NTA यू.जी.सी. नेट जेआरएफ परीक्षा, जून-2023 (हिन्दी) Shift-II

Total Questions: 100

71. निम्न में से कौन मजदूरी और प्रेम निबंध के उपशीर्षक हैं?

A.मजदूर की मजदूरी
B. मजदूर की मजबूती
C. प्रेम- मजदूरी
D. मजदूरी और कला
E.मजदूरी और जीवन
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (a) केवल A, C और D
Solution:

सरदार पूर्ण सिंह कृत 'मजदूरी और प्रेम' निबन्ध के उपशीर्षक निम्न हैं-(1) हल चलाने का जीवन (2) गड़रिये का जीवन (3) मजदूर की मजदूरी (4) प्रेम-मजदूरी (5) मजदूरी और कला (6) मजदूरी और फकीरी (7) समाज का पालन करने वाली दूध की धारा (8) पश्चिमी सभ्यता का नया आदर्श। सरदार पूर्ण सिंह के निबन्ध (1) सच्ची वीरता (2) आचरण की सभ्यता (3) मजदूर और प्रेम (4) अमेरिका का मस्त कवि वाल्ट हिटमैन (5) कन्यादान और (6) पवित्रता।

72. 'हवन' उपन्यास निम्न में से किस की कृति है :

Correct Answer: (b) सुषम बेदी
Solution:

'हवन' उपन्यास सुषम वेदी का है। 'हवन' उपन्यास में अमेरिका में प्रवासियों की जिन्दगी का यथार्थ चित्रण करने वाला उपन्यास है। सुषमा वेदी के प्रमुख उपन्यास हवन (1989 ई.), लौटना (1992 ई.), नवभूमि की रसकथा (2002 ई.), गाथा अमरबेल की (1999 ई.), इतर (1999 ई.) मैंने नाता तोड़ा (2009 ई.), पानी केरा बुदबुदा (2017 ई.) आदि।
उषा प्रियंवदा के प्रमुख उपन्यास-पचपन खम्भे लाल दीवारे (1961 ई.), रूकोगी नहीं राधिका (1967 ई.), शेषयात्रा (1984 ई.), अन्तर्वशी (2000 ई.), भए कबीर उदास (2007 ई.)।

73. महत्मा गाँधी के 'हिन्द स्वराज' के संबंध में उपयुक्त कथन कौन से हैं?

A. हिन्द स्वराज मूल रूप से गुजराती में लिखी गई हैं?
B. इसमें भारत को विश्व शक्ति के रूप में देखने की अभिलाषा व्यक्त हुई है।
C. इसमें सभ्यता दर्शन पर विचार किया गया है।
D. इसके अनुसार सत्याग्रह को आत्म बल से पाया जा सकता है।
E. इसमें अंग्रजी की शिक्षा को उपयोगी बताया गया है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

Correct Answer: (c) केवल A, C और D
Solution:महात्मा गांधी के 'हिन्द स्वराज' के संबंध में उपयुक्त कथन है-
(1) 'हिन्द स्वराज' मूल रूप से गुजराती में लिखी गई है।
(2) इसमें सभ्यता दर्शन पर विचार किया गया है।
(3) इसके अनुसार सत्याग्रह को आत्मबल से पाया जा सकता है।
अन्य कथनों में-
(4) इसमें भारत को विश्व शक्ति के रूप में देखने की अभिलाषा व्यक्त हुई है गलत है।
(5) इसमें अंग्रेजी की शिक्षा को उपयोगी बताया गया है जो कि कथन गलत है।
हिन्द स्वराज, गांधी जी द्वारा लिखी पुस्तक है। मूल रचना 1909 ई. में गुजराती में थी। यह लगभग तीस हजार शब्दों की लघु पुस्तिका है। जिसको गांधी जी ने अपनी इंग्लैंड से दक्षिण अफ्रीका की यात्रा के समय पानी के जहाज में लिखी।

74. 'परी घोर तन दग मम अग्ग जुह्न सुरतन, अब इह मत विचारिये, लरन मरन परवान' पृथ्वीराज रासो' में यह किस पात्र का थन है?

Correct Answer: (b) पृथ्वीराज चौहान
Solution:'परी षोर तन दग मम अग्ग जुह्न सुरतान, अब इस मत विचारिये लरन मरन परवान' पृथ्वी राज रासो महाकाव्य में यह कथन पृथ्वीराज चौहान का है। पृथ्वीराज रासो महाकाव्य के लेखक चन्दबरदाई है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने पृथ्वीराज रासो को हिन्दी का प्रथम महाकाव्य तथा चन्दबरदाई को हिन्दी का प्रथम कवि कहा है। पृथ्वीराजारासो महाकाव्य के अन्य प्रमुख पात्र है-चामंडराम, सामंत, रघुवंश राम तथा जयचंद आदि।

