विद्युत धारा और उसके प्रभाव (भौतिक विज्ञान) (Part-II)

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71. एक लंबी धारावाही परिनालिका के अंदर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ ______ के रूप में होती हैं। [RPF Constable 05/02/2019 (Morning)]

Correct Answer: (a) समानांतर सीधी रेखाएँ
Solution:
  • परिनालिकाः सिलेंडर के आकार में बारीकी से लिपटे इंसुलेटेड तांबे के तार के गोलाकार घुमावों की एक कुंडली है।
  • धारा प्रवाहित करने वाले परिनालिका का चुंबकीय क्षेत्र छड़ चुंबक के समान होता है
  • क्योंकि इसमें भी दोनों तरफ ध्रुव होते हैं और क्षेत्र रेखाएं (चुंबकीय) परिनालिका के बाहर में वक्र और अंदर सीधी होती हैं।
  • प्रतिबिंब एक रेखा के माध्यम से प्रतिबिंबित होगी, जिसे प्रतिबिंब की रेखा कहा जाता जाता है।
  • सिद्धांत
    • NCERT कक्षा 10 के अनुसार, धारावाही परिनालिका में प्रत्येक कुंडली चुंबकीय द्विध्रुव बनाती है।
    • लंबी परिनालिका में हजारों कुंडलियाँ एकसमान क्षेत्र बनाती हैं। अंदर B = μ₀ nI (समान), बाहर लगभग शून्य।
  • चित्रण
    • N-पोल ←←←←← समानांतर रेखाएँ →→→→→ S-पोल
    • [परिनालिका के अंदर]
    • समांतर: सभी बिंदुओं पर एकसमान तीव्रता
    • सीधी: परिनालिका अक्ष के ∥
  • व्यावहारिक महत्व
    • इलेक्ट्रोमैग्नेट, MRI मशीन, रिले में उपयोग।
    • नरम लोहा भरने से क्षेत्र 1000 गुना बढ़ जाता है।

72. विद्युत धारा को ______ का प्रवाह माना जाता था। [RRB ALP Tier- II (21/01/2019) Morning]

Correct Answer: (d) धनात्मक आवेश
Solution:
  • धनात्मक आवेश तब होता है जब किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की तुलना में प्रोटॉन अधिक होता है।
  • परावैद्युत (Dielectric)- यह एक ऐसा पदार्थ है जिसमें विद्युत अवरोधी गुण होते हैं
  • बिना ताप चालन के विद्युत बल संचारित करने की क्षमता रखता है।
  • चुंबक - ऐसी पदार्थ जो चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करने और विपरीत ध्रुवों को आकर्षित करने और समान ध्रुवों को विकर्षित करने में सक्षम है।
  • चुंबक सर्वप्रथम विलियम गिल्बर्ट द्वारा बनाया गया था।
  • ऋणात्मक आवेश - जब किसी पदार्थ में प्रोटॉन की तुलना में इलेक्ट्रॉन अधिक होता है तो उसे ऋणात्मक आवेश कहा जाता है।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • NCERT कक्षा 10 के अनुसार जब विद्युत की परिघटना का प्रेक्षण हुआ, इलेक्ट्रॉनों के अस्तित्व का ज्ञान नहीं था।
    • इसलिए धनावेशों (positive charges) के प्रवाह को ही विद्युत धारा माना गया। वास्तव में धातु चालकों में ऋणात्मक इलेक्ट्रॉन बहते हैं।
  • दिशा परिपाटी
    • टर्मिनल → धनावेश प्रवाह दिशा → - टर्मिनल (परिपाटी)
    • टर्मिनल → वास्तविक इलेक्ट्रॉन प्रवाह → + टर्मिनल (विपरीत)
    • परिपाटी: धनावेश दिशा (+ से -)
    • वास्तविक: इलेक्ट्रॉन दिशा (- से +)

73. किसी धारावाही परिपथ में दो बिन्दुओं के बीच वैद्युत ______ एक इकाई आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक स्थानांतरित करने के लिए किए गए कार्य के बराबर होता है। [RRB ALP Tier - II (21/01/2019) Afternoon]

