विद्युत धारा और उसके प्रभाव (भौतिक विज्ञान) (Part-II)

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41. ___________ एक विद्युतरोधी का उदाहरण नहीं है। [RRB NTPC CBT-1 (16/01/2021) Evening]

Correct Answer: (c) मानव शरीर
Solution:
  • मानव शरीर एक चालक है क्योंकि शरीर की कोशिकाओं में विभिन्न आयन होते हैं जो बिजली के संचालन में मदद करते हैं।
  • चालक के उदाहरण - चांदी, तांबा, सोना, एल्युमीनियम, लोहा, स्टील, पीतल, कांस्य।
  • विद्युतरोधी (Insulators): वे पदार्थ जो बिजली को अपने अंदर से गुजरने नहीं देतीं। उदाहरण - प्लास्टिक, स्टायरोफोम, कागज, रबर, कांच और शुष्क हवा।
  • विद्युतरोधी की परिभाषा
    • विद्युतरोधी (insulator) वे पदार्थ हैं जो विद्युत धारा का प्रवाह रोकते हैं
    • क्योंकि उनमें मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होते। इनकी प्रतिरोधकता बहुत अधिक (~10^{12}-10^{18} Ωm) होती है।
  • तांबा क्यों नहीं
    • तांबा एक उत्तम विद्युत चालक है (ρ ≈ 1.68×10^{-8} Ωm), जिसका उपयोग तारों, मोटर, ट्रांसफॉर्मर में होता है।
    • इसमें मुक्त इलेक्ट्रॉन प्रचुर मात्रा में होते हैं जो धारा प्रवाहित करते हैं। रबर/कांच इसके विपरीत विद्युतरोधी हैं।

42. निम्नलिखित में से कौन धारा के ऊष्मीय प्रभाव का उदाहरण नहीं है? [RRB NTPC CBT-1 (17/01/2021) Morning]

Correct Answer: (b) पंखे की कार्यप्रणाली
Solution:
  • यह विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है। विद्युत धारा का तापीय प्रभाव बताता है
  • जब विद्युत धारा किसी चालक से होकर गुजरती है तो वह गर्म हो जाती है और ऊष्मा पैदा करती है।
  • उदाहरण - बल्ब, इलेक्ट्रिक आयरन, इलेक्ट्रिक केतली, इलेक्ट्रिक हीटर, इलेक्ट्रिक फ्यूज।
  • धारा के ऊष्मीय प्रभाव की परिभाषा
    • जब चालक में धारा I प्रवाहित होती है
    • तो प्रतिरोध R के कारण जूल तापन H=I^2 Rt से ऊष्मा उत्पन्न होती है। यह प्रभाव तापन पर आधारित होता है।
  • कारण
    • मोटर: फ्लेमिंग के बाएँ हाथ नियम पर कार्य करता है।
    • आर्मेचर पर चुंबकीय बल युग्म घूर्णन उत्पन्न करता है (चुंबकीय प्रभाव)।
    • तापन उपकरण: केवल जूल तापन से ऊष्मा उत्पन्न करते हैं, कोई घूर्णन नहीं।

43. विद्युत के माध्यम से किसी अन्य पदार्थ पर किसी वांछित धातु की परत जमा करने की प्रक्रिया कहलाती है [RRB NTPC CBT-1 (21/01/2021) Morning]

Correct Answer: (a) विद्युत लेपन
Solution:
  • विद्युत चुम्बक तार की कुंडलियों से बने होते हैं जिनमें से विद्युत प्रवाहित होती है। चालक एक वस्तु या प्रकार की पदार्थ है
  • जो एक या अधिक दिशाओं में आवेश (विद्युत धारा) के प्रवाह की अनुमति देता है।
  • धातुओं का उपयोग सामान्यतः विद्युत चालक के रूप में किया जाता है।
  • इलेक्ट्रोड एक विद्युत चालक है जिसका उपयोग सर्किट के अधातु भाग (जैसे अर्द्ध चालक, इलेक्ट्रोलाइट, वैक्यूम या वायु) के साथ संपर्क बनाने के लिए किया जाता है।
  • प्रक्रिया
    • विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव पर आधारित यह विधि विद्युत अपघटन का उपयोग करती है।
    • लेपित करने योग्य वस्तु को कैथोड (ऋणात्मक) बनाया जाता है।
    • लेपन धातु का तार/प्लेट एनोड (धनात्मक) होता है।
    • इलेक्ट्रोलाइट घोल में धातु के लवण (जैसे CuSO₄ तांबे के लिए) भरे होते हैं।
    • धारा प्रवाहित करने पर धातु आयन (Cu²⁺) कैथोड पर इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर धातु परमाणु बनकर जम जाते हैं।
  • उपकरण
    • कैथोड: आधार धातु (लोहा, इस्पात)
    • एनोड: लेपन धातु (चांदी, सोना)
    • इलेक्ट्रोलाइट: धातु लवण घोल
    • बाहरी धारा: 0.5-5 V DC
  • उपयोग
    • सजावट: चम्मच पर चांदी लेपन
    • संक्षारण रोध: लोहे पर क्रोमियम/निकेल
    • उच्च चालकता: विद्युत संपर्क बिंदु
    • दर्पण: कांच पर चांदी लेपन
  • रासायनिक प्रतिक्रिया (तांबा लेपन)
    • एनोड: Cu → Cu²⁺ + 2e⁻
    • कैथोड: Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu (लेपित)
    • लाभ: पतली (10-50 μm), एकसमान, चमकदार परत।

