विद्युत धारा और उसके प्रभाव (भौतिक विज्ञान) (Part-II)

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81. दो बल्बों में से एक, दूसरे की तुलना में अधिक चमकता है। कौन से बल्ब का प्रतिरोध उच्च है? [RRB Group D 22/09/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (d) डिम बल्ब
Solution:
  • ओम का नियम V = IR है, जहाँ V = विभवांतर, I = विद्युत धारा और R = प्रतिरोध है।
  • समान वोल्टेज स्रोत से जुड़े बल्बों के लिए, उच्च प्रतिरोध वाला बल्ब इसके माध्यम से कम धारा प्रवाहित होने देगा
  • इस प्रकार कम विद्युत खर्च करेगा, जिसके परिणामस्वरूप चमक कम हो जाएगी।
  • कारण (घरेलू परिपथ - समांतर संयोजन)
    • घर में बल्ब समांतर जुड़े होते हैं, इसलिए दोनों पर समान विभवांतर V।
    • शक्ति P = V²/R सूत्र से:
    • अधिक P (चमक) → कम R
    • कम P (मंद) → अधिक R
  • गणना उदाहरण
  • मान लीजिए V = 220V:
    • बल्ब A: P₁ = 100W → R₁ = V²/P₁ = 484Ω
    • बल्ब B: P₂ = 60W → R₂ = V²/P₂ = 806Ω
    • R₂ > R₁, इसलिए 60W बल्ब कम चमकेगा।

82. निम्नलिखित में से किसकी विद्युत प्रतिरोधकता सबसे कम है? [RRB Group D 22/09/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (c) सिल्वर
Solution:
  • किसी दिए गए तापमान पर, किसी चालक का प्रतिरोध (R) उसकी लंबाई (L), अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल (A) और उस पदार्थ पर निर्भर करता है जिससे वह बना है।
  • R = p AL । विद्युत प्रतिरोधकता - किसी पदार्थ का वह आंतरिक गुण जो यह मापता है
  • वह पदार्थ विद्युत धारा के प्रवाह का कितनी दृढ़ता से विरोध कर रहा है।
  • SI मात्रक ओम-मीटर। 20°C पर पदार्थ और विद्युत प्रतिरोधकता - एल्यूमिनियम (2.63 × 10⁻⁸), तांबा (1.62 × 10⁻⁸), पारा (94 × 10⁻⁸), निकेल (6.84 × 10⁻⁸), चांदी (1.60 × 10⁻⁸), टंगस्टन (5.20 × 10⁻⁸)।
  • वैज्ञानिक कारण
  • मुक्त इलेक्ट्रॉन घनत्व
    • चालकता σ=(ne^2 τ)/m सूत्र से:
    • n (इलेक्ट्रॉन संख्या): चाँदी में 5.86×10²⁸ electrons/m³
    • τ (आरामकाल): चाँदी में सबसे अधिक
    • परिणाम: σ चाँदी में 6.30×10⁷ S/m (सर्वाधिक)
  • क्रिस्टल संरचना
    • FCC (Face Centered Cubic) संरचना में इलेक्ट्रॉनों के लिए सबसे कम बाधा।
    • ताँबे के मुकाबले चाँदी के परमाणु थोड़े बड़े → कम टकराव।
  • सूत्र व्याख्या
  • प्रतिरोध R = ρL/A:
    • कम ρ → समान L,A के लिए कम R → अधिक धारा
    • चाँदी: ρ=1.60×10⁻⁸ → न्यूनतम R
  • उपयोग सीमाएँ
  • चाँदी के दोष:
    • महँगा: ₹80,000/kg (ताँबा ₹900/kg)
    • संक्षारण: H₂S से काला पड़ना (Ag₂S)
  • परिणामस्वरूप उपयोग:
    • उच्च-आवृत्ति RF केबल्स ← चाँदी
    • घरेलू तार ← ताँबा
    • हाई-वोल्टेज लाइन ← एल्यूमिनियम

83. निम्न मे से कौन सा नियम किसी धात्विक तार मे से प्रवाहित होने वाली धारा और इसके सिरों मे विभवांतर के बीच संबंध बताता है ? [RRB Group D 23/09/2018 (Morning)]

