विद्युत धारा और उसके प्रभाव (भौतिक विज्ञान) (Part-IV)

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1. एक परिपथ, 5 Ω प्रत्येक के पांच प्रतिरोधी के संयोजन से बना है, और वे इस प्रकार संयोजित है कि परिपथ का प्रतिरोध अधिकतम है। इस परिपथ को 15V की एक बैटरी से संयोजित किए जाने पर, परिपथ में प्रवाहित होने वाली धारा का मान क्या होगा? [RRC Group D 18/09/2022 (Evening)]

Correct Answer: (c) 0.6 A
Solution:
  • तुल्य प्रतिरोध Rₜ = R₁ + R₂ + R₃ + R₄ + R₅ (परिपथ का प्रतिरोध अधिकतम है)
  • Rₜ = 5Ω + 5Ω + 5Ω + 5Ω + 5Ω = 25Ω ओम के नियम के अनुसार, V = iR (जहाँ विभवांतर (V) = 15V, प्रतिरोध (Rₜ) = 25Ω, धारा = i) V = iRₜ 15 = i × 25 ⇒ i = 15/25 = 0.6A
  • अधिकतम प्रतिरोध
    • अधिकतम निवल प्रतिरोध सभी प्रतिरोध श्रेणी में: R_total=5×5=25" " Ω。
  • धारा गणना
    • I=V/R_total =15/25=0.6 A (सभी से समान)।
  • जाँच
    • शक्ति P = V I = 15 × 0.6 = 9 W।
    • P = V²/R = 225/25 = 9 W।

2. एक विद्युत परिपथ में चार एक - समान बल्ब एक दूसरे के साथ समानांतर 10 V (नगण्य आंतरिक प्रतिरोध) की बैटरी के साथ सयोंजित हैं। जब चारों बल्ब जलते हैं, तो 4 A की धारा दर्ज की जाती है। तब परिपथ में क्षय शक्ति और प्रत्येक बल्ब का प्रतिरोध क्रमशः _______ और _______ है। [RRC Group D 19/09/2022 (Morning)]

Correct Answer: (b) 40 W, 10 Ω
Solution:
  • दिया है, R₁ = R₂ = R₃ = R₄ = R, V = 10 वोल्ट, धारा (I) = 4 A.
  • P=VI ⇒ P = 10 × 4 ⇒ P = 40 वाट ओम के नियम से, V = IR ⇒ R (समतुल्य) = V/I ⇒ R = 10/4 ⇒ R = 2.5 Ω.
  • 1/R (समतुल्य) = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ + 1/R₄ 1/2.5 = 4/R , R = 10 Ω.
  • कुल शक्ति
    • क्षय शक्ति P=V×I_total=10×4=40 W।
  • प्रत्येक बल्ब
    • समानांतर में प्रत्येक पर V=10V, कुल I=4A → प्रत्येक से I=1A।
    • प्रतिरोध R=V/I=10/1=10" " Ω。
  • जाँच
    • प्रत्येक P=10×1=10W, कुल 4×10=40W (समान)।
    • R_net = 10/4 = 2.5Ω, I_total=10/2.5=4A ✓।

3. 10Ω 12 प्रतिरोध वाले एक चालक की कुंडली में - 2V का प्रेरित विदयुतवाहक बल (EMF) होने पर कुंडली में प्रेरित धारा कितनी होगी? [RRC Group D 19/09/2022 (Afternoon)]

Correct Answer: (a)-0.2 A
Solution:
  • ओम का नियमानुसार एक चालक के माध्यम से धारा (I) उसके प्रतिरोध (R) द्वारा विभाजित चालक में वोल्टेज (V) के बराबर होता है।
  • । = V/R इस मामले में, कुंडली में प्रेरित EMF -2 V, के रूप में दिया गया है, और चालक का प्रतिरोध 10 Ω है।
  • । = (-2 V) / 10 Ω = 1 = -0.2 A इसलिए, कुंडली में प्रेरित धारा -0.2 A है।
  • ऋणात्मक चिह्न दर्शाता है कि धारा प्रेरित EMF की दिशा के विपरीत दिशा में प्रवाहित होती है।
  • 10Ω प्रतिरोध वाली कुंडली में -2V प्रेरित EMF होने पर प्रेरित धारा -0.2 A होगी।
  • ओम नियम
    • प्रेरित धारा I=ε/R, ε = -2 V, R = 10 Ω।
    • I=(-2)/10=-0.2 A।
  • व्याख्या
    • ऋण चिह्न दिशा दर्शाता है (लेन्ज नियम से)। परिमाण 0.2 A।
  • जाँच
    • V = IR → -2 = I × 10 → I = -0.2 A ✓।