44. प्रत्यावर्ती धारा को दिष्ट धारा में परिवर्तित करने के लिए निम्नलिखित में से किस उपकरण का उपयोग किया जाता है? [RRB NTPC CBT - (23/01/2021) Evening]

Correct Answer: (d) दिष्टकारी (Rectifier)
Solution:
  • कैलोरीमीटर एक मापक यन्त्र है जिसका उपयोग कैलोरीमेट्री या रासायनिक अभिक्रियाओं या भौतिक परिवर्तनों की ऊष्मा के साथ-साथ ऊष्मा क्षमता को मापने की प्रक्रिया के लिए किया जाता है।
  • धारा नियंत्रक एक परिवर्तनशील अवरोधक है जिसका उपयोग धारा को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
  • संधारित्र (Capacitor) विद्युत ऊर्जा को संग्रहीत करने के लिए एक उपकरण है जिसमें दो चालक निकटता में होते हैं और एक दूसरे से अलग होते हैं।
  • दिष्टकारी का कार्य सिद्धांत
    • दिष्टकारी AC के ऋणात्मक चक्र को रोककर या उलटकर केवल धनात्मक चक्र को पारित करता है।
    • डायोड (p-n जंक्शन) इसका मूल तत्व है जो एक दिशा में ही धारा प्रवाहित करने देता है।
  • प्रकार
    • अर्ध-तरंग दिष्टकारी: AC का केवल एक चक्र (धनात्मक/ऋणात्मक) उपयोग करता है। दक्षता ~40.6%
    • पूर्ण-तरंग दिष्टकारी: दोनों चक्र उपयोग करता है। दो प्रकार:
    • केंद्र-टैप: ट्रांसफॉर्मर के माध्यम से
    • ब्रिज: चार डायोड से निर्मित (सबसे सामान्य)
  • संरचना (पूर्ण तरंग ब्रिज)
    • AC इनपुट → [D1 D2]
    • | |
    • [D3 D4] → DC आउटपुट
    • प्रत्येक अर्ध-चक्र में दो डायोड चालू रहते हैं।
  • उपयोग
    • मोबाइल चार्जर
    • लैपटॉप एडाप्टर
    • बैटरी चार्जर
    • रेडियो/टीवी पावर सप्लाई

45. निम्नलिखित में से कौन सा विलयन बिजली का संचालन नहीं करता है? [RRB NTPC CBT - (30/01/2021) Evening]

Correct Answer: (c) अल्कोहल और ग्लूकोज
Solution:
  • कारण विलयन में विद्युत आवेश का संचालन करने के लिए कोई मुक्त आयन नहीं है। अम्ल और क्षार विद्युत संचालन का गुण तभी प्रदर्शित करते हैं
  • जब उन्हें जलीय घोल में मिलाया जाता है जिसमें वे पूरी तरह से आयनित हो सकते हैं और मुक्त आयन उत्पन्न कर सकते हैं।
  • कारण
    • विद्युत चालकता के लिए विलयन में मुक्त आयन (H⁺, OH⁻, Na⁺, Cl⁻ आदि) आवश्यक होते हैं।
    • शर्करा (C₁₂H₂₂O₁₁) जल में घुलकर अणु बने रहती है, आयन नहीं बनाती। अतः कोई धारा प्रवाहित नहीं होती।
  • NCERT प्रयोग
    • कक्षा 8 में संपरीक्षक प्रयोग:
    • संपरीक्षक → चीनी विलयन → बल्ब नहीं जलता
    • संपरीक्षक → नमक विलयन → बल्ब जलता है
  • अन्य अचालक विलयन
    • शुद्ध ग्लूकोज
    • यूरिया विलयन
    • ग्लिसरीन
    • शुद्ध अल्कोहल

46. विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है? [RRB NTPC CBT-1 (07/03/2021) Evening]

Correct Answer: (b) इलेक्ट्रिक मोटर
Solution:
  • इलेक्ट्रिक मोटर (फैराडे के विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के नियम के सिद्धांत पर कार्य करती है
  • उपयोगः पंखे, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, पंप और वैक्यूम क्लीनर ।
  • पहला इलेक्ट्रिक मोटर - 1821 में माइकल फैराडे द्वारा आविष्कार किया गया।
  • बैटरी रासायनिक ऊर्जा को संग्रहीत करती है और इसे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती है।
  • फोटो सेल (Photocell) प्रकाश ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
  • कार्य सिद्धांत
    • विद्युत मोटर फ्लेमिंग के बाएँ हाथ नियम पर कार्य करता है। आर्मेचर कुंडली में धारा I
    • बहने पर मजबूत चुंबकीय क्षेत्र B में लोरेंट्ज़ बल F = BIL sinθ लगता है।
    • विपरीत भुजाओं पर बल विपरीत दिशा में होते हैं, बल युग्म बनाते हैं जो आर्मेचर को घुमाता है।
  • संरचना
    • स्थायी चुंबक (N-S) → आर्मेचर कुंडली → विभक्त वलय → कार्बन ब्रश → बैटरी
    • विभक्त वलय: प्रत्येक अर्ध-चक्रण पर धारा दिशा उलट देता है
    • ब्रश: घूर्णन आर्मेचर और स्थिर स्रोत के बीच संपर्क
  • ऊर्जा रूपांतरण
    • विद्युत ऊर्जा → चुंबकीय कार्य → यांत्रिक घूर्णन ऊर्जा
    • (90% दक्षता, शेष जूल तापन में हानि)
    • उदाहरण: सीलिंग फैन में 50W विद्युत → 40W यांत्रिक घूर्णन। जनरेटर इसका विपरीत है (यांत्रिक → विद्युत)।

47. जब दो या दो से अधिक प्रतिरोधों को एक समान दो बिंदुओं के बीच जोड़ा जाता है, तो वे ______ में जुड़े होते हैं। [RRB JE 22/05/2019 (Afternoon)]

Correct Answer: (a) समानांतर
Solution:
  • प्रतिरोध (R) एक विद्युत परिपथ में धारा प्रवाह के विरोध का माप है। SI इकाई - ओम (Q)।
  • समानांतर संयोजनः जब दो या दो से अधिक प्रतिरोध एक ही दो बिंदुओं के बीच जुड़े होते हैं
  • तो उन्हें समानांतर संयोजन में जुड़ा हुआ कहा जाता है।
  • समानांतर में प्रत्येक प्रतिरोधक पर वोल्टेज समान होता है।
  • समानांतर में प्रतिरोधों का समतुल्य प्रतिरोध (R) इस प्रकार प्रदर्शित किया जाता है:
  • 1/Rp = 1/R₁+1 /R₂ + ...... + 1/Rₙ
  • श्रेणी संयोजनः जब दो या दो से अधिक प्रतिरोध एक के बाद एक इस तरह जुड़े होते हैं
  • उनमें समान धारा प्रवाहित होती है तो इसे श्रृंखला में प्रतिरोध कहा जाता है।
  • श्रृंखला में प्रतिरोधों का समतुल्य प्रतिरोध (R) इस प्रकार दिया गया है:
  • Rₛ =  R₁+R₂+........Rₙ |
  • समानांतर संयोजन की विस्तृत परिभाषा
    • समानांतर संयोजन वह व्यवस्था है जिसमें सभी प्रतिरोधों के दोनों सिरे समान दो बिंदुओं (A और B) से सीधे जुड़े होते हैं।
    • इससे प्रत्येक प्रतिरोध के लिए अलग धारा पथ बनता है, और सभी पर समान विभवांतर (V) लगता है। यह घरेलू विद्युत वायरिंग का आधार है।
  • भौतिक विशेषताएँ
  • धारा वितरण
    • कुल धारा I = I₁ + I₂ + I₃ + ...
    • जहाँ I₁ = V/R₁, I₂ = V/R₂, आदि (ओम का नियम)
  • वोल्टेज समानता
    • सभी प्रतिरोधों के आर-पार V समान रहता है। एक प्रतिरोध खराब होने पर भी अन्य कार्य करते रहते हैं।
  • गणना उदाहरण
    • प्रश्न: 2Ω, 3Ω, 6Ω प्रतिरोध समानांतर में। R_eq = ?
    • 1/R_eq = 1/2 + 1/3 + 1/6 = 3/6 + 2/6 + 1/6 = 6/6
    • R_eq = 1 Ω
  • व्यावहारिक अनुप्रयोग
  • लाभ और हानियाँ
  • लाभ:
    • स्वतंत्र नियंत्रण
    • कम कुल प्रतिरोध → अधिक धारा
    • एकल खराबी से पूरा प्रभावित नहीं
  • हानियाँ:
    • अधिक धारा → मोटे तार आवश्यक
    • जटिल वायरिंग

