1857 की क्रांति (UPPCS) (भाग – 2)

Total Questions: 43

21. निम्नलिखित में से किसका नाम 1857 के विद्रोह से नहीं जुड़ा है? [U.P. P.C.S. (Mains) 2017]

Correct Answer: (d) उपर्युक्त सभी
Solution:

प्रश्न में दिए गए विकल्पों में कोई भी 1857 के विद्रोह से नहीं जुड़ा था।

22. 1857 का विद्रोह मुख्यतः किस कारण से असफल रहा? [41st B.P.S.C. (Pre) 1996]

Correct Answer: (b) किसी सामान्य योजना और केंद्रीय संगठन की कमी
Solution:

1857 के विद्रोह की असफलता का मुख्य कारण किसी सामान्य योजना एवं केंद्रीय संगठन की कमी थी। विद्रोहियों के नेताओं में कोई संगठन की भावना देखने में नहीं आई। 82 वर्षीय मुगल सम्राट बहादुर शाह कमजोर था, उसके द्वारा विभिन्न सरदारों का आह्वान करना काफी नहीं था। साथ ही विद्रोहियों ने वीरता तो दिखाई और सरकार का विनाश करने पर वे तुले हुए भी प्रतीत होते थे; किंतु ऐसा करने के लिए उनके पास किसी सुनियोजित कार्यक्रम का पूर्ण अभाव था। उनमें अनुशासन की कमी भी थी। कभी-कभी तो वे अनुशासित सेना के बजाए दंगाई भीड़ की तरह व्यवहार करते थे। विदेशी शासन के प्रति एक साझी घृणा को छोड़कर और कोई संबंध सूत्र नेताओं के बीच नहीं था। किसी क्षेत्र विशेष से ब्रिटिश सत्ता को उखाड़ फेंकने के बाद उन्हें पता भी नहीं होता था कि उसकी जगह किस प्रकार की राजनीतिक सत्ता या संस्थाएं स्थापित की जाएं। उनके पास एक भविष्योन्मुख कार्यक्रम, सुसंगत विचारधारा, राजनीतिक परिप्रेक्ष्य या भावी समाज और अर्थव्यवस्था के प्रति एक स्पष्ट दृष्टिकोण का अभाव था।

23. 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम असफल हुआ; क्योंकि- [U.P. Lower Sub. (Pre) 1998]

Correct Answer: (d) उपर्युक्त सभी
Solution:

विद्रोह के समय भारतीयों में एकता के अभाव के चाहे जो भी कारण रहे हों; किंतु विद्रोह के लिए यह घातक सिद्ध हुआ। विद्रोहियों के लक्ष्य को धक्का पहुंचाने के लिए यह अकेली कमजोरी नहीं थी। भारतीय सिपाही बहादुर तथा स्वार्थरहित तो थे, मगर उनमें अनुशासन और एकता का अभाव था। बंबई और मद्रास की सेनाएं राजभक्त रहीं। अवध और रुहेलखंड के तथा अन्य उत्तरी भारत के सामंतवादी तत्वों ने विद्रोह का नेतृत्व किया; किंतु दूसरी ओर अन्य सामंतवादी तत्वों ने; जैसे-पटियाला, जींद, ग्वालियर और हैदराबाद के राजाओं ने इस विद्रोह के दमन में सहायता की। यूरोपीय इतिहासकारों ने ग्वालियर के मंत्री सर दिनकर राव और हैदराबाद के मंत्री सालारजंग की राजभक्ति की बहुत सराहना की है।

रणनीति और रणकौशल की दृष्टि से भी अंग्रेजी सेनाएं भारतीय विद्रोहियों से बहुत आगे थीं। वे भारतीय सिपाहियों की तुलना में अधिक सुसज्जित थीं। अतः 1857 के विद्रोह की असफलता के उपर्युक्त सभी कारण जिम्मेदार थे।

