विद्युत धारा और उसके प्रभाव (भौतिक विज्ञान) (Part-II)

Total Questions: 100

51. स्विच ऑन होने पर बल्ब कैसे जल जाता है? [RRB JE 24/05/2019 (Afternoon)]

Correct Answer: (c) धारा की वजह से तंतु गर्म हो जाते हैं और जलने लगते हैं
Solution:
  • फिलामेंट (बिजली के बल्ब में पतला तार जो प्रकाश उत्पन्न करता है) कोई भी पदार्थ जिसकी प्रतिरोधकता अधिक होती है
  • कम तापमान पर गर्म हो जाता है, उसे फिलामेंट के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
  • वर्तमान में टंगस्टन का उपयोग बल्बों के फिलामेंट बनाने के लिए किया जाता है।
  • टंगस्टन गुणः बहुत उच्च गलनांक (3,422 °C) और बहुत उच्च प्रतिरोध का होता है
  • इसलिए यह कमरे के तापमान पर आसानी से नहीं जलता है।
  • प्रक्रिया चरणबद्ध
  • परिपथ पूर्ण
    • स्विच OFF → परिपथ खुला → कोई धारा I = 0
    • स्विच ON → परिपथ बंद → धारा I प्रवाहित
  • जूल तापन H = I²Rt
    • फिलामेंट (टंगस्टन तार) में उच्च प्रतिरोध R (~10-100Ω) के कारण धारा I से तापन:
    • H = I²Rt → तापमान ~2500°C
    • तापदीप्ति (Incandescence)
    • उच्च ताप पर इलेक्ट्रॉन उत्तेजित → मूल अवस्था लौटने पर फोटॉन उत्सर्जन → दृश्य प्रकाश।
  • बल्ब की आंतरिक संरचना
    • कांच का बल्ब
    • टंगस्टन फिलामेंट (पतला, लंबा → R अधिक)
    • नाइट्रोजन/आर्गन गैस (ऑक्सीकरण रोकने हेतु)
    • 2 मोटे तार (सहारा)
    • स्क्रू आधार
  • ऊर्जा रूपांतरण
    • विद्युत ऊर्जा → जूल तापन → तापीय ऊर्जा → प्रकाश ऊर्जा (~5%)
    • शेष ऊष्मा (~95%)
  • चित्रण
    • बैटरी(+)-स्विच-फिलामेंट-बैटरी(-)
    • I ↑ ↑ R उच्च I ↓
    • स्विच ON → I प्रवाहित → R × I² → तापन → चमक।
  • गणना उदाहरण
    • 60W बल्ब, 230V
    • I = P/V = 60/230 ≈ 0.26A
    • R = V²/P = 230²/60 ≈ 883Ω
    • H = I²Rt = (0.26)² × 883 × 1 ≈ 60J/सेकंड

52. एमीटर का प्रतिरोध ______ होता है, जिससे अधिकतम धारा इससे होकर प्रवाहित हो सके। [RRB JE 25/05/2019 (Evening)]

Correct Answer: (b) बहुत कम
Solution:
  • एमीटर एक उपकरण है जिसका उपयोग सर्किट में विद्युत धारा को मापने के लिए किया जाता है। यह विद्युत परिपथ में सदैव श्रेणीक्रम में जुड़ा रहता है।
  • एमिटर का कार्य सिद्धांत
    • एमीटर परिपथ में श्रेणीक्रम में जुड़ता है ताकि मापी जाने वाली संपूर्ण धारा I
    • इससे गुजरे। यदि इसका प्रतिरोध R_a अधिक होता, तो ओम के नियम V=IR से परिपथ की कुल धारा घट जाती और गलत माप मिलता।
  • आदर्श एमिटर
    • R_a (आदर्श) = 0 Ω
    • परिपथ धारा = आपूर्ति धारा (बिना प्रभाव)
    • व्यावहारिक एमिटर
  • शंट प्रतिरोध का उपयोग:
    • गैल्वेनोमीटर (उच्च R_g) ∥ शंट (R_sh बहुत कम)
    • R_a कुल = (R_g × R_sh)/(R_g + R_sh) ≈ 0.01-1 Ω
  • गणना उदाहरण
    • परिपथ: 10V, 10Ω प्रतिरोध
    • बिना एमिटर: I = 10/10 = 1A
    • R_a = 0.1Ω के साथ: I = 10/(10+0.1) = 0.99A (1.1% त्रुटि)
    • R_a = 1Ω के साथ: I = 10/11 = 0.91A (9.1% त्रुटि) ✓
  • निर्माण
    • गैल्वेनोमीटर कुंडली
    • समानांतर शंट S = (Ig × G)/(I - Ig)
    • जहाँ Ig = पूर्ण विचलन धारा
    • स्प्रिंग/स्थायी चुंबक
  • रेंज विस्तार
  • 10A रेंज के लिए:
    • S = (Ig × G)/(10 - Ig)
    • यदि Ig = 50μA, G = 100Ω
    • S = (50×10^{-6} × 100)/(10-50×10^{-6}) ≈ 0.0005 Ω

