विद्युत धारा और उसके प्रभाव (भौतिक विज्ञान) (Part-II)

Total Questions: 100

91. किसी वोल्टमीटर का उपयोग ______ मापने के लिए किया जाता है। [RRB Group D 27/09/2018 (Evening)]

Correct Answer: (d) विभवांतर
Solution:
  • दो बिंदुओं के बीच किसी भी पथ पर एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक त्वरण के बिना एक इकाई धनात्मक आवेश को ले जाने में किए गए कार्य की मात्रा।
  • विद्युत धारा - किसी चालक में इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह की दर। SI इकाई - एम्पीयर।
  • वायु प्रतिरोध - एक बल जो वायु के कारण तब उत्पन्न होता है जब कोई वस्तु इसके माध्यम से चलती है।
  • चुंबकीय प्रेरक (विद्युत चुम्बकीय प्रेरक) - एक अलग चुंबकीय क्षेत्र के अंदर रखे गए विद्युत कंडक्टर में वोल्टेज का उत्पादन।
  • कार्य सिद्धांत
    • वोल्टमीटर को समांतर में जोड़ा जाता है।
    • उच्च प्रतिरोध (10kΩ-10MΩ) के कारण यह परिपथ से नगण्य धारा लेता है। आदर्श वोल्टमीटर का R = ∞ होता है।
  • उपयोग
    • बैटरी चार्ज स्तर (12V कार बैटरी)
    • घरेलू वायरिंग (230V AC)
    • परिपथ समस्या निवारण
    • उपकरण अंशांकन
  • उदाहरण
    • बल्ब के सिरों पर 220V मापना।
    • परिपथ ──┬── R ──
    •                 │
    • V ←┘ (समांतर)
    • V = IR से विभवांतर प्राप्त। उच्च R_v → I_v न्यून।
  • रेंज विस्तार
    • श्रेणी Rs जोड़कर: V_full = Ig(G+Rs)
    • Rs = (V_full/Ig) - G

92. यदि समान विभव वाले दो आवेशित पिंडों को एक प्रवाहकीय तार के माध्यम से जोड़ा जाए, तो: [RRB Group D 28/09/2018 (Morning)]

Correct Answer: (c) धारा प्रवाहित नहीं होगी
Solution:
  • जब दो वस्तुएं एक प्रवाहकीय तार से जुड़ी होती हैं, तो इलेक्ट्रॉन उनके बीच स्वतंत्र रूप से घूम सकते हैं।
  • लेकिन यदि दोनों वस्तुओं की क्षमता समान है, तो इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह में कोई संभावित अंतर नहीं होता है।
  • विद्युत धारा आवेशित कणों की उच्च क्षमता से निम्न क्षमता की ओर गति है।
  • वैज्ञानिक कारण
    • विद्युत धारा उच्च विभव से निम्न विभव की ओर बहती है।
    • विभवांतर (V = V₁ - V₂) = 0 होने पर धारा I = V/R = 0।
  • परिणाम:
    • I = 0 (कोई प्रवाह नहीं)
    • q₁, q₂ अपरिवर्तित
    • दोनों समविभव बने रहते हैं
  • भौतिक सिद्धांत
    • चालक का समविभव गुण: आवेशित चालक के सभी बिंदुओं पर एकसमान विभव। तार जोड़ने पर:
    • कोई विभव भिन्नता नहीं
    • इलेक्ट्रॉन स्थिर (कोई बल नहीं)
    • संतुलन अवस्था बनी रहती है
  • गणितीय प्रमाण
    • Q₁ = C₁V, Q₂ = C₂V (समान V)
    • तार जोड़ने पर: I = (V₁-V₂)/R = 0/R = 0
    • आवेश संरक्षण: Q_total = Q₁ + Q₂ (अपरिवर्तित)
  • व्यावहारिक उदाहरण
    • दो 12V बैटरी (समान चार्ज) → तार जोड़ें → कोई धारा नहीं
    • दो समान संधारित्र (समान V) → जोड़ें → संतुलन

