1857 की क्रांति (UPPCS) (भाग – 1)

Total Questions: 50

1. अंग्रेजी भारतीय सेना में चर्बी वाले कारतूसों से चलने वाली एनफील्ड राइफल कब शामिल की गई? [47th B.P.S.C. (Pre) 2005]

Correct Answer: (b) दिसंबर, 1856
Solution:

दिसंबर, 1856 में सरकार ने पुराने लोहे वाली बंदूक ब्राउन बेस के स्थान पर नवीन एनफील्ड राइफल के प्रयोग का निर्णय लिया। इसका प्रशिक्षण दम-दम अम्बाला और स्यालकोट में दिया जाना था। इस नई राइफल में कारतूस के ऊपरी भाग को मुंह से काटना पड़ता था। जनवरी, 1857 में बंगाल सेना में यह अफवाह फैल गई कि चर्बी वाले कारतूसों में गाय और सूअर की चर्बी है। सैनिक अधिकारियों ने इस अफवाह की जांच किए बिना तुरंत इसका खंडन कर दिया, किंतु सैनिकों को विश्वास हो गया कि चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग उनके धर्म को भ्रष्ट करने का एक निश्चित प्रयत्न है। यही भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण बना।

2. भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का मुख्य तात्कालिक कारण था- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 1993]

Correct Answer: (b) अंग्रेजों का धर्म में हस्तक्षेप का संदेह
Solution:

1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का मुख्य तात्कालिक कारण अंग्रेजों का धर्म में हस्तक्षेप का संदेह था, जिसे विशेष रूप से 'चर्बी वाले कारतूसों' की घटना से जोड़कर देखा जाता है। ब्रिटिश सरकार ने पुरानी 'ब्राउन बैस' बंदूकों के स्थान पर नई 'एनफील्ड राइफल' का प्रयोग शुरू किया था। इन राइफलों में उपयोग होने वाले कारतूसों के ऊपरी भाग को दांतों से काटना पड़ता था। उस समय सैनिकों के बीच यह खबर फैल गई कि इन कारतूसों की ग्रीस में गाय और सुअर की चर्बी का प्रयोग किया गया है। 29 मार्च 1857 को बैरकपुर छावनी में मंगल पांडे ने इन कारतूसों का प्रयोग करने से मना कर दिया और अपने सार्जेंट मेजर पर हमला कर दिया।

3. मंगल पांडेय की घटना हुई थी- [Uttarakhand P.C.S. (Mains) 2002]

Correct Answer: (b) बैरकपुर में
Solution:

29 मार्च, 1857 को 'बैरकपुर' में सैनिकों ने चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग करने से इनकार कर दिया और एक सैनिक मंगल पांडेय ने अपने एजुडेंट पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।

4. मंगल पांडेय कहां के विप्लव से जुड़े हैं? [U.P. P.C.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (a) बैरकपुर
Solution:

मंगल पांडेय बैरकपुर (पश्चिम बंगाल) के सैन्य विप्लव से जुड़े थे। वे बंगाल नेटिव इन्फैंट्री की 34वीं रेजीमेंट के एक सिपाही थे। 29 मार्च, 1857 को बैरकपुर छावनी में उन्होंने 'चर्बी वाले कारतूसों' के विरोध में विद्रोह का बिगुल फूंका था।

5. मंगल पांडेय सिपाही था- [U.P.P.S.C. (R.I.) 2014]

Correct Answer: (d) 34वीं नेटिव इंफैंट्री का
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

6. 1857 के विद्रोह के दौरान बहादुर शाह ने किसे 'साहब-ए-आलम बहादुर' का खिताब दिया था? [U.P.R.O/A.R.O. (Pre) 2016]

Correct Answer: (c) बख्त खां
Solution:

1857 के विद्रोह के दौरान बहादुर शाह ने बख्त खां को 'साहब-ए-आलम बहादुर' का खिताब दिया था। बख्त खान एक पख्तून था। ईस्ट इंडिया कंपनी में वह सूबेदार के पद पर था तथा कंपनी की ओर से उसने प्रथम अंग्रेज अफगान युद्ध में भाग लिया था। बहादुर शाह ने अपने बड़े पुत्र मिर्जा मुगल अथवा मिर्जा जहीरुद्दीन को मुख्य सेनापति घोषित किया; किंतु विद्रोह में वास्तविक नेतृत्व बख्त खान के पास था।