75. बिहारी के काव्य के संबंध में वासुदेव सिंह का कथन है-

A. बिहारी ने सामंती प्रेम का अत्यंत निष्ठापूर्वक वर्णन किया है।
B. अनुभावों और हावों की सुन्दर योजना है।
C. क्रमगत पदविन्यास का विनियोग हुआ है।
D. भारतीय साहित्य में बिहारी का जैसा काव्य दुर्लभ है।
E. उनके लिए प्रेम जीवन मरण का प्रश्न नहीं है, क्रीडा मात्र है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (c) केवल A और E
Solution:बिहारी काव्य के संबंध में वासुदेव सिंह का कथन है कि बिहारी ने सामंती प्रेम का अत्यंत निष्ठापूर्वक वर्णन किया है। उनके लिए प्रेम जीवन मरण का प्रश्न नहीं है, क्रीडा मात्र है। बिहारी रीति काल के सर्वश्रेष्ठ कवि है। बिहारी सतसई की प्रथम टीका लिखने वाले कृष्णलाल कवि है। बिहारी सतसई को शक्कर की रोटी कहने वाले पद्मसिंह शर्मा है। हजारी प्रसाद द्विवेदी ने बिहारी सतसई को रसिको के हृदय का घर कहा है।

76. सूची । का सूची II से मिलान कीजिए

सूची I (पात्र)सूची II (कहानी)
A. मालतीI. परिंदे
B. लछमाII. लाल पान की बेगम
C. लतिकाIII. कोसी का घटवार
D. चंपियाIV. गैंग्रीन

निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

Correct Answer: (b) A-IV, B-III,C-I, D-II
Solution:पात्र तथा कहानी का सही मिलान निम्न है-
पात्रकहानीकहानीकारप्रकाशन वर्ष
मालतीगैंग्रीन (रोज)अज्ञेय1934 ई.
लछमाकोसी का घटवारशेखर जोशी1958 ई.
लतिकापरिंदेनिर्मल वर्मा1960 ई.
चंपियालालपान की बेगमफणीश्वर नाथ रेणु1957 ई.

77. पुष्टिमार्गियों की मान्यताएँ निम्नवत हैं:

A. भागवान के अनुग्रह पर भरोसा करते हैं।
B. स्वर्ग प्राप्ति में विश्वास नहीं रखते ।
C. नित्यलीला में प्रवेश का विश्वास बना रहता है।
D. प्रवाह जीव सांसारिक सुखों की प्राप्ति में लगे रहते हैं।
E. विधि-निषेधों का पालन नहीं करते ।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन किजिए:

Correct Answer: (c) केवल A, C और D
Solution:पुष्टिमार्गी सम्प्रदाय के प्रवर्तक बल्लभाचार्य हैं। पुष्टमार्गियों की मान्यताएं निम्नवत् हैं-
(1) भगवान के अनुग्रह पर भरोसा करते हैं।
(2) नित्यलीला में प्रवेश का विश्वास बना रहता है।
(3) प्रवाह जीव सांसारिक सुखों की प्राप्ति में लगे रहते हैं।

78. धूमिल की किस कविता में 'एकता युद्ध की और 'दया अकाल की पूँजी' के रूप में बताई गई हैं?

Correct Answer: (b) अकालदर्शन
Solution:'धूमिल' की कविता अकालदर्शन में 'एकता युद्ध की' और 'दया अकाल की पूंजी' के रूप में बताई गई है। धूमिल हिन्दी के समकालीन कविता के दौर के मील के पत्थर सरीखें कवियों में एक है। इनके तीन काव्य संग्रह प्रकाशित हैं-
(1) संसद से सड़क तक 1972
(2) कल सुनना मुझे-1976
(3) सुदामा पाण्डे का प्रजातंत्र-1989 जो कि धूमिल समग्र नाम से तीन खण्डों में प्रकाशित है। इन्हें मरणोपरांत 1979 ई. में 'कल सुनना मुझे' काव्य संग्रह के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। धूमिल की लोक प्रिय कविताएँ है-मोचीराम बीस साल बाद, पटकथा, रोटी और संसद, लोहे का स्वाद नक्सलबाड़ी आदि।

79. निम्नलिखित में से अर्धमागधी अपभ्रंश से किस बोली का संबंध है?

Correct Answer: (a) अवधी
Solution:अर्धमागधी अपभ्रंश से अवधी बोली का संबंध है। अर्धमागधी अपभ्रंश से पूर्वी हिन्दी की बोलियों का संबंध है। जिसके अन्तर्गत अवधी, बघेली तथा छत्तीसगढ़ी बोलियाँ आती हैं। जबकि मगही, मैथिली तथा भोजपुरी बोलियों का संबंध मागधी अपभ्रंश से है। कन्नौजी का संबंध शौरसेनी अपभ्रंश से है।

80. "तुम जड़ पाषाण पिंड हो, तुम्हारे अंदर न देवता है न पशु है, है एक अडिग जड़ता।" बाणभट्ट की आत्मकथा उपन्सास में यह कथन निम्नलिखित में से किस पात्र का है?

Correct Answer: (d) निउनिया
Solution:"तुम जड़ पाषाण पिंड हो, तुम्हारे अन्दर न देवता हैं न पशु है, है एक अडिग जड़ता।" बाणबद्ध की आत्मकथा उपन्यास में यह कथन 'निउनिया' का है। बाणभट्ट उपन्यास के लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी हैं। इस उपन्यास के प्रमुख पात्र हैं-सुचरिता, महामाया, भट्टिनी, मातुल, कालिदास आदि।