सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज (UPPCS)

Total Questions: 40

31. आजाद हिंद फौज के अधिकारियों के उनके लाल किले में चल रहे मुकदमे में उनके पक्ष से निम्नलिखित में से किसने वकालत की थी? [U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2008, U.P. U.D.A./L.D.A. (Spl.) (Mains) 2010, U.P. P.C.S. (Pre) 2013]

Correct Answer: (d) सर टी.बी. सप्रू
Solution:वर्ष 1945 में लाल किले में आजाद हिंद फौज के सिपाहियों के प्रसिद्ध मुकदमे की पैरवी कैलाश नाथ काटजू, सर तेज बहादुर सप्रू, आसफ अली, जवाहरलाल नेहरू, भूलाभाई देसाई आदि कर रहे थे। वकीलों के इस समूह की अध्यक्षता भूलाभाई देसाई ने की थी।

32. वर्ष 1945 में आजाद हिंद फौज के लाल किले में दिल्ली के मुकदमे की पैरवी निम्नलिखित में से किसने नहीं की थी? [U.P. Lower Sub. (Pre)2004]

Correct Answer: (c) सरदार वल्लभभाई पटेल
Solution:वर्ष 1945 में लाल किले में आजाद हिंद फौज के सिपाहियों के प्रसिद्ध मुकदमे की पैरवी कैलाश नाथ काटजू, सर तेज बहादुर सप्रू, आसफ अली, जवाहरलाल नेहरू, भूलाभाई देसाई आदि कर रहे थे। वकीलों के इस समूह की अध्यक्षता भूलाभाई देसाई ने की थी।

33. निम्नलिखित में से कौन प्रसिद्ध आई.एन.ए. मुकदमे के वकील थे? [M.P. P.C.S. (Pre) 2012]

Correct Answer: (e) (c&d)
Solution:वर्ष 1945 में लाल किले में आजाद हिंद फौज के सिपाहियों के प्रसिद्ध मुकदमे की पैरवी कैलाश नाथ काटजू, सर तेज बहादुर सप्रू, आसफ अली, जवाहरलाल नेहरू, भूलाभाई देसाई आदि कर रहे थे। वकीलों के इस समूह की अध्यक्षता भूलाभाई देसाई ने की थी।

34. इनमें से वर्ष 1945-46 में दिल्ली में हुए आई.एन.ए. के मुकदमों के पक्ष में पेश हुए वकील थे- [66th B.P.S.C (Pre) 2020]

Correct Answer: (b) भूलाभाई देसाई
Solution:वर्ष 1945 में लाल किले में आजाद हिंद फौज के सिपाहियों के प्रसिद्ध मुकदमे की पैरवी कैलाश नाथ काटजू, सर तेज बहादुर सप्रू, आसफ अली, जवाहरलाल नेहरू, भूलाभाई देसाई आदि कर रहे थे। वकीलों के इस समूह की अध्यक्षता भूलाभाई देसाई ने की थी।

35. दिल्ली के लाल किले में प्रसिद्ध आजाद हिंद फौज पर अभियोग चलाया गया- [U.P. P.S.C. (GIC) 2010]

Correct Answer: (a) वर्ष 1945 में
Solution:वर्ष 1945 में लाल किले में आजाद हिंद फौज के सिपाहियों के प्रसिद्ध मुकदमे की पैरवी कैलाश नाथ काटजू, सर तेज बहादुर सप्रू, आसफ अली, जवाहरलाल नेहरू, भूलाभाई देसाई आदि कर रहे थे। वकीलों के इस समूह की अध्यक्षता भूलाभाई देसाई ने की थी।

36. आई.एन.ए. के अधिकारियों पर मुकदमा चलाया गया था- [U.P.P.C.S. (Pre) 2019]

Correct Answer: (a) लाल किला, दिल्ली में
Solution:आई.एन.ए. (आजाद हिंद फौज) के गिरफ्तार अधिकारियों पर नवंबर, 1945 में दिल्ली के लाल किले में मुकदमा चलाया गया था। इस मुकदमे में मुख्य अभियुक्त आई.एन.ए. के तीन अधिकारी-मेजर शाहनवाज खां, कर्नल गुरबख्स सिंह दिल्लों और कर्नल प्रेम सहगल थे, जिन पर राजद्रोह का आरोप था। इस मुकदमे में बचाव पक्ष के वकीलों का नेतृत्व भूलाभाई देसाई ने किया था।

37. औपनिवेशिक भारत के संदर्भ में, शाहनवाज खान, प्रेम कुमार सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लो याद किए जाते हैं- [I.A.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (d) आजाद हिंद फौज (इंडियन नेशनल आर्मी) के अधिकारियों के रूप में
Solution:आई.एन.ए. (आजाद हिंद फौज) के गिरफ्तार अधिकारियों पर नवंबर, 1945 में दिल्ली के लाल किले में मुकदमा चलाया गया था। इस मुकदमे में मुख्य अभियुक्त आई.एन.ए. के तीन अधिकारी-मेजर शाहनवाज खां, कर्नल गुरबख्स सिंह दिल्लों और कर्नल प्रेम सहगल थे, जिन पर राजद्रोह का आरोप था। इस मुकदमे में बचाव पक्ष के वकीलों का नेतृत्व भूलाभाई देसाई ने किया था।

38. वर्ष 1945 की प्रमुख घटनाएं निम्नलिखित थीं- [Chhattisgarh P.S.C. (Pre) 2017]

1. वेवेल योजना               2. शिमला सम्मेलन

3. नौसेना विद्रोह           4. आजाद हिंद फौज मुकदमा

सही उत्तर चुनिए :

Correct Answer: (c) 1, 2, 4
Solution:वेवेल योजना                  -           14 जून, 1945

शिमला सम्मेलन            -           25 जून से 14 जुलाई, 1945

नौसेना विद्रोह                -          18-23 फरवरी, 1946

आजाद हिंद फौज मुकदमा   -         नवंबर, 1945

39. सुभाष चंद्र बोस का राजनीतिक गुरु कौन था? [R.O./A.R. O. (Pre.) 2017]

Correct Answer: (b) सी.आर. दास
Solution:सुभाष चंद्र बोस के राजनीतिक गुरु देशबंधु चितरंजन दास थे।

40. इलाहाबाद में संपन्न कांग्रेस कार्यकारिणी समिति की बैठक में, निम्नलिखित सदस्यों में से एक सदस्य भारत के नाजीवाद, फासीवाद तथा साम्राज्यवाद विरोधी निश्चित रुख के कारण जापान के विरुद्ध गुरिल्ला युद्ध की अपनी योजना के पक्ष में बहुमत जुटाने में सक्षम हुए, वे थे- [46th B.P.S.C. (Pre) 2004]

Correct Answer: (d) जवाहरलाल नेहरू
Solution:पं. जवाहरलाल नेहरू ने भारत के नाजीवाद, फासीवाद तथा साम्राज्यवाद विरोधी निश्चित रुख के कारण जापान के विरुद्ध गुरिल्ला युद्ध की अपनी योजना के पक्ष में इलाहाबाद (प्रयागराज) में हुई कांग्रेस कार्यकारिणी समिति की बैठक में बहुमत प्राप्त किया।