1857 के विद्रोह के प्रमुख नेतृत्वकर्ता और उनके खिताब/पद:

नेतृत्वकर्तास्थानभूमिका / महत्व
बहादुर शाह जफरदिल्लीविद्रोह के औपचारिक सम्राट
बख्त खानदिल्लीसैन्य कमांडर (साहब-ए-आलम बहादुर)
नाना साहबकानपुरपेशवा के रूप में नेतृत्व
बेगम हजरत महललखनऊअवध की कमान
रानी लक्ष्मीबाईझांसीबुंदेलखंड में विद्रोह की नेतृत्वकर्ता

7. 1857 की क्रांति का प्रमुख कारण क्या था? [U.P. P.C.S. (Pre) 1990]

Correct Answer: (d) ब्रिटिश साम्राज्य की नीति
Solution:

1857 का विद्रोह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की दमनकारी नीतियों, आर्थिक शोषण और सामाजिक-धार्मिक हस्तक्षेप के विरुद्ध एक व्यापक जन-विस्फोट था। इसका तात्कालिक कारण एनफील्ड राइफल में चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग था, जिसे दांत से काटना होता था, जिससे हिंदू-मुस्लिम दोनों की आस्था को ठेस पहुंची।

8. 1857 में लंदन से प्रकाशित होने वाले समाचार-पत्र 'टाइम्स' के संवाददाता कौन थे, जिन्होंने लिखा था 'उत्तरी भारत में गोरे आदमी की गाड़ी को कोई भी मित्रतापूर्ण दृष्टि से नहीं देखता था?' [M.P.P.C.S. (Pre) 2020]

Correct Answer: (a) डब्ल्यू.एच. रसेल
Solution:

1857 के विद्रोह के दौरान लंदन से प्रकाशित होने वाले प्रसिद्ध समाचार-पत्र 'टाइम्स' के संवाददाता विलियम हावर्ड रसेल थे। रसेल ने अपनी रिपोर्टिंग और अपनी डायरी 'माय डायरी इन इंडिया' में ब्रिटिश शासन के प्रति भारतीयों के गहरे असंतोष और नफरत का जीवंत चित्रण किया था।

उनका यह वाक्य— "उत्तरी भारत में गोरे आदमी की गाड़ी को कोई भी मित्रतापूर्ण दृष्टि से नहीं देखता था"—यह दर्शाता है कि 1857 का विद्रोह केवल सैनिकों तक सीमित नहीं था, बल्कि आम जनता के मन में भी अंग्रेजों के प्रति तीव्र आक्रोश था।

9. 1857 की क्रांति सर्वप्रथम कहां से प्रारंभ हुई ? [U.P. P.C.S. (Pre) 1990, 1994]

Correct Answer: (c) मेरठ
Solution:

1857 की क्रांति की औपचारिक शुरुआत 10 मई, 1857 को मेरठ से हुई थी। यहाँ की तीसरी कैवेलरी रेजीमेंट के सैनिकों ने चर्बीयुक्त कारतूसों को छूने से इनकार कर दिया और विद्रोह कर दिया। उन्होंने अपने साथी सैनिकों को मुक्त कराया और ब्रिटिश अधिकारियों पर हमला किया। इस क्रांति का प्रचार करने के लिए 'कमल और रोटी' का सहारा लिया गया था। विद्रोह के समय भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड कैनिंग थे।

हालांकि इससे पहले 29 मार्च को बैरकपुर में मंगल पांडेय वाली घटना हो चुकी थी, लेकिन एक संगठित विद्रोह के रूप में इसकी मशाल मेरठ की छावनी से ही जली थी।

10. 1857 की क्रांति सर्वप्रथम कहां से प्रारंभ हुई? [66th B.P.S.C. (Pre) (Re-Exam) 2020]

Correct Answer: (d) मेरठ
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।