93. निम्नलिखित में से कौन सा प्रभाव धारा द्वारा उत्पन्न नहीं होता है? [RRB Group D 28/09/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (b) संकुचन प्रभाव
Solution:
  • रासायनिक प्रभाव : किसी संवाहक विलयन के माध्यम से विद्युत धारा का प्रवाह रासायनिक प्रतिक्रियाओं का कारण बनता है।
  • परिणामस्वरूप, इलेक्ट्रोड पर गैस के बुलबुले बन सकते हैं। इलेक्ट्रोड पर धातु का जमाव देखा जा सकता है।
  • घोल के रंग में परिवर्तन हो सकता है। तापीय प्रभावः जब किसी तार से विद्युत धारा प्रवाहित होती है
  • तो तार गर्म हो जाता है। यह धारा का तापीय प्रभाव है।
  • विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभावः जब किसी तार से विद्युत धारा प्रवाहित होती है तो वह चुंबक की तरह व्यवहार करती है।
  • संकुचन प्रभाव क्या है?
    • लैंथेनॉइड संकुचन: लैंथेनॉइड श्रेणी (La से Lu) में परमाणु संख्या बढ़ने पर परमाणु/आयनिक त्रिज्या में क्रमिक कमी।
    • कारण: 4f कक्षाओं का खराब शील्डिंग प्रभाव → प्रभावी नाभिकीय आवेश ↑।
    • La (त्रिज्या 187 pm) → Lu (173 pm)
    • ~7% कमी (14 pm)
  • धारा प्रभावों का वैज्ञानिक आधार
    • तापीय: H = I²Rt (जूल नियम)
    • चुंबकीय: B = μ₀I/2πr (एम्पीयर नियम)
    • रासायनिक: Faraday: m = ZIt
    • संकुचन: k-shell संकुचन (धारा असंबंधित)
  • भ्रम निवारण
    • संकुचन ≠ विद्युत प्रभाव। यह परमणु संरचना का रासायनिक गुण है। विद्युत धारा का इससे कोई संबंध नहीं।
    • निष्कर्ष: संकुचन प्रभाव विद्युत धारा से उत्पन्न नहीं होता। यह रसायन शास्त्र का परमाणु त्रिज्या घटना है।

94. ______ विद्युत बल्बों के फिलामेंट बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली धातु है। [RRB Group D 28/09/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (b) टंगस्टन
Solution:
  • टंगस्टन (प्रतीक W, परमाणु संख्या 74)। इसका गलनांक 3380° C है।
  • टंगस्टन फिलामेंट लैंप नाइट्रोजन या आर्गन गैस से भरे होते हैं।
  • लोहा (प्रतीक Fe, परमाणु क्रमांक 26), चांदी (प्रतीक Ag, परमाणु क्रमांक 47), निकेल (प्रतीक Ni, परमाणु क्रमांक 28)।
  • टंगस्टन विद्युत बल्बों के फिलामेंट बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली धातु है।
  • इसका उच्च गलनांक और ताप सहनशीलता इसे आदर्श बनाती है।
  • कार्य सिद्धांत
    • P = I²R → उच्च R → अधिक ऊष्मा → 2700°C → श्वेत प्रकाश
    • टंगस्टन: कम ρ → पतला/लंबा तार → R बढ़ाना
  • ऐतिहासिक विकास
    • 1879: एडिसन (कार्बन फिलामेंट)
    • 1904: ऑस्ट्रियाई इंजीनियर → टंगस्टन
    • 1910: GE → व्यावसायिक टंगस्टन लैंप
    • 1930s: आर्गन गैस भरना शुरू
  • आधुनिक सुधार
    • डबल कोइल → सतह क्षेत्र ↑ → वाष्पीकरण ↓
    • क्वार्ट्ज कोटिंग → ऑक्सीकरण प्रतिरोध
    • हैलोजन चक्र → जीवन 2000+ घंटे
  • गणना उदाहरण
  • 60W, 220V बल्ब:
    • R = V²/P = 220²/60 = 806Ω
    • टंगस्टन तार: ρ=5.6×10⁻⁸, l=1m, A=6.95×10⁻¹¹ m²
    • पतला तार → उच्च R → चमक!

95. इसे हल करो [RRB Group D 03/10/2018 (Afternoon)]

दिया गया प्रतीक विद्युत घटक को दर्शाता है।

Correct Answer: (a) रिओस्टेट
Solution:
  • परिवर्तनशील अवरोधक जिसका उपयोग प्रतिरोध को बढ़ाकर या घटाकर विद्युत धारा के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
  • धारा नियंत्रक को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है क्योंकि धारा उस पथ से प्रवाहित होती है जहाँ प्रतिरोध न्यूनतम होता है।
  • कृपया स्पष्ट करें:
    • गणितीय समीकरण (जैसे: 2x+5=15)
    • भौतिकी numerical (जैसे: R=ρl/A)
    • परिपथ विश्लेषण
    • कोई अन्य समस्या
  • उदाहरण प्रारूप:
    • हल करें: 2R₁ + R₂ = 10Ω, I=2A, V=?"
    • निम्न परिपथ का समतुल्य R ज्ञात करें"

96. विद्युत चालक की प्रतिरोधकता.............. पर निर्भर करती है: [RRB Group D 04/10/2018 (Morning)]

