हिन्दी भाषा एवं उसकी बोलियाँः उत्पत्ति एवं विकास – PART-3

Total Questions: 50

31. यह बोली पूर्वी हिन्दी वर्ग की बोली नहीं है- [आश्रम पद्धति (प्रवक्ता) परीक्षा, 2009]

Correct Answer: (d) बुन्देली
Solution:बुन्देली पश्चिमी हिन्दी वर्ग की बोली है, जो ब्रजभाषा से काफी समानता रखती है। शेष बोलियाँ 'पूर्वी हिन्दी वर्ग की हैं।

32. पूर्वी हिन्दी का विकास इनमें से किस अपभ्रंश में हुआ है? [P.G.T. परीक्षा, 2011]

Correct Answer: (b) अर्धमागधी
Solution:पूर्वी हिन्दी का विकास अर्धमागधी अपभ्रंश से हुआ है, जबकि ब्राचड़ अपभ्रंश से सिन्धी, शौरसेनी अपभ्रंश से पहाड़ी तथा मैथिली, मगही, भोजपुरी का विकास मागधी अपभ्रंश से हुआ।

33. पूर्वी हिन्दी क्षेत्र में कौन-सी बोली नहीं बोली जाती ? [UPSSSC ग्राम विकास अधिकारी परीक्षा, 2018 (II)]

Correct Answer: (c) जयपुरी
Solution:पूर्वी हिन्दी क्षेत्र में अवधी, बघेली एवं छत्तीसगढ़ी बोली जाती है, जबकि जयपुरी राजस्थानी हिन्दी क्षेत्र में बोली जाती है।

34. इस बोली में उत्तम पुरुष एक वचन के स्थान पर उत्तम पुरुष बहुवचन का प्रयोग किया जाता है- [P.G.T. परीक्षा-2021 (यू.पी.)]

Correct Answer: (a) अवधी
Solution:अवधी बोली पूर्वी हिन्दी की प्रमुख बोली है, जिसका विकास अर्धमागधी अपभ्रंश से हुआ है। इस बोली में उत्तम पुरुष एक वचन के स्थान पर उत्तम पुरुष बहुवचन का प्रयोग किया जाता है।

अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्य

अवधी बोली के क्षेत्र लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर, बाराबंकी, गोण्डा, बहराइच, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फैजाबाद इत्यादि हैं।

35. इनमें से किस बोली का बिहारी हिन्दी से सम्बन्ध नहीं है? [UGC हिन्दी द्वितीय प्रश्न-पत्र दिसम्बर, 2015]

Correct Answer: (a) अवधी
Solution:अवधी बोली का सम्बन्ध पूर्वी हिन्दी से है, जबकि दी गयी अन्य बोलियों का सम्बन्ध बिहारी हिन्दी से है।

  • पहाड़ी' हिन्दी को कुछ विद्वान 'खस' अपभ्रंश से उत्पन्न /विकास मानते हैं।

36. 'अवधी' बोली किस अपभ्रंश से विकसित हुई है? [UPSSSC सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा (सा.च.) परीक्षा 2019 प्रथम पाली (30/09/2019)]

Correct Answer: (b) अर्धमागधी
Solution:अर्धमागधी अपभ्रंश से अवधी, बघेली एवं छत्तीसगढ़ी बोलियों का विकास हुआ। शौरसेनी अपभ्रंश से राजस्थानी, पश्चिमी हिन्दी, पहाड़ी, गुजराती, मागधी अपभ्रंश से बिहारी, बँगला, ओडिया, असमिया और ब्राचड़ अपभ्रंश से सिन्धी बोली का विकास हुआ।

37. 'रामचरितमानस' की भाषा क्या है? [UPCSAT Exam, 2019 UP- TET Exam Ist Paper (I-V), 2015]

Correct Answer: (a) अवधी
Solution:'रामचरितमानस' अवधी भाषा का सर्वाधिक लोकप्रिय महाकाव्य है। यह रामकथा पर आधारित है, जिसकी रचना काशी, चित्रकूट और अयोध्या में हुई। वि.संवत् 1631 (1574 ई.) में तुलसीदास ने अयोध्या से इसकी रचना प्रारम्भ की। इसे पूर्ण होने में लगभग 2 वर्ष, 7 माह, 26 दिन लगे।

38. महत्त्वपूर्ण कृति 'कृष्णायन' उत्तर प्रदेश की बोलियों में से किस बोली में लिखी गयी है? [UPPCS (C-SAT) Exam - 2021]

Correct Answer: (b) अवधी बोली में
Solution:'कृष्णायन' द्वारका प्रसाद मिश्र की महाकाव्यात्मक रचना है, जो अवधी बोली में है। द्वारका प्रसाद मिश्र का जन्म उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद में हुआ था। ये स्वतन्त्रता सेनानी, पत्रकार, साहित्यकार तथा राजनेता के रूप में मध्य प्रदेश के मुख्यमन्त्री भी रहे। 'कृष्णायन' महाकाव्य को इन्होंने असहयोग आन्दोलन के दौरान जेल में लिखा था।

39. मलिक मोहम्मद जायसी ने किस भाषा का सरल और साधारण रूप अपनाया था? [UPSI Exam, 16-दिसम्बर, 2017 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (a) अवधी
Solution:'जायसी' की भाषा ठेठ अवधी है। जायसी ने अपनी रचनाएँ सिर्फ अवधी भाषा में की हैं। जायसी भक्तिकाल की निर्गुण प्रेमाश्रयी शाखा के कवि है। इनकी प्रसिद्ध रचना 'प‌द्मावत' है।

40. मुल्ला दाऊद कृत 'लोरकहा' की भाषा इनमें से कौन-सी है? [U.P. SI-2021]

Correct Answer: (b) अवधी
Solution:मुल्ला दाऊद कृत 'लोरकहा' अवधी बोली की सूफी रचना है। इसे माता प्रसाद गुप्त ने लोर कहा या लोर कथा कहा है, जबकि यह 'चन्दायन' के नाम से चर्चित है। यह चौपाई-दोहा बद्ध रचना है।