Solution:स्वराज दल का नेतृत्व मुख्य रूप से मोतीलाल नेहरू और चित्तरंजन दास कर रहे थे, जबकि राजेंद्र प्रसाद इस दल में शामिल नहीं थे। वे 'अपरिवर्तनवादी' गुट के प्रमुख नेता थे, जो विधान परिषदों में प्रवेश के बजाय गांधीजी के रचनात्मक कार्यक्रमों और बहिष्कार की नीति को जारी रखना चाहते थे। स्वराज दल के अन्य प्रमुख सदस्यों में विट्ठलभाई पटेल और हकीम अजमल खान जैसे नेता शामिल थे, जिन्होंने सदन के भीतर रहकर ब्रिटिश नीतियों का विरोध करने की रणनीति अपनाई थी।