53. विद्युत स्विच की मरम्मत करते समय इलेक्ट्रीशियन को रबर के दस्ताने क्यों पहनने चाहिए? [RRB JE 26/05/2019 (Morning)]

Correct Answer: (b) बिजली के झटके से बचने के लिए
Solution:
  • रबर, कांच और प्लास्टिक ऐसे इंसुलेटर हैं जो बिजली को आसानी से अपने अंदर से गुजरने नहीं देते हैं।
  • एक विद्युत चालक विद्युत आवेशों को आसानी से प्रवाहित होने देता है।
  • आमतौर पर, धातु, मिश्र धातु, इलेक्ट्रोलाइट्स और यहां तक कि कुछ गैर-धातुएं, जैसे ग्रेफाइट और द्रव सहित जल विद्युत के अच्छे चालक होते हैं।
  • विद्युत झटके से सुरक्षा का सिद्धांत
    • जब इलेक्ट्रीशियन स्विच/तार को छूता है तो उसके शरीर और अर्थिंग (फर्श/दीवार) के बीच परिपथ पूर्ण हो जाता है:
    • लाइव तार → हाथ → शरीर → पैर → फर्श (अर्थ) → न्यूट्रल
    • उच्च विभवांतर (~230V)
    • धारा I = V/R_body बहने लगती है। मानव शरीर का प्रतिरोध ~1000Ω (गीला हाथों पर ~500Ω)।
  • रबर दस्ताने का कार्य
    • R_रबर ≈ 10^{12} Ω (बहुत उच्च)
    • I_total = V/(R_body + R_रबर) ≈ 0
    • रबर की उच्च प्रतिरोधकता धारा को शरीर तक पहुँचने से रोकती है।
  • गणना उदाहरण
  • रबर के गुण
    • उच्च विशिष्ट प्रतिरोध: ρ ≈ 10^{13}-10^{16} Ω-m
    • विद्युतरोधी: मुक्त इलेक्ट्रॉन अनुपस्थित
    • लचीला: कार्य सुविधाजनक
  • व्यावहारिक महत्व
    • घरेलू स्विच: 230V → क्लास 0 पर्याप्त
    • नंगे तार स्पर्श: दस्ताने जीवन रक्षक
    • गीले हाथों में प्रतिरोध घटता है → दस्ताने अनिवार्य

54. इनमें से किसका उपयोग परिपथ को विच्छेदित या विद्युत् परिपथ को बंद करने के लिए किया जाता है? [RRB JE 26/05/2019 (Evening)]

