Solution:यह नाटक इस अर्थ में समकालीन नाटक है कि यह किसी भी समय के अन्याय, अनाचार, भ्रष्टाचार, विवेक शून्यता और मनमाने पर रोशनी डालता है। इस प्रहसन में व्यंग्य के माध्यम से जो कुछ भी कहा गया है, उतना ही अधिक कहने की गुंजाइश भी है।" अंधेर नगरी नाटक के संबंध में यह कथन सत्यप्रकाश मिश्र का है।' 'अंधेर नगरी' नाटक के लेखक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र है। यह एक प्रहसन नाटक इसमें कुल छः अंक हैं।