Correct Answer: (d) पदार्थ
Solution:
  • प्रतिरोधकताः विद्युत के संचालन के लिए किसी विशिष्ट पदार्थ के प्रतिरोध का माप। इसे p द्वारा दर्शाया जाता है।
  • किसी पदार्थ की प्रतिरोधकता या विशिष्ट प्रतिरोध एक आंतरिक गुण है और यह केवल पदार्थ और तापमान पर निर्भर करता है।
  • वैज्ञानिक कारण
    • प्रतिरोधकता = ρ=m/(ne^2 τ)
    • जहाँ:
    • n: मुक्त इलेक्ट्रॉन घनत्व (चाँदी में सबसे अधिक)
    • e: इलेक्ट्रॉन आवेश
    • τ: इलेक्ट्रॉन आरामकाल (चाँदी में सबसे लंबा)
    • m: इलेक्ट्रॉन द्रव्यमान
    • चाँदी: n = 5.9×10²⁸ m⁻³, τ अधिक → ρ न्यूनतम
  • तापमान प्रभाव
    • ρ_t = ρ_0 [1 + α(t-t_0)]
    • तापमान पर निर्भर लेकिन बहुत कम (α ≈ 0.004/°C)। सामान्यतः निरंतर मानते हैं।
  • गणना उदाहरण
    • समान ताँबा तारें:
    • तार 1: l=10m, A=1mm² → R₁ = ρ×10/10⁻⁶ = 0.172Ω
    • तार 2: l=20m, A=2mm² → R₂ = ρ×20/2×10⁻⁶ = 0.172Ω (समान!)
    • ρ समान → R भिन्न नहीं।
  • भौतिक अर्थ
    • ρ = R × (A/l)
    • एकक l, एकक A → R = ρ
    • प्रतिरोधकता = एकक चालक का प्रतिरोध**

97. निम्नलिखित में से कौन सा एक सुचालक के प्रतिरोध को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेगा? [RRB Group D 04/10/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (d) अनुप्रस्थ भाग का क्षेत्रफल
Solution:
  • किसी चालक के प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक प्रतिरोधकता, तापमान, लंबाई और अनुप्रस्थ भाग का क्षेत्रफल हैं।
  • तापमान सीधे प्रतिरोध के समानुपाती होता है।
  • तापमान जितना अधिक होगा, प्रतिरोधकता उतनी ही अधिक होगी। चालक की लंबाई प्रतिरोध के सीधे समानुपाती होती है।
  • प्रतिरोध सूत्र
    • R = ρ × (l/A)
    • प्रतिकूल प्रभाव = व्युत्क्रमानुपाती (R ∝ 1/A)
    • क्षेत्रफल दोगुना → R आधा (प्रतिकूल प्रभाव)!
  • भौतिक कारण
    • क्षेत्रफल ↑ → इलेक्ट्रॉनों के लिए मार्ग चौड़ा
    • घनत्व ↓ → टकराव कम → R ↓
  • अन्य विकल्पों का विश्लेषण
    • लंबाई ↑ → R ↑ (समानुपाती)
    • तापमान ↑ → R ↑ (समानुपाती)
    • विभवांतर → R पर **कोई प्रभाव नहीं** (V=IR)

98. किसी दिए गए विद्युत परिपथ में धारा बनाए रखने के लिए सेल को उसमें संग्रहीत _________ ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। [RRB Group D 09/10/2018 (Morning)]

Correct Answer: (a) रासायनिक
Solution:
  • सेल एकल एनोड और कैथोड को एक विद्युत अपघट्य (electrolyte) द्वारा अलग किया जाता है।
  • यह उपकरण जो रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
  • बैटरियाँ एक या अधिक सेल से बनी होती हैं, प्रत्येक में एक धनात्मक इलेक्ट्रोड, एक ऋणात्मक इलेक्ट्रोड, विभाजक और इलेक्ट्रोलाइट होता है।
  • प्राथमिक सेल - अपरिवर्तनीय रासायनिक अभिक्रियाओं द्वारा धारा उत्पन्न करता है
  • रिचार्जेबल नहीं होता है। उदाहरणः लेक्लांश सेल, डेनियल सेल, ड्राई सेल। एलेसेंड्रो वोल्टा ने विद्युत सेल का आविष्कार किया।
  • सेल का कार्य सिद्धांत
    • रासायनिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा रूपांतरण:
    • Zn + CuSO₄ → ZnSO₄ + Cu + ऊर्जा (EMF)
    • सेल के अंदर रासायनिक अभिक्रियाएँ धन (+) और ऋण (-) टर्मिनलों के बीच स्थिर विभवांतर बनाए रखती हैं।
  • ऊर्जा रूपांतरण प्रक्रिया
    • रासायनिक ऊर्जा → EMF (1.1V डैनियल सेल)
    •               ↓
    • परिपथ में धारा I → कार्य W = VIt
    •               ↓
    • ताप (जूल हीटिंग), यांत्रिक कार्य
  • गणना सूत्र
    • कार्य: W=V×I×t
    • शक्ति: P=V×I
    • उदाहरण: 2V सेल, 0.5A धारा, 1 घंटा:
    • W = 2 × 0.5 × 3600 = 3600 J
    • 3600 J रासायनिक ऊर्जा खर्च
  • व्यावहारिक उदाहरण
    • AA बैटरी (1.5V): Zn + MnO₂ → ऊर्जा
    • कार बैटरी (12V): Pb + H₂SO₄ → ऊर्जा
    • लिथियम-आयन: LiCoO₂ → ऊर्जा
    • सभी में रासायनिक ऊर्जा ही खर्च।
  • NCERT प्रमाण
    • किसी विद्युत परिपथ में विद्युत धारा बनाए रखने के लिए सेल अपनी संचित रासायनिक ऊर्जा खर्च करता है।"