Correct Answer: (a) स्विच
Solution:
  • जब स्विच चालू स्थिति में होता है, तो परिपथ के माध्यम से धारा प्रवाहित होती है। जब स्विच बंद स्थिति में होता है, तो परिपथ से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है।
  • स्विच का आविष्कार जॉन हेनरी होम्स ने 1884 में किया था।
  • प्रसिद्ध आविष्कार और उनके आविष्कारकः इलेक्ट्रिक सेल - एलेसेंड्रो वोल्टा, इलेक्ट्रिक बल्ब - थॉमस अल्वा एडिसन, टेलीफोन - अलेक्जेंडर ग्राहम बेल, रेडियम और पोलोनियम - मैरी क्यूरी।
  • स्विच का कार्य सिद्धांत
    • स्विच एक यांत्रिक नियंत्रक है जो दो धातु संपर्कों को जोड़ता या अलग करता है।
  • बंद स्थिति (ON)
    • संपर्क 1 ── जुड़ा ── संपर्क 2
    • परिपथ पूर्ण → धारा I प्रवाहित
  • खुली स्थिति (OFF)
    • संपर्क 1 ── अलग ── संपर्क 2
    • परिपथ खुला → I = 0
  • स्विच के प्रकार
  • टॉगल स्विच (घरेलू)
    • ↑ ON (संपर्क जुड़े)
    • ↓ OFF (संपर्क अलग)
    • रोकर स्विच (दीवार)
    • दबाव → संपर्क जुड़ते/अलग होते
  • रोटरी स्विच (मल्टी-पोजीशन)
    • घुमाव → विभिन्न परिपथ चयन
  • घरेलू उपयोग उदाहरण
    • रूम लाइट स्विच:
    • लाइव ── स्विच ── बल्ब ── न्यूट्रल
    • ON I प्रवाहित
    • OFF I = 0 ✓
  • तकनीकी विशेषताएँ
    • रेटिंग: 5A, 10A, 15A (धारा क्षमता)
    • वोल्टेज: 230V AC/DC
    • संपर्क सामग्री: चांदी/तांबा (उच्च चालकता)

55. तापमान बढ़ाने पर सभी शुद्ध धातुओं के प्रतिरोध पर क्या प्रभाव होता है? [RRB JE 27/05/2019 (Afternoon)]

Correct Answer: (c) बढ़ती है।
Solution:
  • प्रतिरोध अनुप्रस्थ काट की लंबाई और क्षेत्र पर निर्भर करता है।
  • R= Pl/ = लंबाई, A = अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल, p = प्रतिरोधकता। जैसे-जैसे हम तापमान बढ़ाते हैं
  • इलेक्ट्रॉनों की औसत गति, जो विद्युत धारा के वाहक के रूप में कार्य करते हैं, बढ़ जाती है जिसके परिणामस्वरूप अधिक बार टकराव होता है।
  • वैज्ञानिक कारण
    • तापमान बढ़ने पर धातु के परमाणु कंपन (लैटिस कंपन) की आवृत्ति और आयाम बढ़ जाता है।
    • ये कंपन इलेक्ट्रॉनों के मुक्त संचरण पथ में बाधा उत्पन्न करते हैं।
  • सूत्र
    • R_t = R_0 [1 + α(t - t_0)]
    • जहाँ:
    • R_t = t°C पर प्रतिरोध
    • R_0 = 0°C पर प्रतिरोध
    • α = ताप गुणांक (धनात्मक, ~0.002-0.006/°C)
    • t = तापमान
  • भौतिक प्रक्रिया
    • ताप ↑ → परमाणु कंपन ↑ → इलेक्ट्रॉन टकराव ↑ → शांतिकाल ↓ → चालकता ↓ → प्रतिरोध ↑
  • गणना उदाहरण
    • तांबे का तार: R_20°C = 10Ω
    • 100°C पर: R_100 = 10[1 + 0.0039(100-20)]
    • = 10[1 + 0.0312] = 10.312Ω
    • वृद्धि = 3.12Ω (31.2%)
  • मिश्रधातु में अंतर
    • नाइक्रॉम, मंगलिन: α बहुत कम (~0.0004/°C)
    • कारण: मिश्रण में अशुद्धियाँ → पहले से ही अधिक प्रकीर्णन → ताप प्रभाव न्यून
  • व्यावहारिक प्रभाव
    • हीटर फिलामेंट: उच्च ताप पर प्रतिरोध बढ़ता है → स्थिरी धारा
    • ट्रांसफॉर्मर: गर्मी → प्रतिरोध ↑ → हानि ↑ → शीतलन आवश्यक
    • PRT (Platinum Resistance Thermometer): प्रतिरोध ↑ → तापमान मापन