Correct Answer: (d) ओम का नियम
Solution:
  • ओम के नियम के अनुसार, किसी चालक के माध्यम से विद्युत धारा उसके सिरों पर विभवांतर के समानुपाती होती है
  • बशर्ते तापमान जैसी भौतिक स्थितियाँ अपरिवर्तित रहें।
  • गणितीय रूप से, V = IR के रूप में व्यक्त किया जाता है जहाँ V = विभवांतर, I = धारा और R = प्रतिरोध।
  • ओम का नियम - परिभाषा
  • जॉर्ज साइमन ओम (1827) ने प्रतिपादित:
    • यदि किसी धातु चालक के तापमान सहित अन्य भौतिक स्थितियाँ (लंबाई, मोटाई) स्थिर रहें
    • तो चालक के सिरों पर लगाया गया विभवांतर (V) उसमें प्रवाहित होने वाली धारा (I) के अनुक्रमानुपाती होता है।"
  • गणितीय रूप:
    • V∝I
    • V=IR
    • जहाँ R = चालक का प्रतिरोध (नियतांक)।
  • व्युत्पन्न सूत्र
    • R = V/I     I = V/R     V = IR
    • P = VI = I²R = V²/R
  • नियत तापमान
    • धात्विक चालक (ताँबा, चाँदी)
    • निम्न धाराएँ (<1A)
    • गैर-ओमिक: डायोड, थर्मिस्टर।

84. धातु के तार का प्रतिरोध है: [RRB Group D 23/09/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (a) इसकी लंबाई के अनुक्रमानुपाती और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्र के व्युत्क्रमानुपाती।
Solution:
  • प्रतिरोध - धारा के प्रवाह का विरोध करता है। SI मात्रक - ओम। सूत्र: R = p L/A, जहाँ R प्रतिरोध है, p प्रतिरोधकता है
  • L तार की लंबाई है, A अनुप्रस्थ काट क्षेत्र है। प्रतिरोधकता (p) - यह एक मौलिक गुण है
  • यह दर्शाता है कि पदार्थ विद्युत धारा का कितनी दृढ़ता से विरोध करती है।
  • प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक - पदार्थ की चालकता, लंबाई, अनुप्रस्थ काट क्षेत्र और तापमान।
  • प्रतिरोध सूत्र
    • R = ρ × (l/A)
  • घटक:
    • ρ (विशिष्ट प्रतिरोध): पदार्थ का आंतरिक गुण (Ωm)
    • l (लंबाई): R ∝ l (लंबा तार = अधिक R)
    • A (क्षेत्रफल): R ∝ 1/A (मोटा तार = कम R)
  • गणना उदाहरण
    • ताँबे का तार: ρ = 1.72×10⁻⁸ Ωm, l = 10m, A = 1mm² = 10⁻⁶ m²
    • R = (1.72×10⁻⁸ × 10) / 10⁻⁶ = 0.172 Ω
    • लंबाई दोगुनी: R = 0.344 Ω (दोगुना)
    • मोटाई दोगुनी (A×4): R = 0.043 Ω (चौथाई)
  • तापमान प्रभाव
    • R_t = R_0 [1 + α(t - t_0)]
    • α = ताप गुणांक (ताँबा: 0.0039/°C)
    • 50°C पर ताँबे का R ≈ 20% बढ़ जाता है।

85. ______ एक विद्युत परिपथ में समानांतर में जुडा होता है। [RRB Group D 23/09/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (a) वोल्टमीटर
Solution:
  • वोल्टमीटर यह एक उपकरण है जिसका उपयोग विद्युत परिपथ में दो बिंदुओं के बीच विभवांतर को मापने के लिए किया जाता है।
  • फ्यूज - यह एक सुरक्षा उपकरण है जो विद्युत परिपथ की अतिधारा (Overcurrent) सुरक्षा प्रदान करने के लिए काम करता है।
  • कारण
    • समांतर connection में सभी बिंदुओं पर समान विभवांतर प्राप्त होता है।
    • वोल्टमीटर के उच्च प्रतिरोध के कारण परिपथ से नगण्य धारा लेता है।
  • कार्य सिद्धांत
    • परिपथ ──┬── R1 ──┐
    • │ │
    • V ←┘ R2 ──┘
    • वोल्टमीटर R1-R2 के समांतर जुड़ता है। उच्च Rv के कारण I_v = V/R_v नगण्य।
  • गणना
    • मान लीजिए परिपथ V=10V, R=100Ω:
    • I_परिपथ = 10/100 = 0.1A
    • Rv = 10kΩ → I_v = 10/10000 = 0.001A (1% हानि)
    • आदर्श: Rv = ∞, I_v = 0।
  • व्यावहारिक उदाहरण
    • बैटरी → स्विच → बल्ब → ग्राउंड
    •          ↑
    • वोल्टमीटर (समांतर)
    • बल्ब के सिरों पर 12V मापने के लिए समांतर।

86. एक विद्युत फ्यूज निम्न पर आधारित होता है: [RRB Group D 24/09/2018 (Evening)]

