Correct Answer: (d) दिष्टकारी (Rectifier)
Solution:- कैलोरीमीटर एक मापक यन्त्र है जिसका उपयोग कैलोरीमेट्री या रासायनिक अभिक्रियाओं या भौतिक परिवर्तनों की ऊष्मा के साथ-साथ ऊष्मा क्षमता को मापने की प्रक्रिया के लिए किया जाता है।
- धारा नियंत्रक एक परिवर्तनशील अवरोधक है जिसका उपयोग धारा को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
- संधारित्र (Capacitor) विद्युत ऊर्जा को संग्रहीत करने के लिए एक उपकरण है जिसमें दो चालक निकटता में होते हैं और एक दूसरे से अलग होते हैं।
- दिष्टकारी का कार्य सिद्धांत
- दिष्टकारी AC के ऋणात्मक चक्र को रोककर या उलटकर केवल धनात्मक चक्र को पारित करता है।
- डायोड (p-n जंक्शन) इसका मूल तत्व है जो एक दिशा में ही धारा प्रवाहित करने देता है।
- प्रकार
- अर्ध-तरंग दिष्टकारी: AC का केवल एक चक्र (धनात्मक/ऋणात्मक) उपयोग करता है। दक्षता ~40.6%
- पूर्ण-तरंग दिष्टकारी: दोनों चक्र उपयोग करता है। दो प्रकार:
- केंद्र-टैप: ट्रांसफॉर्मर के माध्यम से
- ब्रिज: चार डायोड से निर्मित (सबसे सामान्य)
- संरचना (पूर्ण तरंग ब्रिज)
- AC इनपुट → [D1 D2]
- | |
- [D3 D4] → DC आउटपुट
- प्रत्येक अर्ध-चक्र में दो डायोड चालू रहते हैं।
- उपयोग
- मोबाइल चार्जर
- लैपटॉप एडाप्टर
- बैटरी चार्जर
- रेडियो/टीवी पावर सप्लाई