Correct Answer: (a) पूर्वी हिन्दी
Solution:कर्त्ता के साथ 'ने' का प्रयोग न होना पूर्वी हिन्दी उपभाषा की प्रमुख विशेषता है। इसके अन्तर्गत अवधी, बघेली एवं छत्तीसगढ़ी बोलियाँ आती हैं। हिन्दी खड़ी बोली से अवधी की विभिन्नता मुख्य रूप से व्याकरणात्मक है। इसमे कर्ता कारक के परसर्ग (विभक्ति) 'ने' का नितान्त अभाव है। अन्य उपसर्गों के प्रायः दो रूप मिलते हैं- ह्रस्व और दीर्घ (कर्म-सम्प्रदान-सम्बन्ध-क, का, करण-अपादान-स-त, से-ते; अधिकरण-म, मा)।