Correct Answer: (d) धारा का तापीय प्रभाव
Solution:
  • विद्युत फ्यूज एक सुरक्षा उपकरण है जिसका उपयोग विद्युत परिपथों को अत्यधिक धारा प्रवाह से बचाने के लिए किया जाता है।
  • इसका गलनांक कम होता है, इसलिए जब विद्युत धारा अचानक बढ़ता है
  • तो अत्यधिक गर्म से होने वाली क्षति के कारण फ्यूज पिघल जाता है।
  • विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर आधारित अन्य उपकरणः इलेक्ट्रिक आयरन, इलेक्ट्रिक केतली, इलेक्ट्रिक हीटर और इलेक्ट्रिक हेयर ड्रायर।
  • कार्य सिद्धांत
    • जूल का नियम: H = I²Rt
    • जब धारा (I) फ्यूज रेटिंग से अधिक हो जाती है
    • तो उत्पन्न ऊष्मा फ्यूज वायर के गलनांक (low melting point) को पार कर जाती है। वायर पिघलकर परिपथ तोड़ देता है।
  • फ्यूज सामग्री
    • वायर: टिन-सीसा मिश्रण (63% Sn + 37% Pb)
    • गलनांक: 183°C (कम)
    • प्रतिरोध: उच्च (पतला व्यास 0.5-1 mm)
  • रेटिंग चयन
    • सामान्य धारा I_normal → फ्यूज = 1.25 × I_normal
    • उदाहरण: 5A उपकरण → 6A फ्यूज
  • कार्य चक्र
    • सामान्य I → H उत्पन्न लेकिन < गलनांक
    • ओवरलोड → I ↑ → H ↑ → ताप ↑ → पिघलाव
    • परिपथ Open → उपकरण सुरक्षित
    • समय: 0.01-1 सेकंड में सक्रिय।
  • श्रेणी क्रम Connection
    • स्रोत → फ्यूज → उपकरण → लोड
    • फेज लाइन में श्रेणी। न्यूट्रल में लिंक।
  • सीमाएँ
    • एक बार उपयोग: पिघलने के बाद बदलना
    • MCB विकल्प: रीसेटेबल, अधिक सुरक्षित

87. ................सामान्यतः विद्युत्-तापन उपकरणों में प्रयोग किया जाता है। [RRB Group D 26/09/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (d) एल्युमिनियम
Solution:
  • नाइक्रोम बहुत बड़ा प्रतिरोध प्रदान करता है।
  • इसका गलनांक इतना अधिक होता है कि इसे बिना पिघले लाल होने तक गर्म किया जा सकता है।
  • इसका उपयोग वॉटर हीटर में प्रयुक्त कॉइल बनाने के लिए किया जाता है।
  • इसका उपयोग हेयर ड्रायर, टोस्टर और ओवन जैसे हीटिंग अवयवों में किया जाता है।
  • जूल हीटिंग सिद्धांत
    • P = I²R = V²/R
    • उच्च R → अधिक ऊष्मा
    • निक्रोम: R कॉपर से 100 गुना अधिक
  • व्यावहारिक अनुप्रयोग
    • इलेक्ट्रिक हीटर → कुंडली: 1000W, 230V → R = 53Ω
    • लंबाई: 10m, व्यास: 0.5mm → निक्रोम ही उपयुक्त
  • कारण विश्लेषण
    • उच्च प्रतिरोध: अधिक ऊष्मा उत्पत्ति
    • उच्च गलनांक: पिघलता नहीं
    • Cr₂O₃ परत: ऑक्सीजन से सुरक्षा
    • लचीला: कुंडली बनाना आसान
  • अन्य विकल्पों के दोष
    • ताँबा: कम R → कम ऊष्मा, पिघल जाता
    • एल्यूमिनियम: नरम, ऑक्सीकरण
    • आयरन: कम प्रतिरोध, जंग

88. परिपथ में श्रेणी क्रम में प्रतिरोधक जुड़े होते हैं, सर्किट के माध्यम से धारा का मान है: [RRB Group D 26/09/2018 (Evening)]

