Solution:सिक्खों के पांचवें गुरु अर्जुन देव ने 1604 ई. में सिक्खों के पवित्र ग्रंथ 'आदि ग्रंथ' का संकलन किया। गुरु अमरदास ने धार्मिक साम्राज्य को 22 मनजियों (गद्दियों) अथवा भागों में बांटा था। प्रत्येक मनजी एक सिख के अधिकार में रखा गया। इसमें गुरुओं के साथ-साथ हिंदू और मुस्लिम संतों की वाणी भी शामिल है।
• गुरु अमर दास जी (तृतीय गुरु): आनंद कारज (विवाह की नई मर्यादा), मंजी प्रथा
• गुरु राम दास जी (चतुर्थ गुरु): अमृतसर शहर की स्थापना (रामदासपुर), मसरंद प्रथा
• गुरु गोबिंद सिंह जी (दसवें गुरु): खालसा पंथ की स्थापना (1699), 5 ककार (केश, कड़ा, कृपाण, कंघा, कच्छा), गुरु ग्रंथ साहिब जी को गुरु का दर्जा
• गुरु हरगोबिंद साहिब जी (छठे गुरु): मीरी-पीरी, अकाल तख्त साहिब की स्थापना