56. विद्युत धारा का एक सतत और बंद मार्ग क्या कहलाता है? [RRB JE 27/05/2019 (Evening)]

Correct Answer: (b) विदयुत परिपथ
Solution:
  • विदयुत परिपथ यह इलेक्ट्रिक सेल के दो टर्मिनलों के बीच विदयुत को प्रवाहित करने (धारा प्रवाहित करने) के लिए एक पूर्ण पथ प्रदान करता है।
  • जब परिपथ खुला होता है तो उसमें विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती है। जब परिपथ बंद हो जाता है तो उसमें विद्युत धारा प्रवाहित होती है।
  • विद्युत परिपथ की विस्तृत परिभाषा
    • जब विद्युत धारा के लिए बंद लूप बनाया जाता है जिसमें ऊर्जा स्रोत (बैटरी/जनरेटर), भार (बल्ब/मोटर), चालक तार, और स्विच शामिल होते हैं
    • तो इसे विद्युत परिपथ कहते हैं। परिपथ सतत (continuous) और बंद (closed) होने पर ही धारा प्रवाहित होती है।
  • परिपथ के प्रकार
  • बंद परिपथ (Closed Circuit)
    • बैटरी → स्विच(ON) → बल्ब → बैटरी
    • I प्रवाहित → बल्ब जलता है
  • खुला परिपथ (Open Circuit)
    • बैटरी → स्विच(OFF) → बल्ब → बैटरी
    • I = 0 → बल्ब नहीं जलता
  • सरल परिपथ आरेख
    • + ──[स्विच]──[बल्ब]──[R]── (-)
    • बैटरी 230V 10Ω
  • किरचॉफ नियम:
    • KVL: बैटरी EMF = IR + VR
    • KCL: सभी नोड्स पर I_in = I_out
  • विशेषताएँ
    • सततता: धारा बिना रुकावट पूर्ण चक्र बनाए
    • दिशा: धनात्मक से ऋणात्मक की ओर
    • नियंत्रण: स्विच से चालू/बंद
  • व्यावहारिक उदाहरण
  • टॉर्च परिपथ
    • बैटरी → स्विच → बल्ब → बैटरी
    • स्विच ON → परिपथ बंद → बल्ब जलता

57. दो बिंदुओं के बीच वोल्टेज को मापने के लिए सभी परिपथों में वोल्टमीटर को कैसे जोड़ा जाता है? [RRB JE 30/05/2019 (Afternoon)]

Correct Answer: (d) समानांतर क्रम में
Solution:
  • समानांतर परिपथ - इसमें धारा प्रवाहित करने के लिए दो या दो से अधिक पथ होते हैं। समानांतर परिपथ के प्रत्येक घटक में वोल्टेज समान होता है।
  • प्रत्येक पथ से गुजरने वाली धाराओं का योग स्रोत से प्रवाहित होने वाली कुल धारा के बराबर होता है।
  • श्रृंखला परिपथ - श्रृंखला परिपथ में इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह के लिए केवल एक ही पथ होगा।
  • किसी विशेष समय पर, पूरा परिपथ या तो बंद होता है या खुला होता है।
  • वोल्टमीटर - दो बिंदुओं के मध्य विद्युत विभव के अंतर को मापना।
  • ऐमीटर - धारा मापने के लिए इसे हमेशा श्रृंखला में जोड़ा जाता है। इसका प्रतिरोध कम है।
  • वोल्टमीटर संयोजन का सिद्धांत
    • वोल्टमीटर का उच्च प्रतिरोध (~10⁶-10¹² Ω) होता है
    • इसलिए इसे मापे जाने वाले घटक के समानांतर में जोड़ा जाता है ताकि परिपथ की धारा पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।
  • संयोजन विधि
    • परिपथ: बैटरी ── R ── R_L ── बैटरी
    • │ │
    • वोल्टमीटर (R_v बहुत अधिक)
    • समानांतर: वोल्टमीटर के दोनों सिरे R के दोनों सिरों से जुड़े।
  • गणना उदाहरण
    • 10V बैटरी, R=10Ω
    • बिना वोल्टमीटर: I = 1A, VR = 10V
    • R_v = 10⁶Ω के साथ: I' ≈ 1A (0.001% त्रुटि)
    • R_v = 100Ω के साथ: I' = 0.99A (1% त्रुटि) ✗
  • रेंज विस्तार
  • गैल्वेनोमीटर + श्रेणी प्रतिरोध:
    • R_se = (V/I_g) - G
    • V = इच्छित रेंज, I_g = पूर्ण विचलन धारा

