NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

1. निम्नलिखित में से किस पात्र का संबंध 'चन्द्रगुप्त' नाटक से नहीं है?

Correct Answer: (b) जयमाला
Solution:'जयमाला' जयशंकरप्रसाद कृत 'चंद्रगुप्त (1931 ई.) नाटक की पात्र नहीं है जबकि एलिस, अलका, लीला, कल्याणी, सुवासिनी, मालविका, कार्नेलिया, नीला, 'चंद्रगुप्त' नाटक की स्त्री पात्र हैं।
चन्द्रगुप्त नाटक के पुरूष पात्र - चाणक्य (विष्णुगुप्त), चंद्रगुप्त, वररूचि (कात्यायन), आम्भीक, सिंहरण, पर्वत्तेश्वर (पोरस), सिकन्दर, फिलिप्स, सिल्यूकस, दण्डयायन, गान्धार नरेश आदि।
  • चन्द्रगुप्त नाटक में चार अंक और 44 दृश्य हैं। इसमें गीतों की संख्या 13 है।
  • 'स्कन्दगुप्त' (1928 ई.) जयशंकर प्रसाद का ऐतिहासिक नाटक है। इस नाटक में कुल 5 अंक, 33 दृश्य और 17 गीत हैं।
    पुरूष पात्र - कुमार गुप्त, पर्णदत्त, बंधुवर्मा, मातृगुप्त, प्रपंचबुद्धि, शर्वनाग, पुरुगुप्त, भटार्क, खिंगिल प्रख्यातकीर्ति आदि।
    स्त्री पात्र - देवकी, अनन्तदेवी, जयमाला, देवसेना, विजया, कमला, रामा, मालिनी।

2. 'ब्रजकिशोर' निम्नलिखित में से किस उपन्यास का पात्र है?

Correct Answer: (b) परीक्षा गुरु
Solution:'ब्रजकिशोर' लाला श्रीनिवासदास कृत 'परीक्षा गुरु' (1882 ई.) उपन्यास का पात्र है। इस उपन्यास के अन्य पात्र लाला श्री निवास, मदनमोहन, चुन्नीलाल, शंभूदयाल, बैजनाथ, पुरूषोत्तमदास आदि।
• यह उपन्यास 41 छोटे-छोटे प्रकरणों में विभक्त है।
• देवरानी जेठानी की कहानी (1870 ई.) उपन्यास के लेखक पंडित गौरीदत्त हैं।
इस उपन्यास के प्रमुख पात्र- सर्वसुख, पार्वती, सुखदेई, दौलतराम, छोटेलाल, ज्ञानों, आनन्दी, मुंशी टिकत नारायण, हरसहाय काबली।
• अमृतलाल नागर द्वारा रचित जीवनीपरक उपन्यास 'मानस का हंस' (1972 ई.) गोस्वामी तुलसीदास के जीवन पर लिखा गया है।
• 'धरतीधन न अपना' (1972 ई.) जगदीश चन्द्र द्वारा प्रकाशित उपन्यास है। यह उपन्यास पंजाब के घोड़ेवाहा गाँव के दलित समाज पर केन्द्रित है।
इस उपन्यास के मुख्य पात्र- काली, ज्ञानो, प्रतापी, जस्सो, मंगू, चौधरी, बिशनदास आदि हैं।

3. सूची I का सूची II से मिलान कीजिए -

सूची Iसूची II
A. व्योमकेश दरवेशI. विष्णु प्रभाकर
B. कलम का मजदूरII. काशीनाथ सिंह
C. घर का जोगी जोगड़ाIII. विश्वनाथ त्रिपाठी
D. आवरा मसीहाIV. मदन गोपाल

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) A-III, B-IV, C-II, D-I
Solution:सूची I का सूची II से सही मिलान इस प्रकार है-
सूची Iसूची II
A. व्योमकेश दरवेशIII. विश्वनाथ त्रिपाठी
B. कलम का मजदूरIV. मदन गोपाल
C. घर का जोगी जोगड़ाII. काशीनाथ सिंह
D. आवरा मसीहाI. विष्णु प्रभाकर

4. 'बचन सिंह' किस कहानी का पात्र है?

Correct Answer: (d) राजा निरबंसिया
Solution:'बचन सिंह' राजा निरबंसिया कहानी का पात्र है। 'राजा निरबंसिया' (1957 ई.) कमलेश्वर द्वारा रचित कहानी है।
इस कहानी के प्रमुख पात्र - बचन सिंह, जगपति, दयाराम, चन्दा, भटियारिन आदि।
• प्रेमचंद द्वारा रचित कहानी 'ईदगाह' (1933 ई.)का प्रमुख पात्र 'हामिद' है। यह कहानी सर्वप्रथम 'चाँद' पत्रिका में प्रकाशित हुई।
• भीष्म साहनी कृत 'अमृतसर आ गया', 'पटरियाँ' कहानी संग्रह (1973 ई.) में संग्रहित है। यह कहानी देश विभाजन पर आधारित है।

5. 'तुमने इतने दिन मुझे जिस प्रेम से रखा, माँ भी न रखती। भगवान मुझे फिर जनम दें, तो तुम्हारी कोख से दें, यही मेरी अभिलाषा है।' गोदान उपन्यास में यह कथन किस पात्र ने कहा है?

