौन-सा निबन्ध भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने लिखा है?

Correct Answer: (a) रामायण का समय
Solution:

'रामायण का समय' भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का निबन्ध है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को प्रथम निबन्धकार माना है तथा भारतेन्दु जी को निबन्ध का जनक भी माना जाता है। इनके प्रमुख निबन्ध- कश्मीर कुसुम, कालचक्र, बादशाह दर्पण, तदीयसर्वस्व, स्वर्ग में विचार सभा का अधिवेशन, भ्रूण हत्या, काशी, मणिकर्णिका, ईश्वर बड़ा विलक्षण है, भारतवर्ष की उन्नति कैसे हो सकती है? आदि हैं।
जबकि 'रसात्मक बोध के विविध स्वरूप' आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के निबन्ध 'चिन्तामणि' (भाग-1) में संकलित निबन्ध है। इनके अन्य संकलित निबन्ध श्रद्धा और भक्ति, करुणा, लज्जा और ग्लानि, कविता क्या है? मानस की धर्मभूमि, काव्य में लोकमंगल की साधनावस्था, साधारणीकरण और व्यक्ति वैचित्र्यवाद आदि हैं।