48. ______ पदार्थ की भौतिक राशि है जो संख्यात्मक रूप से उसी पदार्थ से बने 1 मीटर लंबे और 1 वर्ग मीटर अनुप्रस्थ काट वाले एक छड़ के प्रतिरोध के बराबर होती है। [RRB JE 22/05/2019 (Evening)]

Correct Answer: (d) प्रतिरोधकता
Solution:
  • यह चालक का एक भौतिक गुण है। यह केवल पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करता है न कि पदार्थ की लंबाई या घनत्व पर। S.I. मात्रक ओम-मीटर (ohm-m) है
  • इसे rho (p) से दर्शाया जाता है। प्रतिरोध (R) एक विद्युत परिपथ में धारा प्रवाह के विरोध का माप है। S.I. unit - ohm (Ω) I
  • विस्तृत परिभाषा
    • विशिष्ट प्रतिरोध किसी पदार्थ की वह आंतरिक विशेषता है जो बताती है
    • वह पदार्थ विद्युत धारा के प्रवाह में कितना प्रतिरोध उत्पन्न करता है।
    • यह आकार/लंबाई से स्वतंत्र होता है और केवल पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर करता है।
  • गणितीय सूत्र
    • R = ρ × (l/A)
    • ρ = R × (A/l)
  • जहाँ:
    • ρ (रो) = विशिष्ट प्रतिरोध (Ω-m)
    • R = प्रतिरोध (ओम)
    •  l = लंबाई (मीटर)
    • A = अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (m²)
    • परिभाषा से: l = 1 m, A = 1 m² → ρ = R
  • इकाई और आयाम
    • SI इकाई: ओम-मीटर (Ω-m)
    • आयाम: [M¹L³T⁻³A⁻²]
  • तापमान पर निर्भरता
    • ρ_t = ρ₀ [1 + α(t - t₀)]
    • α = ताप गुणांक (धातुओं के लिए धनात्मक)
  • महत्वपूर्ण गुण
    • आकार-स्वतंत्र: 2 मीटर लंबाई का तांबे का तार और 1 मीटर का तांबे का तार - दोनों का ρ समान
    • पदार्थ-निर्भर: चांदी का ρ तांबे से कम → बेहतर चालक
    • तापमान-निर्भर: ताप बढ़ने पर धातुओं का ρ बढ़ता है
  • व्यावहारिक उदाहरण
    • 2 मीटर लंबा तांबे का तार, A = 1 mm² = 10⁻⁶ m²
    • ρ_तांबा = 1.68 × 10⁻⁸ Ω-m
    • R = (1.68×10⁻⁸ × 2) / 10⁻⁶ = 0.0336 Ω

49. जब दो या दो से अधिक प्रतिरोधों को एक-दूसरे के साथ क्रमवार जोड़ा जाता है, तो वे ______ जुड़े होते हैं। [RRB JE 23/05/2019 (Morning)]

