कथन (I) : 'गोदान' के अनुसार बेलारी और सेमरी में केवल पाँच मील का अन्तर है।
कथन (II) : 'वह ज्ञान, जो मानवता को पीस डाले, ज्ञान नहीं है, कोल्हू है' - यह कथन 'गोदान' उपन्यास के पात्र ओंकारनाथ का है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चयन कीजिए:
Correct Answer: (c) कथन I सत्य है, लेकिन कथन II असत्य है
Solution:गोदान प्रेमचन्द का प्रमुख उपन्यास है। गोदान के अनुसार बेलारी और सेमरी में केवल पाँच मील का अन्तर है। जबकि वह ज्ञान, जो मानवता को पीस डालें, ज्ञान नहीं है, कोल्हू है। यह कथन गोदान उपन्यास के पात्र ओंकारनाथ का नहीं है अपितु यह कथन गोदान उपन्यास के प्रमुख पात्र 'मेहता' का है, जो वह गोविन्दी से कहता है। गोदान उपन्यास के प्रमुख पात्र हैं- होरी, धनिया, गोबर,रायसाहब, ओंकारनाथ, भोला, हीरा, गोविन्दी, मिर्जा खुर्शीद, दातादीन, मातादीन आदि। प्रेमचंद के अन्य प्रमुख उपन्यास व उनके पात्र हैं-
उपन्यासप्रमुख पात्र
रंगभूमि - सूरदास, सोफिया, विनय, प्रभु सेवक, जानसेवक, ताहिर अली, राजा महेन्द्र कुमार सिंह ।
सेवासदन - सुमन, गजाधर, भोली, कृष्णचन्द्र, शांता, पद्मसिंह ।
कर्मभूमि - सुखदा, रेणुका, नैना, लाला सकरकांत, अमरकांत ।
कायाकल्प - यशोदानन्दन, चक्रधर, वज्रधर, रानी देवीप्रिया।
प्रेमाश्रम - प्रेमशंकर, ज्ञानशंकर, मनोहर, बलराज, प्रभाशंकर, दयाशंकर आदि।
गबन - रामनाथ, देवीदीन, इन्द्रभूषण, जालपा, रतन, जोहरा, रामेश्वरी आदि।