Correct Answer: (b) झुनिया
Solution:'तुमने इतने दिन मुझे जिस प्रेम से रखा, माँ भी न रखती। भगवान मुझे फिर जनम दें, तो तुम्हारी कोख से दें, यही मेरी अभिलाषा है।' गोदान उपन्यास में यह कथन झुनिया ने धनिया से कहा है।
• 'गोदान' (1936 ई.) प्रेमचंद द्वारा रचित उपन्यास है। इस उपन्यास में किसान जीवन की महागाथा एवं ऋण की समस्या का अंकन किया गया है। इस उपन्यास के प्रमुख पात्र-होरी, धनिया, झुनिया, गोबर, रूपा, सोना, भोला, हीरा, दातादीन, मेहता, मालती, रायसाहब आदि हैं।

6. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 31 जुलाई 1947 को गठित देवनागरी-लिपि सुधार समिति के अध्यक्ष कौन थे?

Correct Answer: (c) आचार्य नरेन्द्र देव
Solution:

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 31 जुलाई 1947 को गठित देवनागरी-लिपि सुधार समिति के अध्यक्ष 'आचार्य नरेन्द्र देव' थे।
• इस समिति की कुल 9 बैठके हुई तथा समिति ने 25 मई 1949 ई. को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
• उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित 'लिपि सुधार परिषद' की बैठक की अध्यक्षता तत्कालीन उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने की थी।

7. "संवत् 1955 में उन्होंने उपन्यास मासिक पत्र निकाला और द्वितीय उत्थान काल के भीतर 65 छोटे बड़े उपन्यास लिखकर प्रकाशित किए। "आचार्य शुक्ल का यह कथन किस उपन्यासकार के बारे में हैं:

Correct Answer: (b) किशोरीलाल गोस्वामी
Solution:“संवत् 1955 में उन्होंने उपन्यास मासिक पत्र निकाला और द्वितीय उत्थान काल के भीतर 65 छोटे बड़े उपन्यास लिखकर प्रकाशित किए।" यह कथन आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने किशोरी लाल गोस्वामी के संबंध में कहा है।
• बालकृष्ण भट्ट ने 'हिन्दी प्रदीप' (1877 ई.) प्रयाग से मासिक पत्र निकाला।
• प्रेमचंद ने 'हंस' (1930 ई.) बनारस से मासिक पत्रिका का संपादन किया।

8. निम्नलिखत में कौन सी कृति मलूकदास की नहीं है?

Correct Answer: (c) ज्ञानसमुद्र
Solution:'ज्ञानसमुद्र' मलूकदास की कृति नहीं है, जबकि ज्ञानबोध रतनखान, ज्ञान परोछि (अवधी भाषा), भक्ति विवेक, बारह खड़ी, ध्रुवचरित, सुखसागर, शब्द (ब्रज भाषा में) आदि की रचना मलूकदास ने की।
• ज्ञान समुद्र तथा सुन्दर विलास 'सुन्दर दास' की कृति है।

9. रचनाओं के प्रथम प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से पहले से बाद के क्रम में लगाइए;

A.सब कुछ होना बचा रहेगा
B. मगध
C. अपनी केवल धार
D. चाँद की वर्तनी
E. अकाल में सारस
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन  कीजिए :

Correct Answer: (c) C,B,E,A,D
Solution:रचनाओं के प्रथम प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से पहले से बाद के क्रम में इस प्रकार है-
काव्यरचनाकारप्रकाशनवर्ष
अपनी केवल धारअरूण कमल1980 ई.
मगधश्रीकान्त वर्मा1984 ई.
अकाल में सारसकेदारनाथ सिंह1988 ई.
सबकुछ होना बचा रहेगाविनोद कुमार शुक्ल1992 ई.
चाँद की वर्तनीराजेश जोशी2006 ई.

10. नननपुर हाट का जिक्र किस कहानी में आया है?

Correct Answer: (b) तीसरी कसम अर्थात मारे गए गुलफाम
Solution:फणीश्वरनाथ रेणु कृत तीसरी कसम अर्थात मारे गए गुलफाम (1956ई.) कहानी में 'नननपुर हाट' का जिक्र आया है।
  • शेखर जोशी कृत 'कोसी का घटवार' (1958ई.) पहाड़ी परिवेश की कहानी है।
  • हिंदी की पहली कहानी माधवराव सप्रे द्वारा रचित 'एक टोकरी भर मिट्टी' छत्तीसगढ़ मित्र पत्रिका में अप्रैल 1901 ई.मे प्रकाशित हुई।