Correct Answer: (c) धारा की वजह से तंतु गर्म हो जाते हैं और जलने लगते हैं
Solution:- फिलामेंट (बिजली के बल्ब में पतला तार जो प्रकाश उत्पन्न करता है) कोई भी पदार्थ जिसकी प्रतिरोधकता अधिक होती है
- कम तापमान पर गर्म हो जाता है, उसे फिलामेंट के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
- वर्तमान में टंगस्टन का उपयोग बल्बों के फिलामेंट बनाने के लिए किया जाता है।
- टंगस्टन गुणः बहुत उच्च गलनांक (3,422 °C) और बहुत उच्च प्रतिरोध का होता है
- इसलिए यह कमरे के तापमान पर आसानी से नहीं जलता है।
- प्रक्रिया चरणबद्ध
- परिपथ पूर्ण
- स्विच OFF → परिपथ खुला → कोई धारा I = 0
- स्विच ON → परिपथ बंद → धारा I प्रवाहित
- जूल तापन H = I²Rt
- फिलामेंट (टंगस्टन तार) में उच्च प्रतिरोध R (~10-100Ω) के कारण धारा I से तापन:
- H = I²Rt → तापमान ~2500°C
- तापदीप्ति (Incandescence)
- उच्च ताप पर इलेक्ट्रॉन उत्तेजित → मूल अवस्था लौटने पर फोटॉन उत्सर्जन → दृश्य प्रकाश।
- बल्ब की आंतरिक संरचना
- कांच का बल्ब
- ↓
- टंगस्टन फिलामेंट (पतला, लंबा → R अधिक)
- ↓
- नाइट्रोजन/आर्गन गैस (ऑक्सीकरण रोकने हेतु)
- ↓
- 2 मोटे तार (सहारा)
- ↓
- स्क्रू आधार
- ऊर्जा रूपांतरण
- विद्युत ऊर्जा → जूल तापन → तापीय ऊर्जा → प्रकाश ऊर्जा (~5%)
- ↓
- शेष ऊष्मा (~95%)
- चित्रण
- बैटरी(+)-स्विच-फिलामेंट-बैटरी(-)
- I ↑ ↑ R उच्च I ↓
- स्विच ON → I प्रवाहित → R × I² → तापन → चमक।
- गणना उदाहरण
- 60W बल्ब, 230V
- I = P/V = 60/230 ≈ 0.26A
- R = V²/P = 230²/60 ≈ 883Ω
- H = I²Rt = (0.26)² × 883 × 1 ≈ 60J/सेकंड