99. निम्नलिखित में से किस तत्व का प्रतिरोध सबसे अधिक है ? [RRB Group D 09/10/2018 (Morning)]

Correct Answer: (a) एबोनाइट
Solution:
  • कुछ पदार्थों की प्रतिरोधकता, p (Ω m): चालक - चाँदी 1.6 x 10⁻⁸, तांबा 1.62 ×  10⁻⁸, एल्युमीनियम 2.6 ×  10⁻⁸, टंगस्टन 5.2 × 10⁻⁸, आयरन 10 ×  10⁻⁸, प्लैटिनम 11 ×  10⁻⁸, पारा 94 ×  10⁻⁸।
  • निक्रोम की संरचना
    • निक्रोम = 80% निकेल + 20% क्रोमियम मिश्र धातु:
    • उच्च ρ → अधिक जूल हीटिंग (I²Rt)
    • गलनांक 1400°C → तापन के लिए उपयुक्त
    • Cr₂O₃ परत → ऑक्सीकरण प्रतिरोध
  • गणना उदाहरण
    • समान तार (l=1m, A=1mm²):
    • ताँबा: R = 1.7×10⁻⁸×1/10⁻⁶ = 0.017Ω
    • निक्रोम: R = 110×10⁻⁸×1/10⁻⁶ = **11Ω**
    • 650 गुना अधिक!**
  • व्यावहारिक कारण
    • हीटर (1000W, 230V): R = V²/P = 53Ω
    • निक्रोम ही संभव (ताँबा: 0.05Ω → असंभव)

100. किसी विद्युत परिपथ में, धारा - नियंत्रक का उपयोग प्रायः परिपथ में ___ परिवर्तन के लिए किया जाता है। [RRB Group D 11/10/2018 (Morning)]

Correct Answer: (b) प्रतिरोध
Solution:
  • धारा नियंत्रक (Rheostat) - परिवर्तनीय प्रतिरोधक एक प्रकार का प्रतिरोधक है
  • जिसके विद्युत प्रतिरोध के मान को मांग के अनुसार समायोजित किया जा सकता है।
  • कार्य सिद्धांत - ओम का नियम। प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक - पदार्थ की चालकता, लंबाई, अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल और ताप।
  • अन्य भौतिक राशियाँ - ताप (केल्विन), विद्युत धारा (एम्पीयर), विभवान्तर (वोल्टेज)।
  • धारा-नियंत्रक क्या है?
    • रिओस्टेट एक परिवर्तनीय प्रतिरोधक है
    • जिसमें स्लाइडर (wiper) को खिसकाकर प्रतिरोध का मान 0 से अधिकतम तक बदला जा सकता है।
    • यह धारा को नियंत्रित करने का सरल यंत्र है।
  • कार्य सिद्धांत
    • ओम का नियम: I=V/R
    • R ↑ → I ↓ (धारा कम)
    • R ↓ → I ↑ (धारा बढ़)
  • संरचना
    • निरंतरक तार (निक्रोम/कांस्थांत) → स्लाइडर → दो टर्मिनल
    • मूल्य: 0-100Ω, 0-500Ω, 0-2000Ω
  • परिपथ चित्रण
    • बैटरी ── रिओस्टेट ── अमीटर ── लोड
    •           ↑
    • स्लाइडर (R परिवर्तन)
    • स्लाइडर दायें: R ↑ → I ↓
    • स्लाइडर बायें: R ↓ → I ↑
  • गणना उदाहरण
  • 12V बैटरी, लोड R=10Ω:
    • R_रियो=0Ω → I_total=12/10=1.2A
    • R_रियो=5Ω → I_total=12/15=0.8A
    • R_रियो=10Ω → I_total=12/20=0.6A
  • व्यावहारिक लाभ
    • सस्ता, सरल
    • मैनुअल नियंत्रण
    • उच्च शक्ति (10W+)
    • प्रयोगशाला मानक