58. निम्नलिखित में से कौन सा किसी परिपथ में विद्युत शक्ति को निरूपित नहीं करता है? [RRB JE 30/05/2019 (Evening)]

Correct Answer: (a) IR²
Solution:
  • IR². विद्युत शक्ति वह दर है जिस पर कार्य किया जाता है या ऊर्जा को विद्युत परिपथ में परिवर्तित किया जाता है।
  • इसे P द्वारा निरूपित किया जाता है, जिसे जूल प्रति सेकंड या वाट की SI इकाइयों में मापा जाता है।
  • पावर का आयाम ML²T⁻³ है। एक अश्वशक्ति = 746 वाट।
  • एक वोल्ट को एक कूलाम्ब (1V = 1J/C) के प्रति विद्युत आवेश पर एक जूल की ऊर्जा खपत के रूप में परिभाषित किया गया है।
  • वोल्टेज का आयाम [ML²T⁻³A⁻¹] होता है।
  • विद्युत शक्ति P के सही सूत्र निम्न हैं:
    • P = VI (वोल्टेज × धारा)
    • P = I²R (धारा वर्ग × प्रतिरोध)
    • P = V²/R (वोल्टेज वर्ग/प्रतिरोध)
    • IR² क्यों गलत है?
  • इकाई विश्लेषण:
    • P की इकाई = वाट (W) = J/s
    • VI = (J/C) × (C/s) = J/s ✓
    • I²R = (C/s)² × (V·m/A) = J/s ✓
    • IR² = (C/s) × (V·m/A)² = गलत इकाई ✗
  • आयामी विश्लेषण:
    • [IR²] = [I][R]² = A·(Ω)² = A·(V/A)² = V²/A ≠ ML²T⁻³
  • सही सूत्रों का व्युत्पन्न
    • ओम के नियम से V = IR:
  • P = VI
    • P = कार्य/समय = (qV)/t = (IqV)/It = VI ✓
  • P = I²R
    • P = VI = I(IR) = I²R ✓
  • P = V²/R
    • P = VI = (IR)I = I²R = (V/R)V = V²/R ✓

59. निम्नलिखित में से किस पदार्थ में अत्यधिक उच्च प्रतिरोध होता है? [RRB JE 31/05/2019 (Evening)]

Correct Answer: (c) विदयुतरोधी
Solution:
  • ऐसे पदार्थ जो विद्युत या तापीय धाराओं के प्रवाह को रोकते हैं। उदाहरण रबर, सूखी लकड़ी।
  • प्रतिरोध - किसी चालक का गुण जिसके कारण वह उसमें से विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करता है।
  • प्रतिरोध की SI इकाई ओम (Ω)। चालक- सामग्री या पदार्थ जो उनके माध्यम से विद्युत की गति की अनुमति देते हैं।
  • उदाहरण- सोना, तांबा। प्रतिरोधक - विद्युत घटक जो सर्किट में धारा के प्रवाह को सीमित या नियंत्रित करते हैं।
  • उदाहरण - पंखे की गति नियंत्रक। अति-चालक वह सामग्री जो शून्य प्रतिरोध के साथ विद्युत का संचालन करती है।
  • उदाहरण मैग्नीशियम डाइबोराइड, नाइओबियम।
  • वैज्ञानिक कारण
    • विद्युतरोधी पदार्थों में मुक्त इलेक्ट्रॉन लगभग अनुपस्थित होते हैं।
    • वैलेंस इलेक्ट्रॉन परमाणु से लगाव रखते हैं, इसलिए बाहरी विद्युत क्षेत्र में संचालित नहीं हो पाते।
  • चालकता तुलना
    • चालकता σ = 1/ρ
    • चांदी: σ ≈ 6.3 × 10^7 S/m
    • रबर: σ ≈ 10^{-16} S/m (लगभग शून्य)
  • परमाण्विक संरचना
    • चालक: मुक्त इलेक्ट्रॉन प्रचुर
    • विद्युतरोधी: चौड़ा फॉरबिडन गैप (~5-10 eV)
    • वैलेंस बैंड → कंडक्शन बैंड में उत्तेजना कठिन
  • NCERT वर्गीकरण
  • प्रतिरोधकता दायरा:
    • चालक: < 10^{-6} Ω-m
    • अर्धचालक: 10^{-6} - 10^4 Ω-m
    • विद्युतरोधी: > 10^8 Ω-m

