Solution:बरेली में रुहेलखंड के भूतपूर्व शासक के उत्तराधिकारी खान बहादुर ने 1857 के विद्रोह की रहनुमाई की। यद्यपि ब्रिटिश पेंशन पर गुजर-बसर कर रहे खान बहादुर ने शुरू में इसमें कोई दिलचस्पी नहीं ली थी; किंतु विद्रोह की लहर फैलते ही उन्होंने खुद प्रशासन संभाल लिया और करीब 40 हजार सैनिकों को संगठित कर अपनी मजबूत सेना बनाई और अंग्रेजों का कड़ा मुकाबला किया। मुगल सम्राट बहादुर शाह द्वितीय ने उन्हें वायसराय के पद पर नियुक्त किया था। इस पद पर अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने हिंदुओं और मुसलमानों के साथ समानता का व्यवहार किया और एक सुयोग्य राजनीतिज्ञ के गुणों का प्रदर्शन किया।
1857 के विद्रोह के प्रमुख नेता और स्थान:
• दिल्ली: बहादुर शाह जफर (सम्राट) और जनरल बख्त खान (सैन्य नेतृत्व)।
• बैरकपुर: मंगल पांडे।
• झांसी: रानी लक्ष्मीबाई।
• हरियाणा/रेवाड़ी: राव तुला राम।
• कानपुर: नाना साहब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र), तात्या टोपे, अजीमुल्लाह खान।
• लखनऊ (अवध): बेगम हजरत महल, बिरजिस कादिर, अहमद उल्लाह।
• बिहार (जगदीशपुर): कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह।
• फैजाबाद: मौलवी अहमदुल्लाह।
• मेरठ: कदम सिंह।