Correct Answer: (a) श्रेणी क्रम में
Solution:
  • प्रतिरोध को दो तरीकों से जोड़ा जा सकता है: श्रृंखला संयोजन - जब दो या दो से अधिक प्रतिरोध श्रेणी क्रम मे जुड़े होते हैं
  • तो कुल प्रतिरोध व्यक्तिगत प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है।
  • समानांतर संयोजन - जब दो या दो से अधिक प्रतिरोध समानांतर में दो बिंदुओं से जुड़े होते हैं
  • तो उनके संयुक्त प्रतिरोध का व्युत्क्रम व्यक्तिगत प्रतिरोधों के व्युत्क्रम के योग के बराबर होता है।
  • श्रेणीक्रम संयोजन की विस्तृत परिभाषा
    • श्रेणीक्रम संयोजन वह व्यवस्था है जिसमें प्रतिरोधों को एक के बाद एक इस प्रकार जोड़ा जाता है
    • प्रत्येक प्रतिरोध का एक सिरा अगले प्रतिरोध के पहले सिरे से जुड़ा हो।
    • इस संयोजन में धारा का केवल एक ही पथ होता है, इसलिए सभी प्रतिरोधों से समान धारा I प्रवाहित होती है।
  • भौतिक विशेषताएँ
  • धारा समानता
    • सभी प्रतिरोधों से एक ही धारा I बहती है। किरचॉफ का धारा नियम (KCL) के अनुसार:
    • I = I₁ = I₂ = I₃ = ...
  • वोल्टेज विभाजन
    • कुल वोल्टेज सभी व्यक्तिगत वोल्टेजों का योग होता है:
    • V = V₁ + V₂ + V₃ + ...
    • V₁ = IR₁, V₂ = IR₂, आदि
    • V = I(R₁ + R₂ + R₃ + ...)
  • तुल्य प्रतिरोध सूत्र
    • R_eq = R₁ + R₂ + R₃ + ...
  • चित्रण और आरेख
    • बैटरी(+ ) ── R₁ ── R₂ ── R₃ ── बैटरी(-)
    • I I I I
    • क्रमवार: प्रत्येक R का दूसरा सिरा अगले का पहला सिरा।
  • गणना उदाहरण
    • 2Ω, 3Ω, 5Ω प्रतिरोध श्रेणी में। I = 2A
    • R_eq = 2 + 3 + 5 = 10 Ω
    • V = IR_eq = 2 × 10 = 20 V
    • V₁ = 2×2 = 4V, V₂ = 2×3 = 6V, V₃ = 2×5 = 10V
    • V_total = 4 + 6 + 10 = 20V ✓

50. घरेलू वायरिंग में परिपथ कैसे जुड़े होते हैं? [RRB JE 24/05/2019 (Afternoon)]

Correct Answer: (d) समानांतर क्रम में
Solution:
  • विद्युत परिपथ - विद्युत प्रवाह करने के लिए विद्युत सेल मे दो टर्मिनलों के बीच एक पूर्ण पथ होता है।
  • प्रकारः श्रृंखला सर्किट श्रृंखला सर्किट में इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह के लिए केवल एक ही मार्ग होता है।
  • किसी विशेष समय पर, सर्किट या तो पूरा बंद होता है या खुला होता है।
  • हानि - सर्किट टूटने की स्थिति में सर्किट में कोई करंट प्रवाहित नहीं होता क्योंकि पूरा सर्किट खुला होता है।
  • समानांतर सर्किट - सर्किट एक समानांतर प्रकार के विद्युत सर्किट में विभिन्न शाखाओं से जुड़ा होता है।
  • परिणामस्वरूप, इलेक्ट्रॉन प्रवाह कई चरणों में होता है। यदि एक पथ में सर्किट ब्रेक होता है, तो विद्युत धारा अन्य पथों में प्रवाहित होती रहती है।
  • घरेलू वायरिंग का विस्तृत विवरण
    • भारतीय घरों में 230V, 50Hz AC आपूर्ति दो तारों से आती है:
    • लाइव/फेज तार (लाल/भूरा रंग): धनात्मक
    • न्यूट्रल तार (काला रंग): ऋणात्मक
    • अर्थिंग तार (हरा/पीला-हरा): सुरक्षा
  • समानांतर क्यों उपयोगी है?
    • समान वोल्टेज (230V)
    • सभी उपकरणों को पूर्ण 230V मिलता है। श्रेणी में वोल्टेज विभाजित हो जाता।
  • स्वतंत्र नियंत्रण
    • पंखा बंद → बल्ब चालू
    • बल्ब बंद → टीवी चालू
    • श्रेणी में एक बंद → सभी बंद
  • अलग-अलग पावर रेटिंग
    • बल्ब: 60W
    • पंखा: 80W
    • फ्रिज: 150W
    • सभी स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं।
  • घरेलू परिपथ की संरचना
    • पोल → एनर्जी मीटर → मेन फ्यूज/MCB → डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड
    • लाइटिंग सर्किट (5A)
    • पावर सर्किट (15A)
    • किचन सर्किट (20A)
  • तार रंग कोड (भारतीय मानक)
    • लाल/भूरा: लाइव/फेज
    • काला: न्यूट्रल
    • हरा: अर्थिंग