Correct Answer: (a) नियत रहता है
Solution:
  • एक श्रेणी सर्किट में, सभी घटकों के माध्यम से धारा समान होती है। यह किरचॉफ की धारा नियम के कारण है
  • जिसमें कहा गया है कि किसी भी परिपथ जंक्शन में आने और जाने वाली धाराओं का योग बराबर होना चाहिए।
  • एक श्रृंखला सर्किट में, धारा प्रवाहित करने के लिए केवल एक ही पथ होता है, इसलिए यह पूरे समय एक समान रहता है।
  • श्रेणी क्रम का मूल सिद्धांत
    • किरचॉफ का धारा नियम (KCL): श्रेणी परिपथ में धारा के लिए एक ही पथ होता है।
    • इसलिए सभी प्रतिरोधों से एकसमान धारा I बहती है।
    • बैटरी → R₁ → R₂ → R₃ → वापस
  • सूत्र
    • I_total = I₁ = I₂ = I₃ = ... = I_n
    • R_s = R₁ + R₂ + R₃ + ... + R_n  (समतुल्य प्रतिरोध)
    • V_total = V₁ + V₂ + V₃ + ... = I(R₁ + R₂ + R₃ + ...)
  • गणना उदाहरण
    • 12V बैटरी, R₁=2Ω, R₂=3Ω, R₃=5Ω:
    • R_s = 2+3+5 = 10Ω
    • I = V/R_s = 12/10 = 1.2A (सभी में!)
    • V₁ = 1.2×2 = 2.4V, V₂ = 3.6V, V₃ = 6V
    • सत्यापन: 2.4+3.6+6 = 12V ✓
  • चित्रण
    • + ─── R₁ ─── R₂ ─── R₃ ─── (-)
    • I ←─── I ←─── I ←───
    • समान धारा सभी में!

89. ओमिक उपकरणों का धारा-वोल्टेज ग्राफ इसके रूप में है: [RRB Group D 26/09/2018 (Evening)]

Correct Answer: (d) रैखिक ग्राफ
Solution:
  • ओम का नियमः किसी चालक के सिरों के बीच संभावित अंतर उसमें प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के समानुपाती होता है। यह सूत्र, V = IR द्वारा दिया गया है
  • जहाँ V संभावित अंतर है, R प्रतिरोध है और I धारा है।
  • ओमिक उपकरण वह है जो उस पर लागू सभी वोल्टेज के लिए ओम के नियम का पालन करता है।
  • ओमिक उपकरणों की विशेषता
    • ओम का नियम: "नियत तापमान पर चालक में धारा (I) विभवांतर (V) के अनुक्रमानुपाती होती है।"
    • V ∝ I → V = IR (R = नियतांक)
    • ग्राफ में ढाल (slope) = R (प्रतिरोध)।
  • विशेषताएँ:
    • मूल बिंदु (0,0) से होकर गुजरती
    • निरंतर ढाल (R स्थिर)
    • कोण θ = tanθ = R
  • कारण
    • R = नियत → V/I = स्थिर → y = mx (m=R)
    • V बदले → I समानुपाती → रैखिक ग्राफ
  • व्यावहारिक उदाहरण
  • ताँबे का तार R=10Ω:
    • V=0V → I=0A
    • V=10V → I=1A
    • V=20V → I=2A
    • ग्राफ: I-अक्ष पर 0,1,2A; V-अक्ष पर 0,10,20V → सीधी रेखा।
  • शर्तें
    • नियत तापमान (R स्थिर)
    • धात्विक चालक
    • निम्न धाराएँ (<1A)
    • ताप बढ़ने पर: R ↑ → ढाल ↑ → नई सीधी रेखा (समांतर)।

90. इन्सुलेटर (ऊष्मारोधी) का प्रतिरोध होता है- [RRB Group D 27/09/2018 (Afternoon)]

Correct Answer: (a) उच्च
Solution:
  • इंसुलेटर ऐसे पदार्थ हैं जो विद्युत को अपने माध्यम से प्रवाहित नहीं होने देते है
  • जैसे प्लास्टिक, कागज, कांच और शुष्क वायु आदि।
  • उच्च तापमान पर, चालक प्रतिरोधकता बढ़ जाती है और चालकता कम हो जाती है।
  • प्रतिरोध मान
    • चालक: 10⁻⁸ से 10⁻³ Ωm (ताँबा: 1.7×10⁻⁸)
    • अर्धचालक: 10⁻³ से 10⁴ Ωm
    • इन्सुलेटर: 10⁸ से 10¹⁸ Ωm** (कांच: 10¹⁰-10¹⁴)
    • 10¹² गुना अधिक चालकों से!
  • कारण
  • वर्जन बैंड गैप
    • चालक: Valence Band ⊥ Conduction Band (ओवरलैप)
    • इन्सुलेटर: 5-10 eV गैप → इलेक्ट्रॉन उत्तेजित नहीं
  • कम मुक्त इलेक्ट्रॉन
    • चालक: n ≈ 10²⁸-10²⁹ electrons/m³
    • इन्सुलेटर: n ≈ 10⁴-10¹⁰ electrons/m³
  • व्यावहारिक परीक्षण
    • मेगर टेस्टर (500V DC) से मापा जाता है:
    • नया इन्सुलेटर: >10,000 MΩ
    • पुराना: <1 MΩ → खराब
  • तुलना
    • 1m ताँबा तार: R = 0.017Ω
    • 1m कांच छड़: R = 10¹⁴ Ω (असंभव!)