Correct Answer: (b) विभवांतर
Solution:
  • एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक प्रति यूनिट आवेश पर किया गया कार्य। V = W/Q। यहाँ, W = कार्य, Q = विद्युत आवेश।
  • राशियाँ और उनके मात्रक : विभवांतर - वोल्ट (V), कार्य - जूल (J), आवेश- कूलॉम (C), प्रतिरोध - ओम (Ω)।
  • परिभाषा
    • विद्युत विभवांतर (V) = W/q जहाँ:
    • W = कार्य (जूल)
    • q = आवेश (कूलॉम)
    • V = वोल्ट (1 V = 1 J/C)
    • दो बिंदु A और B के बीच V_B-V_A=W_AB/q_0 , जहाँ q_0 परीक्षण आवेश।
  • सूत्र व्युत्पत्ति
    • कार्य W = q × V
    • इकाई आवेश q = 1 C के लिए → V = W
    • ओम के नियम से V=IR, यहाँ V धारावाही परिपथ में टर्मिनलों पर कार्य।
  • व्यावहारिक उदाहरण
    • बैटरी के 1.5 V टर्मिनलों पर 1 C आवेश को स्थानांतरित करने में 1.5 J कार्य। वोल्टमीटर इसी विभवांतर को मापता है।
    • यह मूलभूत परिभाषा विद्युत परिपथ विश्लेषण की आधारशिला है।

74. निम्नलिखित में से किसमें वैद्युत मोटर का इस्तेमाल नहीं किया जाता? [RRB ALP Tier-II (21/01/2019) Afternoon]

Correct Answer: (b) इलेक्ट्रिक टोस्टर
Solution:
  • विद्युत ऊर्जा को ऊष्मा में परिवर्तित करता है जिसका उपयोग भोजन पकाने के लिए किया जाता है।
  • विद्युत मोटर - वह उपकरण जिसमें विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है।
  • ट्रांसफार्मर - एक निष्क्रिय विद्युत उपकरण जो विद्युत चुम्बकीय प्रेरण की प्रक्रिया के माध्यम से विद्युत ऊर्जा को एक परिपथ से दूसरे परिपथ में स्थानांतरित करता है।
  • जेनरेटर - यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
  • कारण
    • विद्युत मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित करती है (लॉरेंट्ज बल पर)।
    • टोस्टर में घूर्णन या यांत्रिक गति की जरूरत नहीं, केवल रेसिस्टेंस हीटिंग।
  • अन्य उदाहरण
    • मोटर वाले: वॉशिंग मशीन, मिक्सर, वैक्यूम क्लीनर
    • बिना मोटर: इलेक्ट्रिक आयरन, हीटर, बल्ब
    • टोस्टर में टाइमर या पॉप-अप मैकेनिज्म स्प्रिंग पर कार्य करता है, न कि मोटर पर।

75. एक धातु की छड़ का प्रतिरोध ______ के अलावा निम्नलिखित सभी पर निर्भर करता है। [RRB ALP Tier-II (23/01/2019) Morning]

Correct Answer: (c) घनत्व
Solution:
  • प्रतिरोध - यह विद्युत परिपथ में धारा के प्रवाह के विरोध का माप है। SI मात्रक - ओम, ओमेगा (Ω) द्वारा दर्शाया जाता है।
  • प्रतिरोध (R), लंबाई (I), अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (A), प्रतिरोधकता (p), और तापमान (T) के बीच संबंध निम्नलिखित सूत्र द्वारा दिया गया है
  • R = p ×l​/A । तापमान - यह प्रतिरोध के अनुक्रमानुपाती होता है।
  • प्रतिरोधकता - इकाई अनुप्रस्थ काट क्षेत्र के लिए इकाई लंबाई की सामग्री द्वारा उत्पन्न प्रतिरोध।
  • प्रतिरोध सूत्र
    • R = ρ × (l/A)
    • प्रतिरोधकता (ρ): पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर (धातु के लिए 10^{-8} Ωm क्रम)
    • लंबाई (l): R ∝ l (लंबी छड़ = अधिक R)
    • क्षेत्रफल (A): R ∝ 1/A (मोटी छड़ = कम R)
    • तापमान: धातुओं में R ताप के साथ बढ़ता है
  • घनत्व क्यों नहीं?
    • घनत्व (mass/volume) प्रतिरोधकता का निर्धारक नहीं।
    • कॉपर (घनत्व 8.96 g/cm³) और एल्यूमिनियम (2.7 g/cm³) में ρ लगभग समान, लेकिन घनत्व अलग। प्रतिरोधकता इलेक्ट्रॉन घनत्व पर निर्भर करती है।