24. 1857 के विद्रोह की विफलता के निम्नलिखित में से कौन-से कारण थे? [69th B.P.S.C. (Pre) 2023]

1. अंग्रेजों की सैन्य श्रेष्ठता
2. विद्रोहियों के पास कोई एकीकृत कार्यक्रम एवं विचारधारा नहीं थी
3. समाज के सभी वर्गों से समर्थन का अभाव था

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

Correct Answer: (c) उपर्युक्त सभी
Solution:

1857 के विद्रोह की असफलता का मुख्य कारण किसी सामान्य योजना एवं केंद्रीय संगठन की कमी थी। विद्रोहियों के नेताओं में कोई संगठन की भावना देखने में नहीं आई। 82 वर्षीय मुगल सम्राट बहादुर शाह कमजोर था। उसके द्वारा विभिन्न सरदारों का आह्वान करना काफी नहीं था। साथ ही विद्रोहियों ने वीरता तो दिखाई और सरकार का विनाश करने पर वे तुले हुए भी प्रतीत होते थे, किंतु ऐसा करने के लिए उनके पास किसी सुनियोजित कार्यक्रम का पूर्ण अभाव था। उनमें अनुशासन की कमी भी थी। कभी-कभी तो वे अनुशासित सेना के बजाए दंगाई भीड़ की तरह व्यवहार करते थे। विदेशी शासन के प्रति एक साझी घृणा को छोड़कर और कोई भी संबंध नेताओं के बीच नहीं था। किसी क्षेत्र विशेष से ब्रिटिश सत्ता को उखाड़ फेंकने के बाद उन्हें पता भी नहीं होता था कि उसकी जगह किस प्रकार की राजनीतिक सत्ता या संस्थाएं स्थापित की जाए। उनके पास एक भविष्योन्मुख कार्यक्रम, सुसंगत विचारधारा, राजनीतिक परिप्रेक्ष्य या भावी समाज और अर्थव्यवस्था के प्रति एक स्पष्ट दृष्टिकोण का अभाव था।

25. अंग्रेज राजपूत राज्यों में 1857 के विद्रोह को दबाने में सफल रहे, क्योंकि- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 1996]

Correct Answer: (a) स्थानीय शासकों ने क्रांतिकारियों का साथ नहीं दिया
Solution:

राजपूत राज्यों में 1857 के विद्रोह की विफलता का सबसे मुख्य कारण स्थानीय शासकों द्वारा अंग्रेजों का सक्रिय सहयोग करना था। जहाँ आम जनता और सैनिकों में भारी आक्रोश था, वहीं अधिकांश रियासतों के राजाओं ने अपनी सेना और संसाधन ब्रिटिश साम्राज्य को बचाने के लिए झोंक दिए। बीकानेर के महाराजा सरदार सिंह जैसे शासकों ने तो राज्य से बाहर जाकर विद्रोहियों का दमन किया। इसके अतिरिक्त, क्रांतिकारियों के पास किसी केंद्रीय संगठन, आधुनिक हथियारों और कुशल नेतृत्व का अभाव था। शिक्षित वर्ग और धनी व्यापारियों की तटस्थता ने भी विद्रोह की धार को कमजोर कर दिया, जिससे अंग्रेज एक-एक कर सभी विद्रोही केंद्रों को कुचलने में सफल रहे।

26. निम्नलिखित में से किन ब्रिटिश अधिकारियों ने लखनऊ में अपना जीवन खोया था ? [U.P.P.C.S. (Pre) 2008]

1. जनरल जॉन निकल्सन                   2. जनरल नील
3. मेजर जनरल हैवलॉक                   4. सर हेनरी लॉरेंस

निम्नलिखित कूट की सहायता से सही उत्तर चुनिए-
कूट :

Correct Answer: (c) 2, 3 और 4
Solution:

14 सितंबर, 1857 को अंग्रेजों द्वारा दिल्ली पर अधिकार करने के क्रम में ब्रिगेडियर-जनरल जॉन निकल्सन घायल हुए थे और 23 सितंबर, 1857 को उसकी मृत्यु हुई थी। लखनऊ में 1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेज रेजीडेंसी की रक्षा करते हुए सर हेनरी मान्टगोमरी लॉरेंस, मेजर जनरल हेनरी हैवलॉक तथा ब्रिगेडियर-जनरल नील की मृत्यु हुई।

27. विचार कीजिए- [39th B.P.S.C. (Pre) 1994]

कथन (क): 1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम ब्रिटिश सरकार से स्वतंत्रता प्राप्त करने में असफल रहा।
कारण (का) : बहादुर शाह जफर के नेतृत्व को जनसहयोग नहीं मिला था और अधिकांश महत्वपूर्ण रियासतों के शासक उनका साथ देने में कतरा गए।

नीचे दिए गए कोड में सही उत्तर चुनिए-

Correct Answer: (a) (क) और (का) दोनों सत्य हैं और (का), (क) का सही स्पष्टीकरण है।
Solution:

प्रश्नगत कथन और कारण दोनों सत्य हैं तथा कारण, कथन का सही स्पष्टीकरण है। यद्यपि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के असफल होने के कई कारण थे; परंतु इनमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण कारण अधिकांश प्रमुख रियासतों के शासकों द्वारा अंग्रेजों का समर्थन करना रहा।

28. निम्नलिखित में किसने 1857 के विद्रोह को एक 'षड्यंत्र' की संज्ञा दी? [40th B.P.S.C. (Pre) 1995]

Correct Answer: (a) सर जेम्स आउट्रम एवं डब्ल्यू. टेलर
Solution:

सर जेम्स आउट्रम एवं डब्ल्यू. टेलर ने 1857 के विद्रोह को हिंदू- मुस्लिम षड्यंत्र का परिणाम बताया है। आउट्रम का विचार था कि "यह मुस्लिम षड्यंत्र था, जिसमें हिंदू शिकायतों का लाभ उठाया गया।" जॉन लॉरेंस और सीले के अनुसार, यह केवल 'सैनिक विद्रोह' था। जॉन सीले के अनुसार, 1857 का विद्रोह "एक पूर्णतया देशभक्ति रहित और स्वार्थी सैनिक विद्रोह था, जिसमें न कोई स्थानीय नेतृत्व ही था और न ही इसे सर्वसाधारण का समर्थन प्राप्त था।” उसके अनुसार, "यह एक संस्थापित सरकार के विरुद्ध भारतीय सेना का विद्रोह था।" टी.आर. होल्म्स के अनुसार, यह बर्बरता और सभ्यता के बीच युद्ध था।

29. आधुनिक इतिहासकार जिसने 1857 के विद्रोह को स्वतंत्रता की पहली लड़ाई कहा, था- [M.P.P.C.S. (Pre) 2008]

Correct Answer: (c) वी. डी. सावरकर
Solution:

आधुनिक इतिहासकार जिन्होंने 1857 के विद्रोह को 'स्वतंत्रता की पहली लड़ाई' कहा था, वे विनायक दामोदर सावरकर (वी.डी. सावरकर) थे। उन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस, 1857' में इस विद्रोह को केवल एक सैनिक विद्रोह न मानकर, भारत का प्रथम सुनियोजित स्वतंत्रता संग्राम बताया था। सावरकर ने यह पुस्तक 1909 में लिखी थी। यह भारत की पहली ऐसी पुस्तक थी जिसने अंग्रेजों के इस तर्क को चुनौती दी कि 1857 केवल एक मामूली 'सिपाही विद्रोह' था। सावरकर के अनुसार, इस क्रांति के पीछे दो मुख्य उद्देश्य थे— स्वधर्म और स्वराज्य।

30. 1857 के संग्राम को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का नाम किसने दिया ? [U.P.P.C.S. (Mains) 2015]

Correct Answer: (c) वी.डी. सावरकर
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।