Solution:1857 का विद्रोह लखनऊ (अवध) में बेगम हजरत महल के नेतृत्व में आगे बढ़ा। जब अंग्रेजों ने 1856 में 'कुशासन' का आरोप लगाकर अवध को हड़प लिया और नवाब वाजिद अली शाह को कलकत्ता निर्वासित कर दिया, तो उनकी पत्नी बेगम हजरत महल ने विद्रोह की कमान संभाली। बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिर्जिस काद्र को अवध का नवाब घोषित कर दिया और स्वयं उसकी संरक्षिका बनकर प्रशासन चलाया। लखनऊ के पतन के बाद बेगम हजरत महल ने अंग्रेजों के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय नेपाल जाना बेहतर समझा, जहाँ बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
1857 के विद्रोह के प्रमुख नेता और स्थान:
• दिल्ली: बहादुर शाह जफर (सम्राट) और जनरल बख्त खान (सैन्य नेतृत्व)।
• बैरकपुर: मंगल पांडे।
• झांसी: रानी लक्ष्मीबाई।
• मेरठ: कदम सिंह।
• कानपुर: नाना साहब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र), तात्या टोपे, अजीमुल्लाह खान।
• बिहार (जगदीशपुर): कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह।
• फैजाबाद: मौलवी अहमदुल्लाह।
• हरियाणा/रेवाड़ी: राव तुला राम।