4. मान लीजिए कि किसी परिपथ में 220 V विद्युत आपूर्ति बाली लाइन पर कई विद्युत लैंपों का उपयोग किए जाने की आवश्यकता है, और बल्बों की रेटिंग 20 W निर्धारित है। यदि अधिकतम स्वीकार्य धारा 10 A है, तो 220 V लाइन के दोनों तारों के बीच एक दूसरे के समानांतर क्रम में संयोजित किए जा सकने वाले लैंपों की संख्या ज्ञात कीजिए । [RRC Group D 19/09/2022 (Evening)]

Correct Answer: (b) 110
Solution:
  • गणना
    • अधिकतम शक्ति P_max = V × I_max = 220 × 10 = 2200 W।
    • प्रत्येक लैंप 20W → संख्या n = 2200 / 20 = 110।
  • प्रतिरोध जाँच
    • प्रत्येक R = V²/P = 220²/20 = 2420 Ω।
    • 110 लैंप समांतर R_net = 2420/110 ≈ 22 Ω।
    • I_total = 220/22 = 10 A ✓।
  • नोट
    • रेटिंग 220V पर 20W मानकर।

5. 10Ω वाले प्रतिरोध में 5 मिनट तक 5 A की धारा प्रवाहित करने पर उत्पन्न ऊष्मीय ऊर्जा का मान क्या होगा? [RRC Group D 19/09/2022 (Evening)]

Correct Answer: (a) 7.5 × 10⁴ J
Solution:
  • दिया गया है: प्रतिरोध (R) = 10 Ω, धारा (I) = 5A, समय (t) = 5 मिनट = 300 s; ऊष्मा स्थानान्तरण (H) = I²Rt H = (5)² × 10 × 300 ⇒ H = 75000 J ⇒ 7.5 × 10⁴ J I
  • जूल तापन सूत्र
    • H=I^2 Rt, I=5A, R=10Ω, t=300s।
    • H=25×10×300=75,000 J = 7.5 × 10^4 J।
  • चरण
    • I² = 25
    • 25 × 10 = 250 W (शक्ति)
    • 250 × 300 = 75,000 J।
  • वैकल्पिक
    • V=IR=50V, H=VIt=50×5×300=75,000 J।

6. मान लीजिए कि दो परिपथ A और B हैं, जिनमें से प्रत्येक में छह प्रतिरोध हैं, और उनमें से प्रत्येक परिपथ का प्रतिरोध क्रमशः Rₐऔर Rb है। प्रत्येक परिपथ में, प्रतिरोधों को इस प्रकार संयोजित किया गया है कि प्रत्येक परिपथ का निवल प्रतिरोध (net resistance) न्यूनतम हो । अब नगण्य आंतरिक प्रतिरोध वाली 20 V की एक बैटरी को अलग-अलग, प्रत्येक परिपथ में जोड़ने पर परिपथ A और परिपथ B द्वारा कर्षित धाराएं क्रमशः 6 A और 8 A हैं। [RRC Group D 19/09/2022 (Evening)]

Correct Answer: (b)
Solution:
  • दिया गया वोल्टेज (V) = 20 V, प्रतिरोधक Iₐ = 6A के पार धारा, Iᴮ = 8A; यदि शुद्ध प्रतिरोध न्यूनतम है
  • तो प्रतिरोधक को समानांतर श्रृंखला में जोड़ा जाना चाहिए। सर्किट A में, परिणामी प्रतिरोध (1/R) = 1/Rₐ + 1/Rₐ + 1/Rₐ + 1/Rₐ + 1/Rₐ + 1/Rₐ ⇒ 1/R
  • न्यूनतम प्रतिरोध
    • न्यूनतम R_net सभी 6 प्रतिरोध समांतर में: R_net=R/6。
  • परिपथ A
    • I_A = 6 A, V=20 V → R_net^A = 20/6 ≈ 3.333 Ω।
    • R_A/6=20/6 → R_A = 20 Ω।
  • परिपथ B
    • I_B = 8 A → R_net^B = 20/8 = 2.5 Ω।
    • R_B/6=2.5 → R_B = 2.5 × 6 = 15 Ω।
  • जाँच
    • A: 6×20 समांतर → 20/6 Ω, I=20/(20/6)=6A ✓
    • B: 6×15 समांतर → 15/6=2.5Ω, I=20/2.5=8A ✓।

7. 15Ω प्रतिरोध वाली कुंडली A और 5Ω प्रतिरोध वाली कुंडली B को समय के साथ परिवर्तनशील चुंबकीय क्षेत्र के प्रभाव में रखे जाने पर इन कुंडलियों में प्रेरित धारा ______ होगी। [RRC Group D 19/09/2022 (Evening)]