76. किसी चालक का प्रतिरोध निम्नलिखित में से किस कारक पर निर्भर नहीं करता है? [RRB Group D 17/09/2018 (Morning)]

Correct Answer: (c) दाब
Solution:
  • चालक एक पदार्थ या द्रव है जो विद्युत को इसके माध्यम से प्रवाहित करने की अनुमति देता है।
  • उदाहरण- चाँदी, स्टील, सोना और एल्युमीनियम। प्रतिरोध (R) = p (L/A). p (rho) प्रतिरोधकता है
  • L लंबाई है और A अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल है। प्रतिरोधकता विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करने के लिए किसी पदार्थ का गुण है।
  • कुचालक : वे पदार्थ जो ऊष्मा और विद्युत् को अपने अंदर से प्रवाहित नहीं देतीं। उदाहरण - प्लास्टिक, स्टायरोफोम, कागज, रबर, कांच।
  • धारा क्यों नहीं?
    • ओम के नियम V=IR से स्पष्ट है कि R = V/I - यहाँ R स्वतंत्र है।
    • समान चालक में 1A या 10A धारा बहने पर R समान रहता। धारा तो R के परिणामस्वरूप बहती है।
  • उदाहरण
    • समान कॉपर तार:
    • 2V पर 0.1A → R = 20Ω
    • 10V पर 0.5A → R = 20Ω (समान!)
    • धारा बदलने पर R नहीं बदलता।

77. दिए गए परिपथ में ______ का प्रवाह वामावर्त है। [RRB Group D 17/09/2018 (Evening)]

Correct Answer: (b) इलेक्ट्रॉन
Solution:
  • इलेक्ट्रॉन ऋणावेशित प्लेट से तार के माध्यम से सेल की धनावेशित प्लेट में प्रवाहित होते हैं।
  • इसे इलेक्ट्रॉन धारा के रूप में जाना जाता है।
  • परंपरागत रूप से धारा की दिशा इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह की दिशा के विपरीत मानी जाती है, अर्थात धनात्मक से ऋणात्मक टर्मिनल की ओर।
  • किरचॉफ नियम
    • KCL (Kirchhoff's Current Law): किसी संगम पर आने वाली धाराएँ = बाहर जाने वाली धाराएँ
    • KVL (Kirchhoff's Voltage Law): बंद लूप में ∑V = 0
  • वामावर्त धारा मानते समय:
    • वोल्टेज ड्रॉप्स: +ive (प्रतिरोध × धारा)
    • वोल्टेज स्रोत: -ive (बैटरी EMF)
    • समीकरण: ∑(IR) = ∑EMF
  • उदाहरण
    • मान लीजिए परिपथ में 2V बैटरी, 10Ω प्रतिरोध:
    • वामावर्त लूप: -2 + I×10 = 0 → I = 0.2A (वामावर्त)
    • गणना से धारा दिशा सत्यापित होती है।
    • निष्कर्ष: परिपथ विश्लेषण में चुंबकीय फ्लक्स या धारा वामावर्त मानकर समीकरण बनाए जाते हैं।

78. विद्युत बल्ब में आमतौर पर रासायनिक रूप से अक्रिय गैस जैसे ______ भरी होती हैं। [RRB Group D 18/09/2018 (Morning)]