60. यदि किसी परिपथ में कई सारे बल्ब श्रेणी क्रम में जुड़े हुए हों, और कोई एक बल्ब बंद हो जाए, तो अन्य बल्बों पर क्या प्रभाव होगा? [RRB JE 31/05/2019 (Evening)]

Correct Answer: (b) अन्य सभी बल्ब जलना बंद कर देंगे
Solution:
  • एक श्रृंखला सर्किट में, सभी घटक धारा प्रवाह के लिए एकल पथ बनाने के लिए अंत-से-अंत तक जुड़े होते हैं।
  • श्रृंखला में प्रतिरोध की गणना के लिए सूत्र R series = R₁ + R₂ + R₃...+Rn।
  • एक समानांतर सर्किट में, सभी घटक प्रत्येक घटक पर समान वोल्टेज के साथ बिल्कुल दो विद्युत सामान्य, नोड्स के साथ एक दूसरे से जुड़े होते हैं।
  • इसलिए, भले ही एक बल्ब बुझ जाए, अन्य बल्ब चमकते रहेंगे। समानांतर में प्रतिरोध की गणना के लिए सूत्र 1/n
  • परिपथ खुल जाता है
    • बैटरी ── बल्ब₁ ── [बल्ब₂ बंद] ── बल्ब₃ ── बैटरी
    • अनंत प्रतिरोध R₂ = ∞
  • कुल प्रतिरोध अनंत
    • R_total = R₁ + R₂ + R₃ = R₁ + ∞ + R₃ = ∞ Ω
    • I_total = V/R_total = V/∞ = 0A
  • सभी बल्बों में धारा शून्य
    • I₁ = I₂ = I₃ = 0 → सभी बुझ जाते हैं
  • चित्रण
  • सामान्य स्थिति:
    • + ──[बल्ब₁]──[बल्ब₂]──[बल्ब₃]── (-)
    • I I I I > 0
    • बल्ब₂ बंद:
    • + ──[बल्ब₁]──[XX]──────[बल्ब₃]── (-)
    • 0 ∞ 0 I = 0
  • गणना उदाहरण
  • बल्ब, प्रत्येक 10Ω, 30V आपूर्ति
    • सामान्य: R_eq = 30Ω, I = 1A → सभी चमकते
    • बल्ब₂ बंद: R_eq = ∞, I = 0A → सभी बुझे
  • व्यावहारिक उदाहरण
  • पुरानी क्रिसमस लाइट्स
    • लाइट₁─लाइट₂─लाइट₃─लाइट₄
    • 1 लाइट खराब → पूरी माला बंद
    • आधुनिक लाइट्स (समानांतर)
    • लाइट₁ लाइट₂
    • │ │
    • लाइट₃ लाइट₄
  • 1 खराब → 3 जलती रहें
  • भौतिक सिद्धांत
    • किरचॉफ का धारा नियम (KCL): श्रेणी में एक धारा पथ। एक बाधा → पूर्ण अवरोध।
    • ओम का नियम: R = ∞ → I = 0
  • निष्कर्ष
    • श्रेणी क्रम में "सभी या कोई नहीं" का नियम लागू होता है।
    • एकल खराबी = पूर्ण विफलता। यही कारण है कि घरेलू वायरिंग समानांतर में की जाती है।