Correct Answer: (d) भिन्न
Solution:
  •  प्रेरित प्रवाह [(l)=\frac{EMF}{R}] R=कुंडली का प्रतिरोध कुंडली (A) के लिए R₁ =15 Ω,⇒I₁ EMF/R₁ =EMF/15 Ω- समी. (1) कुंडली (B) के लिए = R₂ =5 Ω ⇒ I₂ = EMF/R₂ = EMF/5 Ω - समी. (2)
  • अब, समीकरण 1 और 2 की तुलना करने पर, समीकरण 1 और 2 का अनुपात समान या 1 नहीं हो सकता तो यह भिन्न होगा। इसलिए, इन कुंडली में प्रेरित प्रवाह अलग-अलग हैं।
  • प्रेरित धारा सूत्र
    • प्रेरित EMF ε=-dϕ/dt (लूप संख्या समान मानकर)।
    • धारा I=ε/R∝1/R。
  • तुलना
    • R_A = 15Ω > R_B = 5Ω → I_A < I_B।
    • भिन्न (I_B तीन गुना I_A)।
  • कारण
    • समय-परिवर्ती B क्षेत्र EMF उत्पन्न करता है, जो R के व्युत्क्रमानुपाती धारा देता है।

8. किसी परिपथ में, L लंबाई और A अनुप्रस्थ - काट के क्षेत्रफल वाले चाँदी (silver) के तार को 5L लंबाई और 9A अनुप्रस्थ - काट क्षेत्रफल वाले एल्युमीनियम (aluminium) के तार से बदल दिया जाता है। परिपथ के प्रतिरोध पर क्या प्रभाव पड़ेगा? [RRC Group D 20/09/2022 (Morning)]

Correct Answer: (c) घटकर पूर्व का 0.9 गुना हो जाएगा
Solution:
  • प्रतिरोध (R) = p × L/A चाँदी के तार का प्रतिरोध (Rₛ) = 1.6 × 10⁻⁸ × L/A ........
  • (i) नई लंबाई = 5L और नया क्षेत्रफल = 9A एल्युमीनियम (Rₐ) का प्रतिरोध = 2.6 × 10⁻⁸ × 5L/9A .........
  • (ii) समीकरण (i) और (ii) से, परिपथ का प्रतिरोध (R) = एल्युमिनियम का प्रतिरोध / चाँदी के तार का प्रतिरोध = (2.6 × 10⁻⁸ × 5L/9A) / (1.6 × 10⁻⁸ × L/A) = 65/72 = 0.9 गुना
  • प्रतिरोध सूत्र
    • R=ρ L/A。
  • अनुपात
    • L_Al / L_Ag = 5, A_Al / A_Ag = 9।
    • ρ_Al / ρ_Ag ≈ 2.65×10^{-8} / 1.59×10^{-8} ≈ 1.67।
    • R_Al/R_Ag =5×1.67/9≈0.93 (नया R ~93% पुराना)।
  • प्रभाव
    • प्रतिरोध में हल्की कमी (चाँदी का ρ कम लेकिन L/A अनुपात Al के पक्ष में)।

9. मान लीजिए एक तार का प्रतिरोध 10Ω है। यदि उसी पदार्थ और समान लंबाई का एक अन्य तार है, जिसकी अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल, पहले वाले तार से दोगुना है, तो दूसरे तार का प्रतिरोध क्या होगा ? [RRC Group D 20/09/2022 (Morning)]

Correct Answer: (b) 5Ω
Solution:
  • प्रतिरोध ((R)=p ×L/A, जहाँ p = प्रतिरोधकता,  l=लंबाई, A = अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल शर्त । :R=p ×L/A, मान लीजिए, A=1; 10 Ω =p ×L/1 ⇒ 10Ω/L शर्त ॥ : मान लीजिए, A=2
  • R=p× L/A (चूंकि समान सामग्री का उपयोग किया गया है इसलिए प्रतिरोधकता समान होगी) =10 Ω/L × L/2 =5 Ω
  • प्रतिरोध सूत्र
    • R=ρ L/A, समान ρ एवं L → R∝1/A。
    • A₂ = 2 A₁ → R_2=R_1/2=10/2=5" " Ω。
  • गणना
    • क्षेत्रफल दोगुना → प्रतिरोध आधा।
  • जाँच
    • पुराना R₁ = ρ L / A = 10Ω।
    • नया R₂ = ρ L / (2A) = 5Ω ✓।

10. 30 °C पर 1m लंबाई के किसी धातु के तार का प्रतिरोध 50Ω है। मान लीजिए तार का व्यास 0.3 mm है। उसी धातु के समान लंबाई के एक अन्य तार, जिसका व्यास बढ़ाकर 0.6 mm कर दिया गया हो, का प्रतिरोध (30 °C पर ) कितना होगा ? [RRC Group D 20/09/2022 (Morning)]

Correct Answer: (a) 12.5Ω
Solution:
  • सूत्र
    • R=ρ L/(π(d/2)^2 )∝1/d^2 (L समान)।
    • d₂ = 2 d₁ → R₂ = R₁ / 4 = 50 / 4 = 12.5 Ω।
  • गणना
    • A ∝ d² → A₂ = 4 A₁ → R₂ = R₁ × (A₁/A₂) = 50/4 = 12.5 Ω।
  • जाँच
    • व्यास दोगुना → क्षेत्रफल 4 गुना → R 1/4।