Correct Answer: (c) नाइट्रोजन
Solution:
  • उच्च गलनांक वाली मजबूत धातु जैसे टंगस्टन (गलनांक 3380°C) का उपयोग बल्ब फिलामेंट बनाने के लिए किया जाता है।
  • इंसुलेटिंग सपोर्ट आदि का उपयोग करके फिलामेंट को यथासंभव थर्मल रूप से अलग किया जाना चाहिए।
  • फिलामेंट के जीवनकाल को बढ़ाने के लिए बल्ब में रासायनिक रूप से अक्रिय नाइट्रोजन और आर्गन गैसें भरी जाती हैं।
  • उद्देश्य
    • टंगस्टन फिलामेंट (3200°C) ऑक्सीजन से तेजी से जल जाता है।
    • अक्रिय गैसें ऑक्सीकरण रोकती हैं और वाष्पीकरण कम करती हैं।
  • गैस संरचना
    • सामान्य बल्ब: 75-95% आर्गन + 5-25% नाइट्रोजन
    • हैलोजन बल्ब: क्रिप्टन/जेनॉन + थोड़ा हैलोजन
    • आर्गन: उच्च आणविक भार, कम तापीय हानि
    • नाइट्रोजन: सस्ती, फिलामेंट संरक्षण
  • कार्य सिद्धांत
    • टंगस्टन + O₂ → WO₃ (वाष्प)
    • टंगस्टन + Ar/N₂ → कोई क्रिया नहीं (सुरक्षित)
    • फिलामेंट जीवन 5-10 गुना बढ़ जाता है।
    • निष्कर्ष: आर्गन + नाइट्रोजन मिश्रण बल्ब दक्षता व दीर्घायु सुनिश्चित करता है।

79. चालक तार की pvc द्वारा कोटिंग करके ______ को रोका जाता है। [RRB Group D 18/09/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (c) शॉर्ट-सर्किट
Solution:
  • शॉर्ट-सर्किट - एक लाइव वायर और एक न्यूट्रल वायर के सीधे संपर्क के कारण बहुत बड़ी धारा का अचानक प्रवाह।
  • फ्यूज - विद्युत उपकरणों को ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट से बचाने के लिए विद्युत सर्किट में उपयोग किया जाने वाला एक उपकरण है।
  • ओवरलोडिंग - जब किसी सर्किट में धारा प्रवाहित होती है
  • तो यह धारा का विरोध करने के लिए सर्किट में घटकों की क्षमता से अधिक हो जाता है।
  • गुण
    • विद्युत रोधकता: लगभग शून्य
    • लचीलापन: तार मोड़ने पर नहीं टूटती
    • नमी प्रतिरोध: IP67 स्तर सुरक्षा
    • ताप सहनशीलता: 70-105°C तक
    • PVC की दी-electric strength 20-40 kV/mm होती है।
  • कार्य सिद्धांत
    • तार (Cu/Al) → PVC परत → हवा/त्वचा
    • धारा: चालक → अचालक → रुक जाती है
    • द्रव्यमान के बिना धारा मानव शरीर से नहीं बह पाती।
  • मानक
    • भारतीय मानक IS 694 के अनुसार PVC इन्सुलेशन 1kV तक सुरक्षित। घरेलू तारों में 0.5-1 mm मोटाई पर्याप्त।
    • निष्कर्ष: PVC कोटिंग सुरक्षा का प्राथमिक साधन है जो विद्युत दुर्घटनाओं को 99.9% रोकती है।

80. गैल्वेनोमीटर का उपयोग किया जाता है: [RRB Group D 22/09/2018 (Morning)]

Correct Answer: (d) धारा की दिशा का पता करने में
Solution:
  • धारा की दिशा का पता करने में। गैल्वेनोमीटर एक संवेदनशील उपकरण है
  • जो 100 mA के क्रम के सर्किट में बहुत छोटी धारा की उपस्थिति का पता लगा सकता है।
  • अन्य उपकरण : एमीटर का उपयोग सर्किट में विद्युत धारा को मापने के लिए किया जाता है।
  • विभवान्तर को मापने के लिए वोल्टमीटर का उपयोग किया जाता है।
  • ओम मीटर का उपयोग विद्युत प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है।
  • कार्य सिद्धांत
    • चल कुंडली गैल्वेनोमीटर चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही कुंडली पर लॉरेंट्ज बल कार्य करता है। सूत्र: τ=NIABsin⁡θ। विक्षेपण ∝ धारा।
  • संरचना
    • U-आकार चुंबक → कुंडली (100-500 टर्न) → नरम लोहा कोर → बालकमनी
    • संवेदनशीलता: 10^{-6} A तक
    • विक्षेपण: 30° तक ±0.5° सटीकता
  • रूपांतरण
    • गैल्वेनोमीटर + कम R → अमीटर (श्रेणी)
    • गैल्वेनोमीटर + उच्च R → वोल्टमीटर (समांतर)
    • 1820 में जोहान श्वाइगर द्वारा आविष्कार।